फेसलिफ्ट सर्जरी | स्मास (SMAS) फेसलिफ्ट तकनीक और कार्यप्रणाली
चिकित्सीय रूप से प्रमाणित व समीक्षित: प्रमाणित: डॉ. विशाल पुरोहित (MCh प्लास्टिक सर्जरी) • RMC Reg. 28041/14185 • अक्टूबर 2026
स्मास (SMAS) फेसलिफ्ट तकनीक और कार्यप्रणालीस्मास (SMAS) और डीप प्लेन (Deep Plane) फेसलिफ्ट में क्या अंतर है?
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स्मास (SMAS) और डीप प्लेन (Deep Plane) फेसलिफ्ट में क्या अंतर है?
#स्मास फेसलिफ्ट में चेहरे की मांसपेशी की परत को मोड़कर कसा जाता है, जबकि डीप प्लेन फेसलिफ्ट में मांसपेशी के नीचे जाकर खिंचे हुए लिगामेंट्स को पूरी तरह मुक्त किया जाता है।
डीप प्लेन तकनीक चेहरे के मध्य हिस्से (गालों की चर्बी) और जॉलाइन दोनों को उनकी असली युवा जगह पर पहुंचाती है। इसमें त्वचा को मांसपेशी से अलग नहीं किया जाता, जिससे खून का दौरा उत्तम रहता है और घाव बहुत तेजी से भरते हैं।
डीप प्लेन फेसलिफ्ट चेहरे को सबसे स्वाभाविक और लंबे समय तक टिकने वाला कायाकल्प प्रदान करता है।
स्मास (SMAS) फेसलिफ्ट तकनीक और कार्यप्रणालीमिनी-फेसलिफ्ट क्या है और इसके लिए कौन उपयुक्त है?
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मिनी-फेसलिफ्ट क्या है और इसके लिए कौन उपयुक्त है?
#मिनी-फेसलिफ्ट एक छोटी प्रक्रिया है जो केवल कान के पास छोटे चीरे लगाकर शुरुआती लटकती त्वचा (जॉल्स) को कसने के लिए की जाती है।
40 से 50 वर्ष की आयु के लोग जिनके गालों के निचले हिस्से में हल्का ढीलापन शुरू हुआ है, इसके बेहतरीन उम्मीदवार हैं। इसमें रिकवरी केवल 5 से 7 दिनों में हो जाती है।
यह शुरुआती ढीलेपन को समय रहते रोकने का बहुत ही सुरक्षित और प्रभावी उपाय है।
