ब्रेस्ट ऑग्मेंटेशन (इम्प्लांट्स)
ब्रेस्ट ऑग्मेंटेशन (इम्प्लांट्स) | जोखिम, जटिलताएं और कैप्सूलर कॉन्ट्रैक्चर
चिकित्सीय रूप से प्रमाणित व समीक्षित: प्रमाणित: डॉ. विशाल पुरोहित (MCh प्लास्टिक सर्जरी) • RMC Reg. 28041/14185 • अक्टूबर 2026
प्रमाणित चिकित्सीय उत्तर
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जोखिम, जटिलताएं और कैप्सूलर कॉन्ट्रैक्चर
कैप्सूलर कॉन्ट्रैक्चर क्या है और इससे कैसे बचा जाता है?
#कैप्सूलर कॉन्ट्रैक्चर एक ऐसी स्थिति है जिसमें इम्प्लांट के चारों ओर बनने वाली प्राकृतिक झिल्ली बहुत सख्त हो जाती है, जिससे स्तन में कड़ापन आ सकता है।
क्लिनिकल प्रमाण एवं पैथोलॉजी (Clinical Context)
आधुनिक तकनीकों में इसका खतरा 2% से भी कम होता है। सर्जरी के दौरान 'नो-टच' फनल तकनीक और एंटीबायोटिक वॉश का उपयोग करके बैक्टीरिया से पूरी सुरक्षा रखी जाती है।
सर्जिकल रिकवरी एवं पोस्ट-ऑप प्रोटोकॉल
उच्च गुणवत्ता वाले एफडीए इम्प्लांट्स और प्रमाणित सर्जिकल प्रोटोकॉल से यह समस्या नहीं होती।
समीक्षक:Dr. Vishal Purohit, MBBS, MS, MCh (Plastic Surgery)•RMC पंजीकरण 28041/14185•अंतिम समीक्षा: अक्टूबर 2026
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