ब्रेस्ट लिफ्ट (मास्टोपेक्सी) | चीरे के प्रकार और मास्टोपेक्सी की तकनीकें
चिकित्सीय रूप से प्रमाणित व समीक्षित: प्रमाणित: डॉ. विशाल पुरोहित (MCh प्लास्टिक सर्जरी) • RMC Reg. 28041/14185 • अक्टूबर 2026
चीरे के प्रकार और मास्टोपेक्सी की तकनीकेंब्रेस्ट लिफ्ट में चीरे के कौन से प्रकार होते हैं?
#
ब्रेस्ट लिफ्ट में चीरे के कौन से प्रकार होते हैं?
#चीरे के तीन मुख्य प्रकार होते हैं: पेरि-एरिओलर (डोनट लिफ्ट), वर्टिकल (लॉलीपॉप लिफ्ट), और इनवर्टेड-टी (एंकर लिफ्ट)।
पेरि-एरिओलर चीरा केवल निप्पल के चारों ओर होता है (हल्के ढीलेपन के लिए)। लॉलीपॉप चीरे में निप्पल के चारों ओर और नीचे एक सीधी लाइन होती है (मध्यम ढीलेपन के लिए)। एंकर चीरा अधिक लटके हुए स्तनों के लिए लगाया जाता है ताकि अतिरिक्त त्वचा को पूरी तरह हटाया जा सके।
सर्जन न्यूनतम निशान और बेहतरीन लिफ्ट देने वाली सबसे उपयुक्त तकनीक चुनते हैं।
चीरे के प्रकार और मास्टोपेक्सी की तकनीकेंऑग्मेंटेशन-मास्टोपेक्सी (इम्प्लांट के साथ ब्रेस्ट लिफ्ट) क्या है?
#
ऑग्मेंटेशन-मास्टोपेक्सी (इम्प्लांट के साथ ब्रेस्ट लिफ्ट) क्या है?
#यह एक संयुक्त सर्जरी है जिसमें स्तनों को लिफ्ट करने के साथ-साथ सिलिकॉन इम्प्लांट भी लगाया जाता है, जिससे स्तनों को लिफ्ट और वॉल्यूम दोनों एक साथ मिलते हैं।
अक्सर प्रसव या वजन घटने के बाद स्तन ढीले होने के साथ-साथ ऊपर से खाली भी हो जाते हैं। इम्प्लांट लगाने से क्लीवेज में भरापन आ जाता है और लिफ्ट से ढीली त्वचा हट जाती है।
एक ही ऑपरेशन में दोनों समस्याओं का स्थायी समाधान हो जाता है।
