ब्रेस्ट रिडक्शन (स्तन कमी) | ब्रेस्ट रिडक्शन और ब्रेस्ट कैंसर
चिकित्सीय रूप से प्रमाणित व समीक्षित: प्रमाणित: डॉ. विशाल पुरोहित (MCh प्लास्टिक सर्जरी) • RMC Reg. 28041/14185 • अक्टूबर 2026
ब्रेस्ट रिडक्शन और ब्रेस्ट कैंसरक्या ब्रेस्ट रिडक्शन से संदिग्ध ब्रेस्ट टिशू (Suspicious Breast Tissue) को हटाया जा सकता है?
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क्या ब्रेस्ट रिडक्शन से संदिग्ध ब्रेस्ट टिशू (Suspicious Breast Tissue) को हटाया जा सकता है?
#हाँ, ब्रेस्ट रिडक्शन के दौरान अतिरिक्त टिशू के साथ-साथ किसी भी संदिग्ध गांठ या घने टिशू को सुरक्षित रूप से निकाल दिया जाता है और अनिवार्य रूप से लैब जांच कराई जाती है।
ब्रेस्ट रिडक्शन में डॉ. विशाल पुरोहित के अनुभव में आमतौर पर प्रति स्तन 400 से 1500 ग्राम तक ग्लैंडुलर टिशू निकाला जाता है, जो मुख्य रूप से दोनों स्तनों के निचले और बाहरी हिस्से से हटाया जाता है। यदि सर्जरी से पहले किसी हिस्से में फाइब्रोसिस्टिक बदलाव, बारीक कैल्सीफिकेशन या कोई छोटी गांठ पाई जाती है, तो डॉक्टर उस हिस्से को निकाले जाने वाले टिशू में शामिल करके शरीर से बाहर निकाल देते हैं। इससे भविष्य में उस जगह किसी बीमारी के पनपने का खतरा काफी कम हो जाता है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि ऑपरेशन थिएटर से निकाले गए सभी टिशू को अनिवार्य रूप से पैथोलॉजी लैब में बायोप्सी के लिए भेजा जाता है ताकि पुष्टि हो सके कि टिशू पूरी तरह स्वस्थ है। जयपुर में डॉ. विशाल पुरोहित कैंसर सुरक्षा के सभी नियमों का कड़ाई से पालन करते हैं।
लैब जांच से पूरी सुरक्षा सुनिश्चित होती है। 7 से 10 दिनों में डेस्क का काम शुरू हो जाता है, और सपोर्ट ब्रा 4 सप्ताह तक 24 घंटे पहननी होती है, फिर अगले 4 सप्ताह तक किसी भी गतिविधि के दौरान पहनना अनिवार्य होता है। 6 से 8 सप्ताह बाद भारी कसरत शुरू करें।
ब्रेस्ट रिडक्शन और ब्रेस्ट कैंसरक्या ब्रेस्ट रिडक्शन से ब्रेस्ट कैंसर का खतरा कम (Reduced Risk of Breast Cancer) होता है?
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क्या ब्रेस्ट रिडक्शन से ब्रेस्ट कैंसर का खतरा कम (Reduced Risk of Breast Cancer) होता है?
#डॉ. विशाल पुरोहित बताते हैं कि नैदानिक अध्ययनों से यह साबित हुआ है कि ब्रेस्ट रिडक्शन सर्जरी से जीवन भर में ब्रेस्ट कैंसर होने का खतरा 30 से 50% तक कम हो जाता है क्योंकि ग्लैंड टिशू का एक बड़ा हिस्सा निकाल दिया जाता है।
यह ब्रेस्ट रिडक्शन का एक बहुत बड़ा और वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित स्वास्थ्य लाभ है। ब्रेस्ट कैंसर आमतौर पर स्तनों की दूध बनाने वाली ग्रंथियों (डक्ट्स और लोब्यूल्स) की कोशिकाओं में शुरू होता है। जब सर्जरी द्वारा 50% से 70% तक ग्लैंडुलर टिशू को हमेशा के लिए निकाल दिया जाता है, तो कैंसर बनने की संभावना वाली कोशिकाओं की संख्या आधी से भी कम रह जाती है। इसके अलावा, स्तनों के छोटे होने से भविष्य में मैमोग्राफी और जांच बहुत आसान और सटीक हो जाती है। यद्यपि यह जेनेटिक म्यूटेशन (बीआरसीए) वाली महिलाओं में मास्टेक्टॉमी का विकल्प नहीं है, लेकिन यह कैंसर के जोखिम से एक प्रमाणित सुरक्षात्मक लाभ प्रदान करता है। अपनी प्रैक्टिस में, डॉ. विशाल पुरोहित इसके अलावा यह भी बताते हैं कि घने फाइब्रोग्लैंडुलर टिशू को हटाने से भविष्य की मैमोग्राफी की संवेदनशीलता और नैदानिक सटीकता में सुधार होता है।
कैंसर का जोखिम काफी घट जाता है। डॉ. पुरोहित की प्रैक्टिस में, 7 से 10 दिनों में डेस्क वर्क शुरू हो जाता है, जबकि सपोर्ट ब्रा को 4 सप्ताह तक दिन में 24 घंटे और फिर अगले 4 सप्ताह तक सीधे खड़े रहने की गतिविधियों के दौरान पहनना होता है। 6 सप्ताह बाद भारी कसरत शुरू करें।
ब्रेस्ट रिडक्शन और ब्रेस्ट कैंसरक्या सर्जरी में निकाले गए ब्रेस्ट टिशू की कैंसर जांच (Biopsy / Lab Testing) की जाएगी?
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क्या सर्जरी में निकाले गए ब्रेस्ट टिशू की कैंसर जांच (Biopsy / Lab Testing) की जाएगी?
#हाँ, सर्जरी में निकाले गए सभी टिशू को अनिवार्य रूप से मान्यता प्राप्त पैथोलॉजी लैब में हिस्टोपैथोलॉजिकल बायोप्सी जांच के लिए भेजा जाता है, जिसका कड़ा निर्देश डॉ. विशाल पुरोहित मरीज की पूर्ण सुरक्षा के लिए देते हैं।
ऑपरेशन थिएटर से निकाले गए हर एक टिशू की लैब जांच कराना अंतरराष्ट्रीय प्लास्टिक सर्जरी का अनिवार्य नियम है। दोनों स्तनों से निकाले गए टिशू को अलग-अलग चिह्नित करके तुरंत पैथोलॉजी लैब भेजा जाता है। वहाँ पैथोलॉजिस्ट सूक्ष्मदर्शी से टिशू की पूरी जांच करते हैं ताकि किसी भी छिपी हुई गांठ, असामान्य कोशिकाओं या सूक्ष्म बीमारी की जांच हो सके। यह जांच लगभग 1% उन महिलाओं में छिपे हुए शुरुआती लक्षणों को पकड़ने में मदद करती है जिनमें पहले कोई लक्षण नहीं थे। सर्जरी के 5 से 7 दिनों में मरीज को इसकी लिखित पैथोलॉजी रिपोर्ट दी जाती है जिससे पूरी तरह मन को शांति मिल जाती है। जयपुर में डॉ. विशाल पुरोहित सुरक्षा मानकों से कोई समझौता नहीं करते।
बायोप्सी से पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलती है। 7 से 10 दिनों में डेस्क वर्क शुरू हो जाता है और 4 सप्ताह तक दिन में 24 घंटे सपोर्ट ब्रा पहनना, फिर अगले 4 सप्ताह तक सीधी रहने वाली गतिविधियों के दौरान पहनना अनिवार्य होता है। 6 सप्ताह बाद भारी कसरत शुरू करें।
ब्रेस्ट रिडक्शन और ब्रेस्ट कैंसरक्या ब्रेस्ट रिडक्शन सर्जरी के दौरान छिपे हुए ब्रेस्ट कैंसर (Occult Breast Cancer) का पता चल सकता है?
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क्या ब्रेस्ट रिडक्शन सर्जरी के दौरान छिपे हुए ब्रेस्ट कैंसर (Occult Breast Cancer) का पता चल सकता है?
#हाँ, लगभग 0.5 से 1.5% मामलों में निकाले गए टिशू की जांच में बहुत शुरुआती स्तर के छिपे हुए कैंसर या असामान्य कोशिकाओं का पता चल सकता है, जिसे जयपुर में डॉ. विशाल पुरोहित तुरंत ऑन्कोलॉजिस्ट की मदद से उचित उपचार द्वारा प्रबंधित कराते हैं।
चूंकि सर्जरी में निकाला गया पूरा टिशू लैब में बहुत बारीकी से जांचा जाता है, इसलिए लगभग 1% मामलों में बहुत ही शुरुआती (स्टेज 0 या 1) की सूक्ष्म कोशिकाओं का पता चल जाता है जो मैमोग्राम में भी नहीं दिख पाई थीं। यह मरीज के लिए एक जीवन-रक्षक खोज साबित होती है क्योंकि बीमारी के फैलने या गांठ बनने से सालों पहले ही उसका पता चल जाता है। चूंकि टिशू पहले ही काटा जा चुका होता है, इसलिए ऑन्कोलॉजिस्ट की देखरेख में तुरंत साधारण इलाज करके बीमारी को समय रहते प्रभावी रूप से नियंत्रित कर लिया जाता है। जयपुर में डॉ. विशाल पुरोहित की टीम ऐसे दुर्लभ मामलों में तुरंत विशेषज्ञ कैंसर सर्जनों के साथ मिलकर मरीज का पूरा इलाज कराती है।
शुरुआती पकड़ से पूरा जीवन सुरक्षित हो जाता है। 7 से 10 दिनों में डेस्क वर्क शुरू हो जाता है और उनके प्रोटोकॉल के तहत सपोर्ट ब्रा पहनना जारी रहता है। 6 से 8 सप्ताह बाद भारी कसरत शुरू करें।
ब्रेस्ट रिडक्शन और ब्रेस्ट कैंसरक्या ब्रेस्ट रिडक्शन के बाद मैमोग्राम (Mammogram After Surgery) कराना जरूरी है?
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क्या ब्रेस्ट रिडक्शन के बाद मैमोग्राम (Mammogram After Surgery) कराना जरूरी है?
#हाँ, सर्जरी के 6 से 12 महीने बाद एक नया बेसलाइन मैमोग्राम कराना बहुत जरूरी है ताकि भविष्य की जांचों के लिए स्तनों के नए टिशू और अंदरूनी निशानों का एक साफ रिकॉर्ड बन सके, जिसकी सलाह डॉ. विशाल पुरोहित देते हैं।
सर्जरी के बाद अंदरूनी टिशू की बनावट बदल जाती है और टांकों के सामान्य निशान बन जाते हैं। 6 से 12 महीने बाद जब सूजन पूरी तरह खत्म हो जाए, तब एक नया मैमोग्राम कराने से यह रिकॉर्ड बन जाता है कि सर्जरी के बाद स्तन अंदर से कैसे दिखते हैं। जब आप भविष्य में 40 या 50 साल की उम्र में नियमित सालाना मैमोग्राम कराएंगी, तो डॉक्टर इस बेसलाइन रिपोर्ट से तुलना करके तुरंत बता सकेंगे कि सब कुछ सामान्य है और कोई भ्रम नहीं होगा। स्तनों के छोटे होने के कारण मैमोग्राम कराना पहले की तुलना में बहुत कम दर्दनाक और बहुत आसान हो जाता है। जयपुर में डॉ. विशाल पुरोहित सही समय पर मैमोग्राम कराने का पूरा पर्चा देते हैं।
भविष्य की जांच बहुत आसान हो जाती है। 7 से 10 दिनों में डेस्क वर्क शुरू हो जाता है और 4 सप्ताह तक 24 घंटे सपोर्ट ब्रा पहनना अनिवार्य होता है, उसके बाद अगले 4 सप्ताह तक सीधे खड़े रहने या चलने-फिरने के दौरान इसे पहनना होता है। 6 सप्ताह बाद भारी कसरत शुरू करें।
ब्रेस्ट रिडक्शन और ब्रेस्ट कैंसरसर्जरी के कितने समय बाद मैं मैमोग्राम (How Soon to Have Mammogram) करा सकती हूँ?
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सर्जरी के कितने समय बाद मैं मैमोग्राम (How Soon to Have Mammogram) करा सकती हूँ?
#आपको सर्जरी के कम से कम 6 महीने बाद—और आदर्श रूप से 12 महीने बाद—ही नियमित मैमोग्राम कराना चाहिए ताकि घाव भरने के निशानों को किसी बीमारी का भ्रम न समझा जाए, जिसकी सलाह डॉ. विशाल पुरोहित देते हैं।
सर्जरी के तुरंत बाद (पहले 3 से 6 महीनों में) स्तनों के अंदर हल्की सूजन, टांके और नए टिशू बन रहे होते हैं। यदि इस दौरान मैमोग्राम कराया जाए, तो सामान्य सूजन और टांकों के निशान भी एक्सरे में घने दिख सकते हैं जिससे रिपोर्ट में भ्रम पैदा हो सकता है और मरीज को बेवजह चिंता हो सकती है। 6 से 12 महीने बाद अंदरूनी घाव पूरी तरह शांत और स्थिर हो जाते हैं, जिसके बाद मैमोग्राम कराने पर बिल्कुल साफ और सटीक रिपोर्ट मिलती है। यदि 6 महीने से पहले कोई गांठ या समस्या लगे, तो मैमोग्राम की बजाय सोनोमैमोग्राफी (अल्ट्रासाउंड) कराना सुरक्षित रहता है। जयपुर में डॉ. विशाल पुरोहित सही समय पर जांच कराने का मार्गदर्शन देते हैं।
उचित समय पर जांच से कोई भ्रम नहीं होता। डॉ. विशाल पुरोहित के प्रोटोकॉल के अनुसार, 7 से 10 दिनों में डेस्क वर्क शुरू हो जाता है, और सपोर्ट ब्रा 4 सप्ताह तक 24 घंटे पहनी जाती है, फिर अगले 4 सप्ताह तक जब भी लेटे न हों तब पहननी होती है। 6 सप्ताह बाद भारी कसरत शुरू करें।
ब्रेस्ट रिडक्शन और ब्रेस्ट कैंसरक्या ब्रेस्ट रिडक्शन से ब्रेस्ट कैंसर को पकड़ना या पहचानना (Harder to Detect) कठिन हो जाएगा?
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क्या ब्रेस्ट रिडक्शन से ब्रेस्ट कैंसर को पकड़ना या पहचानना (Harder to Detect) कठिन हो जाएगा?
#नहीं, ब्रेस्ट रिडक्शन से कैंसर को पकड़ना बिल्कुल कठिन नहीं होता; बल्कि भारी टिशू कम होने से मैमोग्राम और हाथों द्वारा की जाने वाली जांच पहले से कहीं अधिक आसान और सटीक हो जाती है, जिसकी पुष्टि डॉ. विशाल पुरोहित करते हैं।
बहुत भारी और लटके हुए स्तनों में कई बार अंदर गहराई में छिपी छोटी गांठों को हाथ से या मैमोग्राम से पकड़ना बहुत मुश्किल होता है क्योंकि ऊपर टिशू की बहुत मोटी परत होती है। सर्जरी के बाद जब स्तन हल्के और सुडौल हो जाते हैं, तो मैमोग्राम की किरणें बहुत आसानी से पूरे टिशू को देख सकती हैं और यदि कोई छोटी सी भी नई गांठ बने तो वह तुरंत पकड़ में आ जाती है। खुद मरीज भी नहाते समय किसी भी बदलाव को बहुत जल्दी महसूस कर सकती हैं। रेडियोलॉजिस्ट सर्जरी के सामान्य निशानों और असली बीमारी के अंतर को बहुत अच्छी तरह पहचानते हैं। इसलिए सर्जरी से कैंसर की जांच कठिन नहीं, बल्कि और आसान हो जाती है। जयपुर में डॉ. विशाल पुरोहित इसकी पूरी जानकारी देते हैं।
जांच बहुत आसान और सटीक हो जाती है। 7 से 10 दिनों में सामान्य काम शुरू हो जाता है और 4 सप्ताह पूरे समय तथा अगले 4 सप्ताह सक्रिय गतिविधियों के दौरान सपोर्ट ब्रा पहनना अनिवार्य होता है। 6 सप्ताह बाद भारी कसरत शुरू करें।
ब्रेस्ट रिडक्शन और ब्रेस्ट कैंसरयदि मुझमें ब्रेस्ट कैंसर का उच्च जेनेटिक जोखिम (High Genetic Risk / BRCA) है, तो क्या मैं ब्रेस्ट रिडक्शन करा सकती हूँ?
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यदि मुझमें ब्रेस्ट कैंसर का उच्च जेनेटिक जोखिम (High Genetic Risk / BRCA) है, तो क्या मैं ब्रेस्ट रिडक्शन करा सकती हूँ?
#हाँ, आप ब्रेस्ट रिडक्शन करा सकती हैं, लेकिन यदि बीआरसीए (BRCA) म्यूटेशन है तो आपको यह भी विचार करना चाहिए कि क्या प्रिवेंटिव मास्टेक्टॉमी (हटाकर नया बनाना) आपके जीवन के लिए अधिक सुरक्षित विकल्प है, जिसकी सलाह डॉ. विशाल पुरोहित देते हैं।
जिन महिलाओं में बीआरसीए-1 या बीआरसीए-2 जैसे जेनेटिक म्यूटेशन होते हैं, उनमें जीवन में ब्रेस्ट कैंसर होने का जोखिम 70-80% तक होता है। ब्रेस्ट रिडक्शन कराने से कुछ टिशू निकल जाता है जिससे खतरा थोड़ा कम होता है, लेकिन अंदर काफी टिशू बचा रहता है इसलिए यह कैंसर का पक्का बचाव नहीं है। ऐसे हाई-रिस्क मामलों में निप्पल-स्पेयरिंग मास्टेक्टॉमी और तुरंत नया ब्रेस्ट बनाने (रिकंस्ट्रक्शन) की स्थापित ऑन्कोलॉजिकल सलाह दी जाती है जो कैंसर के खतरे को 90% से 95% तक कम कर देती है। यदि कोई महिला जेनेटिक काउंसिलिंग के बाद मास्टेक्टॉमी नहीं कराना चाहती, तो रिडक्शन मैमोग्लास्टी करके हर साल बारी-बारी से मैमोग्राफी और कंट्रास्ट एमआरआई की सख्त निगरानी में रखा जा सकता है। जब पारिवारिक जोखिम अधिक हो, तो डॉ. विशाल पुरोहित जेनेटिक काउंसिलिंग (BRCA1/BRCA2) की व्यवस्था करते हैं और सर्जरी से पहले मैमोग्राम या ब्रेस्ट अल्ट्रासाउंड अनिवार्य करते हैं, साथ ही निकाले गए सभी ब्रेस्ट टिशू को हमेशा हिस्टोपैथोलॉजी के लिए भेजा जाता है।
विशेषज्ञ सलाह से सही फैसला लिया जा सकता है। 7 से 10 दिनों में डेस्क वर्क शुरू हो जाता है, और 4 सप्ताह तक 24 घंटे सपोर्ट ब्रा पहननी होती है (तथा अगले 4 सप्ताह तक खड़े रहने या सामान्य गतिविधियों के दौरान इसे पहना जाता है)। 6 सप्ताह बाद जिम, खेलकूद और कसरत शुरू कर सकते हैं।
ब्रेस्ट रिडक्शन और ब्रेस्ट कैंसरक्या ब्रेस्ट रिडक्शन को ब्रेस्ट कैंसर की सर्जरी (Oncoplastic Surgery) के साथ जोड़ा जा सकता है?
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क्या ब्रेस्ट रिडक्शन को ब्रेस्ट कैंसर की सर्जरी (Oncoplastic Surgery) के साथ जोड़ा जा सकता है?
#हाँ, कैंसर की गांठ को पूरी सुरक्षा से निकालने और उसी समय दोनों स्तनों को सुंदर गोल आकार देकर बराबर करने के लिए ऑन्कोप्लास्टिक ब्रेस्ट रिडक्शन सर्जरी नियमित रूप से की जाती है, जिसे डॉ. विशाल पुरोहित जैसे प्लास्टिक सर्जन करते हैं।
ऑन्कोप्लास्टिक सर्जरी कैंसर के इलाज और प्लास्टिक सर्जरी का एक आधुनिक और सुंदर संगम है। जब किसी भारी स्तनों वाली महिला को कैंसर की गांठ होती है, तो साधारण ऑपरेशन से स्तन विकृत या गड्ढेदार हो सकता है। ऑन्कोप्लास्टिक सर्जरी में कैंसर सर्जन गांठ को चारों तरफ से बड़े मार्जिन के साथ पूरी तरह निकाल देते हैं, और उसी ऑपरेशन में डॉ. विशाल पुरोहित उस स्तन को प्लास्टिक सर्जरी से दोबारा सुंदर गोल आकार दे देते हैं। साथ ही दूसरे स्तन को भी उसी आकार का बनाकर दोनों में एक समान समरूपता बना दी जाती है। इससे मरीज कैंसर के इलाज के साथ-साथ स्तनों के सुंदर व बेहतर आकार का लाभ भी पा सकती हैं। जयपुर में डॉ. विशाल पुरोहित ऑन्कोप्लास्टिक सर्जरी करते हैं।
कैंसर के इलाज और सुंदर आकार एक साथ मिलते हैं। 7 से 10 दिनों में डेस्क वर्क (सामान्य काम) शुरू हो जाता है, 4 सप्ताह तक 24 घंटे सपोर्ट ब्रा पहनना अनिवार्य होता है और उसके बाद अगले 4 सप्ताह तक खड़े रहकर की जाने वाली गतिविधियों के दौरान इसे पहनना होता है। 6 सप्ताह बाद पूरी कसरत शुरू करें।
ब्रेस्ट रिडक्शन और ब्रेस्ट कैंसरक्या ब्रेस्ट रिडक्शन से भविष्य में होने वाली ब्रेस्ट बायोप्सी (Future Breast Biopsies) पर कोई असर पड़ेगा?
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क्या ब्रेस्ट रिडक्शन से भविष्य में होने वाली ब्रेस्ट बायोप्सी (Future Breast Biopsies) पर कोई असर पड़ेगा?
#डॉ. विशाल पुरोहित पुष्टि करते हैं कि यदि भविष्य में कभी किसी नई संदिग्ध गांठ की जांच के लिए इमेज-गाइडेड बायोप्सी कराने की आवश्यकता पड़े, तो ब्रेस्ट रिडक्शन से उसमें कोई रुकावट या परेशानी नहीं आती है।
यदि सर्जरी के कई सालों बाद कभी किसी नई गांठ की जांच करनी हो, तो अल्ट्रासाउंड या मैमोग्राम के जरिए सुई द्वारा की जाने वाली कोर नीडल बायोप्सी पहले की तरह ही बहुत आसानी से की जा सकती है। अंदरूनी टांकों के निशान रेडियोलॉजिस्ट की सुई में कोई रुकावट नहीं डालते और वे स्क्रीन पर देखकर बहुत सटीकता से किसी भी हिस्से का सैंपल ले सकते हैं। वास्तव में स्तनों के छोटे और हल्के होने से बायोप्सी करना पहले की तुलना में ज्यादा आसान हो जाता है। जयपुर में डॉ. विशाल पुरोहित हर मरीज को अपनी सर्जरी का पूरा रिकॉर्ड देते हैं ताकि भविष्य में किसी भी डॉक्टर को कोई असुविधा न हो।
बायोप्सी की प्रक्रिया पूरी तरह सामान्य रहती है। रिडक्शन के 7 से 10 दिनों में डेस्क वर्क शुरू हो जाता है, और सपोर्ट ब्रा पहनने की अवधि सर्जिकल टीम के निर्देशानुसार तय होती है। 6 सप्ताह बाद भारी कसरत शुरू करें।
ब्रेस्ट रिडक्शन और ब्रेस्ट कैंसरक्या ब्रेस्ट रिडक्शन से मैमोग्राम में दिखने वाले कैल्सीफिकेशन (Calcifications) बन सकते हैं?
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क्या ब्रेस्ट रिडक्शन से मैमोग्राम में दिखने वाले कैल्सीफिकेशन (Calcifications) बन सकते हैं?
#डॉ. विशाल पुरोहित बताते हैं कि सर्जरी के घाव भरने और फैट नैक्रोसिस के कारण मैमोग्राम में हानिरहित सूक्ष्म कैल्शियम के कण (कैल्सीफिकेशन) दिख सकते हैं, जिन्हें एक बेसलाइन मैमोग्राम से कैंसर से बिल्कुल अलग पहचान लिया जाता है।
जब शरीर के अंदर वसा टिशू ठीक होता है या थोड़ा सा फैट घुलता है, तो वहां कैल्शियम के छोटे-छोटे दाने (डिस्ट्रॉफिक कैल्सीफिकेशन) जमा हो सकते हैं। ये मैमोग्राम पर गोल, छल्लेदार या अंडे के छिलके जैसे दिखाई देते हैं। एक अनुभवी रेडियोलॉजिस्ट देखते ही पहचान लेते हैं कि ये सर्जरी के सामान्य ठीक होने वाले निशान हैं, कैंसर वाले बारीक नुकीले कैल्सीफिकेशन नहीं। किसी भी भ्रम से बचने के लिए सर्जरी के 6 से 12 महीने बाद एक बेसलाइन मैमोग्राम करा लिया जाता है जिससे यह हमेशा के लिए दर्ज हो जाता है कि ये हानिरहित सर्जिकल निशान हैं। इससे मरीज को भविष्य में कोई चिंता नहीं होती। जयपुर में डॉ. विशाल पुरोहित रेडियोलॉजी रिपोर्ट्स की पूरी समीक्षा करते हैं।
कैल्सीफिकेशन पूरी तरह हानिरहित होते हैं। 7 से 10 दिनों में डेस्क वर्क शुरू हो जाता है, और 4 सप्ताह पूरे समय सपोर्ट ब्रा पहनने के बाद 4 सप्ताह किसी भी गतिविधि के दौरान पहनना अनिवार्य होता है। 6 सप्ताह बाद भारी कसरत शुरू करें।
