आर्म लिफ्ट (ब्रेकियोप्लास्टी) | सर्जिकल प्रक्रिया
चिकित्सीय रूप से प्रमाणित व समीक्षित: प्रमाणित: डॉ. विशाल पुरोहित (MCh प्लास्टिक सर्जरी) • RMC Reg. 28041/14185 • अक्टूबर 2026
सर्जिकल प्रक्रियाआर्म लिफ्ट सर्जरी कैसे की जाती (How Arm Lift Performed) है?
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आर्म लिफ्ट सर्जरी कैसे की जाती (How Arm Lift Performed) है?
#आर्म लिफ्ट सर्जरी में मरीज को खड़ा करके मार्क लगाए जाते हैं, जनरल एनेस्थीसिया दिया जाता है, लिपोसक्शन से चर्बी निकाली जाती है और अंदरूनी हिस्से से अतिरिक्त त्वचा को काटकर परतों में सिला जाता है, जैसा। डॉ. विशाल पुरोहित करते हैं।
यह एक बहुत ही सुनियोजित और वैज्ञानिक प्रक्रिया है। ऑपरेशन से पहले जब मरीज खड़ा होता है, तो बांह पर पेन से सटीक निशान लगाए जाते हैं। ऑपरेशन थिएटर में मरीज को सुरक्षित रूप से सुलाया जाता है। सबसे पहले एक विशेष तरल डालकर लिपोसक्शन की जाती है जिससे चर्बी बाहर आ जाती है लेकिन अंदर की नसें और खून की नलियां पूरी तरह सुरक्षित बच जाती हैं। इसके बाद बांह के अंदरूनी हिस्से (मीडियल बाइसिपिटल ग्रूव) में चीरा लगाकर खाली हुई अतिरिक्त चमड़ी को काटकर अलग कर दिया जाता है। अंदरूनी मांसपेशियों के ऊपर की परत (फेशिया) को मजबूत टांकों से कसा जाता है और ऊपर घुलने वाले टांके लगाए जाते हैं। जयपुर में डॉ. विशाल पुरोहित यह सर्जरी अत्यधिक कुशलता से करते हैं।
पूरी प्रक्रिया सुरक्षित और दर्द-मुक्त होती है। 7 से 10 दिनों में सामान्य काम शुरू हो जाता है और 3 से 4 सप्ताह तक स्लीव्स पहननी होती हैं।
सर्जिकल प्रक्रियाब्रेकियोप्लास्टी के दौरान क्या-क्या होता (What Happens During Surgery) है?
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ब्रेकियोप्लास्टी के दौरान क्या-क्या होता (What Happens During Surgery) है?
#सर्जरी के दौरान आप निश्चिंत होकर सो रहे होते हैं जबकि प्लास्टिक सर्जन अतिरिक्त चर्बी को पिघलाकर निकालते हैं, लटकी चमड़ी को काटते हैं, अंदरूनी ऊतकों को मजबूती से बांधते हैं और ड्रेसिंग करते हैं, जैसा। डॉ. विशाल पुरोहित करते हैं।
ऑपरेशन के पूरे समय एनेस्थीसिया विशेषज्ञ आपके दिल, ब्लड प्रेशर और ऑक्सीजन के स्तर की लगातार निगरानी करते हैं। डॉ. विशाल पुरोहित बहुत कोमलता से अतिरिक्त चमड़ी और चर्बी को अलग करते हैं। इस दौरान हाथ की मुख्य संवेदी नसों (MACN) और खून की नलियों को पूरी तरह सुरक्षित रखा जाता है। त्वचा को सिलने से पहले अंदरूनी परतों को मजबूत टांकों से बांधा जाता है ताकि भविष्य में त्वचा पर कोई खिंचाव न आए और टांके न फैलें। सबसे ऊपर अंदर ही अंदर घुलने वाले बारीक टांके लगाए जाते हैं ताकि बाहर कोई टांका न दिखे। इसके बाद बांहों पर सपोर्टिंग स्लीव्स पहना दी जाती हैं। जयपुर में डॉ. पुरोहित यह प्रक्रिया पूर्ण सुरक्षा के साथ करते हैं।
ऑपरेशन के बाद बाहें तुरंत कसी हुई नजर आती हैं। 7 से 10 दिनों में ऑफिस का काम शुरू हो जाता है और 3 से 4 सप्ताह तक स्लीव्स पहननी होती हैं।
सर्जिकल प्रक्रियाआर्म लिफ्ट सर्जरी में कितना समय (How Long Surgery Takes) लगता है?
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आर्म लिफ्ट सर्जरी में कितना समय (How Long Surgery Takes) लगता है?
#दोनों बांहों की आर्म लिफ्ट सर्जरी में आमतौर पर 2 से 3 घंटे का समय लगता है, जो इस बात पर निर्भर करता है कि साथ में लिपोसक्शन या छाती तक चीरा लगाना है या नहीं, जैसा। डॉ. विशाल पुरोहित बताते हैं।
समय सर्जरी की जटिलता के अनुसार तय होता है। यदि केवल मिनी आर्म लिफ्ट की जा रही है, तो वह लगभग 1.5 घंटे में पूरी हो जाती है। यदि दोनों बांहों की लिपोसक्शन और पूरी कोहनी तक की त्वचा हटाई जा रही है (ट्रेडिशनल लिफ्ट), तो इसमें 2 से 2.5 घंटे लगते हैं। भारी वजन घटाने वाले मरीजों में जब छाती के बगल की त्वचा भी साथ हटाई जाती है (एक्सटेंडेड लिफ्ट), तो लगभग 3 से 3.5 घंटे लग सकते हैं। डॉ. विशाल पुरोहित कभी भी जल्दबाजी में काम नहीं करते; वे दोनों बांहों की बिल्कुल एक समान बनावट और बारीकी से टांके लगाने को सबसे ज्यादा महत्व देते हैं। जयपुर में डॉ. पुरोहित गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं करते।
सटीक समय प्रबंधन से बेहतरीन समरूपता मिलती है। 7 से 10 दिनों में सामान्य काम शुरू हो जाता है और 3 से 4 सप्ताह तक स्लीव्स पहननी होती हैं।
सर्जिकल प्रक्रियाक्या आर्म लिफ्ट सर्जरी जनरल एनेस्थीसिया (Under General Anaesthesia) में की जाती है?
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क्या आर्म लिफ्ट सर्जरी जनरल एनेस्थीसिया (Under General Anaesthesia) में की जाती है?
#हाँ, आर्म लिफ्ट सर्जरी लगभग हमेशा जनरल एनेस्थीसिया (पूरी बेहोशी) में की जाती है ताकि मरीज को बिल्कुल दर्द न हो, मांसपेशियां शिथिल रहें और सर्जन दोनों बांहों को सुरक्षित रूप से तराश सकें, जैसा। डॉ. विशाल पुरोहित करते हैं।
जनरल एनेस्थीसिया इस सर्जरी के लिए सबसे सुरक्षित और आरामदायक विकल्प है। दोनों बांहों की सर्जरी एक साथ होती है और मरीज को 2-3 घंटे तक एक ही स्थिति में रहना होता है, जो होश में रहकर बहुत असुविधाजनक हो सकता है। जनरल एनेस्थीसिया में सांस की नली पूरी तरह सुरक्षित रहती है और मरीज गहरी, मीठी नींद में सो जाता है। आधुनिक दवाओं के उपयोग से सर्जरी खत्म होते ही मरीज बहुत जल्दी और बिना उल्टी या चक्कर के जाग जाता है। जयपुर में डॉ. विशाल पुरोहित केवल वरिष्ठ एनेस्थीसिया विशेषज्ञों की देखरेख में ही सर्जरी करते हैं ताकि सुरक्षा का स्तर 100% रहे।
एनेस्थीसिया पूरी तरह सुरक्षित और आरामदायक होता है। 7 से 10 दिनों में ऑफिस का काम शुरू हो जाता है और 3 से 4 सप्ताह तक स्लीव्स पहननी होती हैं।
सर्जिकल प्रक्रियाक्या केवल लोकल एनेस्थीसिया (Under Local Anaesthesia) में ब्रेकियोप्लास्टी हो सकती है?
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क्या केवल लोकल एनेस्थीसिया (Under Local Anaesthesia) में ब्रेकियोप्लास्टी हो सकती है?
#केवल लोकल एनेस्थीसिया में केवल बहुत छोटी मिनी आर्म लिफ्ट ही की जा सकती है; पूरी लंबाई वाली सामान्य ब्रेकियोप्लास्टी के लिए जनरल एनेस्थीसिया ही सुरक्षित और सही विकल्प है, जैसा। डॉ. विशाल पुरोहित समझाते हैं।
लोकल सुन्न करने वाली दवा (लिडोकेन) की एक सुरक्षित मात्रा होती है, जिससे ज्यादा दवा शरीर में जाने पर दिल और दिमाग पर बुरा असर पड़ सकता है। दोनों बांहों में बगल से कोहनी तक पूरी त्वचा को सुन्न करने के लिए बहुत अधिक दवा की जरूरत पड़ेगी जो सुरक्षित नहीं है। इसके अलावा, 2-3 घंटे तक बिना हिले-डुले हाथ फैलाकर लेटे रहना मरीज के लिए बहुत कष्टदायक हो सकता है। इसलिए केवल बगल के छोटे चीरे (मिनी लिफ्ट) में ही लोकल एनेस्थीसिया का उपयोग किया जाता है। पूरी सर्जरी के लिए जनरल एनेस्थीसिया ही सबसे उत्तम और सुरक्षित है। जयपुर में डॉ. विशाल पुरोहित सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करते।
सुरक्षित एनेस्थीसिया से मरीज पूरी तरह तनाव-मुक्त रहता है। 7 से 10 दिनों में सामान्य काम शुरू होता है।
सर्जिकल प्रक्रियाक्या आर्म लिफ्ट में सेडेशन (Is Sedation Used) का उपयोग किया जाता है?
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क्या आर्म लिफ्ट में सेडेशन (Is Sedation Used) का उपयोग किया जाता है?
#मिनी आर्म लिफ्ट के लिए आईवी सेडेशन (हल्की बेहोशी) का उपयोग किया जा सकता है, लेकिन पूरी आर्म लिफ्ट के लिए जनरल एनेस्थीसिया ही सबसे सुरक्षित और आरामदायक रहता है, जैसा। डॉ. विशाल पुरोहित बताते हैं।
सेडेशन में मरीज को नसों के जरिए ऐसी दवाएं दी जाती हैं जिससे वह ऊंघता रहता है और दर्द महसूस नहीं करता लेकिन खुद सांस लेता है। छोटे ऑपरेशनों के लिए यह अच्छा है। लेकिन जब दोनों बांहों की बड़ी सर्जरी होती है, तो हाथ फैले होने के कारण सांस की नली पर पूरा नियंत्रण रखना मुश्किल हो सकता है। जनरल एनेस्थीसिया में सांस की नली पूरी तरह सुरक्षित (Intubated) रहती है और मरीज को रत्ती भर भी बेचैनी नहीं होती। इसलिए पूरी बांह की सर्जरी में डॉ. विशाल पुरोहित हमेशा जनरल एनेस्थीसिया को ही प्राथमिकता देते हैं। जयपुर में डॉ. पुरोहित मरीज की पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं।
पूर्ण सुरक्षा से सर्जरी पूरी तरह सहज हो जाती है। 7 से 10 दिनों में ऑफिस का काम शुरू हो जाता है और 3 से 4 सप्ताह तक स्लीव्स पहननी होती हैं।
सर्जिकल प्रक्रियाक्या सर्जरी के दौरान मैं पूरी तरह सो रहा हूँगा (Will I Be Asleep)?
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क्या सर्जरी के दौरान मैं पूरी तरह सो रहा हूँगा (Will I Be Asleep)?
#हाँ, सर्जरी के दौरान आप जनरल एनेस्थीसिया के प्रभाव में पूरी तरह गहरी और आरामदायक नींद में होंगे; आपको न कोई दर्द होगा और न ही सर्जरी की कोई याद रहेगी, जैसा। डॉ. विशाल पुरोहित सुनिश्चित करते हैं।
ऑपरेशन थिएटर में जाते ही आपको ड्रिप के जरिए दवा दी जाती है और कुछ ही सेकंड में आप बहुत गहरी नींद में चले जाते हैं। पूरे ऑपरेशन के दौरान, जो कि 2 से 3 घंटे चलता है, आपको बिल्कुल पता नहीं चलता कि क्या हो रहा है। जब सर्जरी पूरी हो जाती है, टांके लग जाते हैं और बांहों पर पट्टी बंध जाती है, तब दवा बंद कर दी जाती है और आप रिकवरी रूम में बहुत आराम से जागते हैं। जागने पर आपको ऐसा लगता है जैसे आप बस एक छोटी सी झपकी लेकर उठे हों। जयपुर में डॉ. विशाल पुरोहित की टीम यह सुनिश्चित करती है कि मरीज बिना किसी घबराहट या उल्टी के जागे।
मरीज को कोई दर्द या बेचैनी महसूस नहीं होती। 7 से 10 दिनों में सामान्य काम शुरू हो जाता है और 3 से 4 सप्ताह तक स्लीव्स पहननी होती हैं।
सर्जिकल प्रक्रियाआर्म लिफ्ट सर्जरी कहाँ की जाती (Where Surgery Performed) है?
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आर्म लिफ्ट सर्जरी कहाँ की जाती (Where Surgery Performed) है?
#आर्म लिफ्ट सर्जरी पूरी तरह मान्यता प्राप्त, अत्याधुनिक बड़े अस्पतालों के मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर में की जाती है जहाँ लैमिनार एयरफ्लो और आईसीयू की पूरी सुविधा उपलब्ध होती है, जैसा। डॉ. विशाल पुरोहित सुनिश्चित करते हैं।
यह बहुत महत्वपूर्ण है कि ऐसी बड़ी सर्जरी किसी छोटे क्लीनिक में न कराई जाए। आधुनिक अस्पतालों के मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर में विशेष एयर-फिल्टर (HEPA Filters) लगे होते हैं जिससे किसी भी प्रकार के इन्फेक्शन का खतरा न के बराबर रहता है। वहां एनेस्थीसिया के आधुनिक मॉनिटर, वार्मर और आपातकालीन सुविधाएं 24 घंटे तैयार रहती हैं। साथ ही ब्लड बैंक और आईसीयू का बैकअप भी मौजूद होता है। जयपुर में एम.सीएच. प्लास्टिक सर्जन डॉ. विशाल पुरोहित केवल शहर के सबसे प्रतिष्ठित और मान्यता प्राप्त अस्पतालों में ही यह सर्जरी करते हैं ताकि मरीज को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुरक्षा मिले।
सर्वोच्च अस्पताल सुरक्षा से मरीज पूरी तरह सुरक्षित रहता है। 7 से 10 दिनों में सामान्य काम शुरू हो जाता है।
सर्जिकल प्रक्रियाक्या ब्रेकियोप्लास्टी अस्पताल में होती है या डे-केयर सेंटर (Hospital vs Day Surgery) में?
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क्या ब्रेकियोप्लास्टी अस्पताल में होती है या डे-केयर सेंटर (Hospital vs Day Surgery) में?
#ब्रेकियोप्लास्टी को पूर्ण सुविधाओं वाले बड़े अस्पताल में ही किया जाता है जहाँ 24 घंटे विशेषज्ञ डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की देखरेख उपलब्ध रहती है, जैसा। डॉ. विशाल पुरोहित करते हैं।
हालांकि मिनी आर्म लिफ्ट को डे-केयर में भी किया जा सकता है, लेकिन दोनों बांहों की पूरी सर्जरी के लिए बड़े अस्पताल का सेटअप ही सबसे सुरक्षित होता है। अस्पताल में सर्जरी कराने से यह फायदा होता है कि यदि ऑपरेशन के बाद मरीज को रात में कोई बेचैनी, दर्द या बीपी में बदलाव हो, तो तुरंत सीनियर डॉक्टर और नर्सें मौजूद होती हैं। भारी वजन घटाने वाले मरीजों में यह सुरक्षा और भी जरूरी हो जाती है। जयपुर में डॉ. विशाल पुरोहित हमेशा बड़े और सुरक्षित अस्पतालों का ही चयन करते हैं ताकि मरीज को किसी भी आपात स्थिति में सर्वोत्तम चिकित्सा मिल सके।
अस्पताल की व्यवस्था से रिकवरी पूरी तरह सुरक्षित रहती है। 7 से 10 दिनों में सामान्य कामकाज शुरू हो जाता है।
सर्जिकल प्रक्रियाक्या आर्म लिफ्ट के लिए अस्पताल में भर्ती होना (Require Hospital Admission) पड़ता है?
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क्या आर्म लिफ्ट के लिए अस्पताल में भर्ती होना (Require Hospital Admission) पड़ता है?
#आर्म लिफ्ट के लिए आमतौर पर केवल एक रात (24 घंटे) का अस्पताल में रहना या उसी दिन शाम को छुट्टी (डे-केयर) मिलना तय होता है, जो सर्जरी के फैलाव पर निर्भर करता है, जैसा। डॉ. विशाल पुरोहित तय करते हैं।
यदि केवल मिनी आर्म लिफ्ट है तो मरीज 4-6 घंटे आराम करने के बाद उसी दिन शाम को घर जा सकता है। लेकिन यदि दोनों बांहों की पूरी सर्जरी हुई है या साथ में लिपोसक्शन भी हुआ है, तो एक रात अस्पताल में रुकना सबसे अच्छा रहता है। रात भर रुकने से ड्रिप के जरिए दर्द निवारक दवाएं और एंटीबायोटिक मिलती रहती हैं, नर्सें लगातार निगरानी रखती हैं और मरीज बहुत सुकून से सो पाता है। अगली सुबह डॉक्टर द्वारा ड्रेसिंग चेक करने के बाद मरीज को आराम से घर भेज दिया जाता है। जयपुर में डॉ. विशाल पुरोहित मरीज के आराम और सुरक्षा को देखकर ही डिस्चार्ज तय करते हैं।
एक रात की भर्ती से मरीज पूरी तरह संभल जाता है। 7 से 10 दिनों में सामान्य काम शुरू हो जाता है और 3 से 4 सप्ताह तक स्लीव्स पहननी होती हैं।
सर्जिकल प्रक्रियाक्या ब्रेकियोप्लास्टी के बाद रात भर अस्पताल में रुकना (Stay Overnight) पड़ेगा?
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क्या ब्रेकियोप्लास्टी के बाद रात भर अस्पताल में रुकना (Stay Overnight) पड़ेगा?
#हाँ, पूरी आर्म लिफ्ट कराने वाले अधिकांश मरीजों के लिए एक रात अस्पताल में रुकना सबसे सुरक्षित और आरामदायक रहता है ताकि दर्द निवारक दवाएं और पूरी देखभाल मिल सके, जैसा। डॉ. विशाल पुरोहित सलाह देते हैं।
सर्जरी के तुरंत बाद के पहले 12-24 घंटे बहुत महत्वपूर्ण होते हैं। अस्पताल में रुकने से नसों के माध्यम से दर्द की दवाएं मिलती रहती हैं जिससे कोई तकलीफ नहीं होती। मरीज को करवट बदलने या बाथरूम जाने में नर्सों की मदद मिल जाती है जिससे हाथों पर कोई झटका नहीं लगता। यदि ड्रेन पाइप लगे हों, तो उनमें आने वाले तरल की निगरानी की जाती है कि कहीं कोई अंदरूनी ब्लीडिंग तो नहीं हो रही। अगली सुबह डॉ. विशाल पुरोहित खुद टांकों और पट्टियों की जांच करते हैं और जब सब कुछ बिल्कुल सामान्य होता है, तभी घर भेजते हैं। जयपुर में डॉ. पुरोहित मरीज की पूर्ण शांति को प्राथमिकता देते हैं।
एक रात का ठहराव बहुत मददगार होता है। 7 से 10 दिनों में ऑफिस का काम शुरू हो जाता है और 3 से 4 सप्ताह तक स्लीव्स पहननी होती हैं।
सर्जिकल प्रक्रियासर्जरी से पहले सर्जन बांहों पर मार्क (Mark Arms Before Surgery) कैसे लगाते हैं?
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सर्जरी से पहले सर्जन बांहों पर मार्क (Mark Arms Before Surgery) कैसे लगाते हैं?
#सर्जरी से पहले जब आप सीधे खड़े होकर हाथ 90 डिग्री पर फैलाते हैं, तब डॉक्टर लटकी त्वचा को चुटकी से नापकर अंदरूनी रेखा और अतिरिक्त त्वचा पर विशेष पेन से निशान लगाते हैं, जैसा। डॉ. विशाल पुरोहित करते हैं।
खड़े होकर मार्क लगाना इस सर्जरी का सबसे महत्वपूर्ण नियम है। जब मरीज लेट जाता है तो लटकी हुई त्वचा पीछे खिसक जाती है और सही मात्रा का अंदाजा नहीं लग पाता। इसलिए डॉ. विशाल पुरोहित मरीज को खड़ा करके हाथ उठवाते हैं। वे बांह के अंदरूनी हिस्से में उस लाइन को तय करते हैं जहां टांकों का निशान छुपना चाहिए। इसके बाद पूरी बांह पर जगह-जगह त्वचा को पकड़कर (Pinch Test) नापते हैं कि कितनी चमड़ी सुरक्षित रूप से काटी जा सकती है ताकि ज्यादा खिंचाव न आए। दोनों बांहों पर बिल्कुल एक बराबर निशान लगाए जाते हैं ताकि दोनों हाथ एक जैसे दिखें। जयपुर में डॉ. पुरोहित यह कलात्मक काम बहुत बारीकी से करते हैं।
सटीक मार्किंग से दोनों बाहें बिल्कुल एक समान बनती हैं। 7 से 10 दिनों में सामान्य काम शुरू हो जाता है।
सर्जिकल प्रक्रियाब्रेकियोप्लास्टी के दौरान चीरे कहाँ लगाए (Where Incisions Made) जाते हैं?
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ब्रेकियोप्लास्टी के दौरान चीरे कहाँ लगाए (Where Incisions Made) जाते हैं?
#चीरा बांह के बिल्कुल अंदरूनी हिस्से (मीडियल बाइसिपिटल ग्रूव) में बगल से लेकर कोहनी तक लगाया जाता है ताकि हाथ नीचे रखने पर वह सीने की तरफ छुप जाए, जैसा। डॉ. विशाल पुरोहित करते हैं।
निशान की जगह का चुनाव बहुत सोच-समझकर किया जाता है। बांह के अंदरूनी हिस्से में बाइसेप्स और ट्राइसेप्स के बीच एक प्राकृतिक रेखा होती है। डॉ. विशाल पुरोहित ठीक उसी रेखा पर चीरा लगाते हैं। जब आप सामान्य रूप से खड़े होते हैं या चलते हैं, तो बांह का यह अंदरूनी हिस्सा आपके शरीर से सटा रहता है, इसलिए सामने या पीछे खड़े किसी भी व्यक्ति को टांकों का निशान नहीं दिखता। यदि मिनी आर्म लिफ्ट हो रही है, तो चीरा केवल बगल के गड्ढे में ही रहता है। जयपुर में डॉ. विशाल पुरोहित निशान को सबसे गोपनीय जगह पर छुपाने के लिए जाने जाते हैं।
निशान शरीर की तरफ छुपा रहता है और आसानी से नहीं दिखता। 7 से 10 दिनों में सामान्य काम शुरू हो जाता है और 3 से 4 सप्ताह तक स्लीव्स पहननी होती हैं।
सर्जिकल प्रक्रियाआर्म लिफ्ट में कितनी त्वचा हटाई (How Much Skin Removed) जाती है?
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आर्म लिफ्ट में कितनी त्वचा हटाई (How Much Skin Removed) जाती है?
#सर्जरी के दौरान प्रत्येक बांह से 5 से 15 सेंटीमीटर चौड़ी और 20 से 30 सेंटीमीटर लंबी लटकी हुई अतिरिक्त त्वचा हटाई जाती है, जिसका सटीक नाप। डॉ. विशाल पुरोहित लेते हैं।
त्वचा की मात्रा इस बात पर निर्भर करती है कि मरीज की बांह कितनी लटकी हुई है। भारी वजन घटाने वाले मरीजों में प्रत्येक बांह से लगभग 250 से 800 ग्राम तक अतिरिक्त चमड़ी और चर्बी निकलती है, जो एक बड़ा टुकड़ा होता है। उम्र बढ़ने से ढीली हुई बाहों में 4 से 7 सेमी चौड़ी पट्टी निकाली जाती है। डॉ. विशाल पुरोहित इस बात का पूरा ख्याल रखते हैं कि उतनी ही त्वचा काटी जाए जिससे बांह पूरी तरह टाइट भी हो जाए और टांके सिलते समय इतना ज्यादा खिंचाव भी न आए कि रक्त संचार में रुकावट पड़े। जयपुर में डॉ. पुरोहित यह नाप बहुत वैज्ञानिक तरीके से तय करते हैं।
सैकड़ों ग्राम फालतू चमड़ी हट जाने से हाथ तुरंत हल्के हो जाते हैं। 7 से 10 दिनों में ऑफिस का काम शुरू हो जाता है।
सर्जिकल प्रक्रियाब्रेकियोप्लास्टी में अतिरिक्त त्वचा को कैसे काटा (How Excess Skin Removed) जाता है?
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ब्रेकियोप्लास्टी में अतिरिक्त त्वचा को कैसे काटा (How Excess Skin Removed) जाता है?
#अतिरिक्त त्वचा को एक सुरक्षित और सतही परत (Suprafascial Plane) में बहुत बारीकी से काटा जाता है ताकि नीचे मौजूद नसों और खून की नलियों को कोई आंच न आए, जैसा। डॉ. विशाल पुरोहित करते हैं।
अतिरिक्त त्वचा को हटाने का तरीका बहुत वैज्ञानिक होता है। लिपोसक्शन के बाद खाली हुई चमड़ी को पहले से लगाए गए निशानों के अनुसार काटा जाता है। सर्जन छुरी को केवल त्वचा और ऊपर की चर्बी तक ही सीमित रखते हैं और मांसपेशियों के ऊपर की गहरी परत (डीप फेशिया) को नहीं काटते। बांह की मुख्य नसें (MACN) और खून की नलियां उसी गहरी परत के नीचे सुरक्षित रहती हैं। त्वचा का पूरा टुकड़ा एक साथ निकाल लिया जाता है और इलेक्ट्रोकॉटरी मशीन से सभी बारीक खून की नलियों को बंद कर दिया जाता है ताकि एक बूंद खून भी न बहे। जयपुर में डॉ. विशाल पुरोहित यह तकनीक बहुत सफाई से करते हैं।
नसों की सुरक्षा के साथ त्वचा पूरी तरह हट जाती है। 7 से 10 दिनों में सामान्य काम शुरू हो जाता है और 3 से 4 सप्ताह तक स्लीव्स पहननी होती हैं।
सर्जिकल प्रक्रियाआर्म लिफ्ट में अंदरूनी ऊतकों को कैसे कसा (How Tissues Tightened) जाता है?
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आर्म लिफ्ट में अंदरूनी ऊतकों को कैसे कसा (How Tissues Tightened) जाता है?
#अंदरूनी ऊतकों को मजबूत घुलने वाले टांकों द्वारा त्वचा के नीचे की रेशेदार परत (सुपरफिशियल फेशियल सिस्टम) को मांसपेशियों की गहरी परत से सिलकर कसा जाता है, जैसा। डॉ. विशाल पुरोहित करते हैं।
यदि केवल ऊपर की त्वचा को सिल दिया जाए, तो कुछ ही महीनों में त्वचा दोबारा खिंचकर ढीली हो सकती है क्योंकि त्वचा में खिंचाव सहने की शक्ति कम होती है। इसलिए टिकाऊ परिणाम के लिए असली खिंचाव अंदरूनी परत (फेशिया) पर दिया जाता है। डॉ. विशाल पुरोहित अंदर की मजबूत रेशेदार परतों को बांह की मांसपेशियों के खोल के साथ विशेष भारी टांकों से कस देते हैं। यह अंदरूनी सिलाई एक अंदरूनी बेल्ट (Internal Corset) की तरह काम करती है जो बांह को अंदर से कसकर रखती है। इसके कारण ऊपर की त्वचा पर कोई जोर नहीं पड़ता और निशान भी बारीक रहता है। जयपुर में डॉ. पुरोहित इस तकनीक पर विशेष जोर देते हैं।
अंदरूनी कसाव से परिणाम जीवन भर टिकते हैं। 7 से 10 दिनों में ऑफिस का काम शुरू हो जाता है और 3 से 4 सप्ताह तक स्लीव्स पहननी होती हैं।
सर्जिकल प्रक्रियाक्या आर्म लिफ्ट में टांके (Are Stitches Used) लगाए जाते हैं?
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क्या आर्म लिफ्ट में टांके (Are Stitches Used) लगाए जाते हैं?
#हाँ, आर्म लिफ्ट में अंदरूनी परतों को कसने और त्वचा को बारीक जोड़ने के लिए तीन अलग-अलग परतों में विशेष टांके लगाए जाते हैं, जैसा। डॉ. विशाल पुरोहित करते हैं।
इस सर्जरी में टांके लगाने की तकनीक बहुत उन्नत होती है। डॉ. विशाल पुरोहित तीन परतों में सिलाई करते हैं। सबसे पहली और गहरी परत अंदरूनी फेशिया को बांधती है जो सारा खिंचाव झेलती है। दूसरी परत त्वचा के नीचे की डर्मिस को मिलाती है ताकि दोनों किनारे आपस में सट जाएं। और तीसरी परत सबसे ऊपर त्वचा के अंदर ही अंदर (Subcuticular) लगाई जाती है जो त्वचा को पूरी तरह सील कर देती है। बाहर कोई भी गांठ या सुई का निशान नहीं दिखता। इससे टांकों के निशान पर कोई खिंचाव नहीं आता और वह बहुत बारीक रेखा के रूप में भरता है। जयपुर में डॉ. पुरोहित इस कला में माहिर हैं।
तीन परतों की सिलाई से टांके बहुत मजबूत रहते हैं। 7 से 10 दिनों में सामान्य काम शुरू हो जाता है और 3 से 4 सप्ताह तक स्लीव्स पहननी होती हैं।
सर्जिकल प्रक्रियाक्या ब्रेकियोप्लास्टी में घुलने वाले टांके (Dissolvable Stitches) उपयोग किए जाते हैं?
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क्या ब्रेकियोप्लास्टी में घुलने वाले टांके (Dissolvable Stitches) उपयोग किए जाते हैं?
#हाँ, ब्रेकियोप्लास्टी में लगभग 100% अंदरूनी घुलने वाले टांके ही लगाए जाते हैं, इसलिए सर्जरी के बाद टांके कटवाने का कोई दर्द या झंझट नहीं होता, जैसा। डॉ. विशाल पुरोहित सुनिश्चित करते हैं।
आधुनिक प्लास्टिक सर्जरी में मरीज को टांके कटवाने के डर से पूरी तरह मुक्त रखा जाता है। डॉ. विशाल पुरोहित विशेष मेडिकल ग्रेड के घुलने वाले धागों (मोनोक्रिल/पीडीएस) का उपयोग करते हैं। ये धागे त्वचा के अंदर ही अंदर रहते हैं और 4 से 6 सप्ताह तक घाव को मजबूती से जोड़े रखते हैं। इसके बाद शरीर के प्राकृतिक एंजाइम इन्हें खुद ही घोलकर समाप्त कर देते हैं। बाहर कोई भी धागा या गांठ नहीं दिखती, इसलिए त्वचा पर सीढ़ी जैसे भद्दे निशान (Railroad Tracks) कभी नहीं बनते। मरीज बिना किसी डर के सहज महसूस करता है। जयपुर में डॉ. पुरोहित मरीज की सुविधा को प्राथमिकता देते हैं।
टांके कटवाने की बिल्कुल जरूरत नहीं पड़ती। 7 से 10 दिनों में ऑफिस का काम शुरू हो जाता है और 3 से 4 सप्ताह तक स्लीव्स पहननी होती हैं।
सर्जिकल प्रक्रियाक्या आर्म लिफ्ट में ड्रेन पाइप (Are Drains Required) की जरूरत होती है?
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क्या आर्म लिफ्ट में ड्रेन पाइप (Are Drains Required) की जरूरत होती है?
#हर मरीज में ड्रेन पाइप की जरूरत नहीं होती; लेकिन भारी वजन घटाने वाले या बड़े फैलाव वाले मामलों में 24 से 48 घंटे के लिए बहुत बारीक ड्रेन पाइप लगाए जाते हैं, जैसा। डॉ. विशाल पुरोहित बताते हैं।
ड्रेन पाइप लगाने का फैसला इस बात पर निर्भर करता है कि अंदर खाली जगह कितनी बनी है। आधुनिक तकनीक में डॉ. विशाल पुरोहित अंदरूनी परतों को आपस में सटाकर सिल देते हैं जिससे कई मामलों में बिना ड्रेन के ही काम हो जाता है। लेकिन जब भारी वजन घटाने के बाद बहुत ज्यादा त्वचा और चर्बी हटाई जाती है, तो अंदर हल्का पानी या सीरम जमा होने का खतरा रहता है। ऐसे में पतले सिलिकॉन पाइप लगा दिए जाते हैं जो उस अतिरिक्त पानी को बाहर निकाल देते हैं। 24 से 48 घंटे बाद, जब पानी आना बंद हो जाता है, तो इन पाइपों को बिना किसी दर्द के निकाल दिया जाता है। जयपुर में डॉ. पुरोहित सुरक्षा को देखते हुए ही निर्णय लेते हैं।
ड्रेन से अंदर पानी जमा होने का खतरा टल जाता है। 7 से 10 दिनों में सामान्य काम शुरू हो जाता है और 3 से 4 सप्ताह तक स्लीव्स पहननी होती हैं।
सर्जिकल प्रक्रियाब्रेकियोप्लास्टी के बाद ड्रेन पाइप क्यों (Why Drain Placed) लगाया जाता है?
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ब्रेकियोप्लास्टी के बाद ड्रेन पाइप क्यों (Why Drain Placed) लगाया जाता है?
#ड्रेन पाइप इसलिए लगाया जाता है ताकि त्वचा के नीचे जमा होने वाला अतिरिक्त तरल और सीरम बाहर निकल सके और अंदर पानी भरने (सीरोमा) या सूजन की समस्या न हो, जैसा। डॉ. विशाल पुरोहित समझाते हैं।
सर्जरी के दौरान जब चर्बी और त्वचा हटाई जाती है, तो अंदर की बारीक लसिका नलियों से हल्का पानी रिसना स्वाभाविक होता है। यदि यह पानी अंदर ही जमा रह जाए, तो उसे मेडिकल भाषा में 'सीरोमा' कहते हैं। सीरोमा होने पर त्वचा अंदरूनी मांसपेशियों से चिपक नहीं पाती और घाव भरने में देरी हो सकती है या इन्फेक्शन हो सकता है। ड्रेन पाइप हल्के वैक्यूम से इस पानी को बाहर एक छोटी डिब्बी में खींच लेता है। इससे त्वचा तुरंत मांसपेशियों के साथ चिपक जाती है और सूजन बहुत जल्दी उतर जाती है। जयपुर में डॉ. विशाल पुरोहित मरीज के घाव को सुरक्षित रखने के लिए जरूरत पड़ने पर इसका उपयोग करते हैं।
ड्रेन से घाव बहुत साफ और सुरक्षित भरते हैं। 7 से 10 दिनों में सामान्य कामकाज शुरू हो जाता है और 3 से 4 सप्ताह तक स्लीव्स पहननी होती हैं।
सर्जिकल प्रक्रियाआर्म लिफ्ट के बाद चीरों को कैसे बंद (How Incisions Closed) किया जाता है?
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आर्म लिफ्ट के बाद चीरों को कैसे बंद (How Incisions Closed) किया जाता है?
#चीरों को तीन परतों में बहुत बारीकी से बंद किया जाता है: अंदरूनी फेशिया को मजबूत टांकों से बांधना, त्वचा के नीचे बारीक टांके लगाना और ऊपर घुलने वाले टांकों के साथ वाटरप्रूफ सर्जिकल टेप लगाना, जैसा। डॉ. विशाल पुरोहित करते हैं।
टांके लगाने की तकनीक ही यह तय करती है कि निशान कितना सुंदर और बारीक आएगा। डॉ. विशाल पुरोहित कभी भी त्वचा पर सीधा खिंचाव नहीं आने देते। सारा खिंचाव अंदरूनी मजबूत परतों पर डाल दिया जाता है। इसके बाद त्वचा के दोनों किनारे बिना किसी खिंचाव के एक-दूसरे से बिल्कुल सटीक मिल जाते हैं। सबसे ऊपर अंदर ही अंदर घुलने वाले बारीक धागे से सिलाई की जाती है और उसके ऊपर विशेष सर्जिकल टेप (Steri-Strips) या मेडिकल ग्लू लगा दिया जाता है। इससे घाव पूरी तरह सील हो जाता है, बाहर से कोई बैक्टीरिया अंदर नहीं जा सकता और निशान समय के साथ बहुत हल्का हो जाता है। जयपुर में डॉ. पुरोहित इस कला में अत्यधिक निपुण हैं।
तनाव-मुक्त सिलाई से निशान बहुत बारीक भरता है। 7 से 10 दिनों में ऑफिस का काम शुरू हो जाता है और 3 से 4 सप्ताह तक स्लीव्स पहननी होती हैं।
सर्जिकल प्रक्रियाक्या सर्जरी के तुरंत बाद बांहों पर पट्टी (Arms Bandaged Immediately) बांधी जाएगी?
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क्या सर्जरी के तुरंत बाद बांहों पर पट्टी (Arms Bandaged Immediately) बांधी जाएगी?
#हाँ, ऑपरेशन थिएटर में ही टांकों पर स्टेराइल ड्रेसिंग, मुलायम गॉज पैड और कलाई से बगल तक मेडिकल कम्प्रेशन स्लीव्स पहना दी जाती हैं, जैसा। डॉ. विशाल पुरोहित सुनिश्चित करते हैं।
सर्जरी खत्म होते ही पट्टी और कम्प्रेशन स्लीव्स पहनाना बहुत जरूरी होता है। सबसे पहले टांकों पर न चिपकने वाली विशेष दवा लगी पट्टी लगाई जाती है ताकि घाव पर कोई रगड़ न लगे। उसके ऊपर मुलायम कॉटन पैड लगाए जाते हैं। और सबसे ऊपर विशेष कम्प्रेशन स्लीव्स पहनाई जाती हैं जो कलाई से शुरू होकर बगल तक पूरे हाथ को सहारा देती हैं। यह कम्प्रेशन अंदर से खून या पानी रिसने से रोकता है, सूजन को कम रखता है और टांकों को स्थिर बनाए रखता है। डॉक्टर इस बात की जांच कर लेते हैं कि पट्टी इतनी ज्यादा टाइट न हो कि उंगलियों में खून का बहाव रुके। जयपुर में डॉ. विशाल पुरोहित यह ड्रेसिंग खुद अपनी देखरेख में करवाते हैं।
कम्प्रेशन पट्टी से हाथ पूरी तरह सुरक्षित और आरामदायक महसूस होते हैं। 7 से 10 दिनों में सामान्य काम शुरू हो जाता है।
सर्जिकल प्रक्रियाक्या दोनों बांहों का ऑपरेशन एक साथ (Both Arms Operated Same Procedure) किया जा सकता है?
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क्या दोनों बांहों का ऑपरेशन एक साथ (Both Arms Operated Same Procedure) किया जा सकता है?
#हाँ, दोनों बांहों का ऑपरेशन हमेशा एक ही सर्जरी में एक साथ किया जाता है ताकि दोनों हाथ बिल्कुल एक जैसे दिखें और मरीज को केवल एक बार ही रिकवरी से गुजरना पड़े, जैसा। डॉ. विशाल पुरोहित करते हैं।
प्लास्टिक सर्जरी में दोनों बांहों को एक साथ ठीक करना ही सबसे सही और मानक तरीका है। अलग-अलग कराने का कोई फायदा नहीं होता, बल्कि मरीज को दो बार अस्पताल में भर्ती होना पड़ता है, दो बार एनेस्थीसिया लेना पड़ता है और दो बार छुट्टी लेनी पड़ती है। दोनों को एक साथ करने से डॉ. विशाल पुरोहित दोनों बांहों से निकाली गई चर्बी और त्वचा की नाप को आमने-सामने रखकर मिला सकते हैं। इससे दोनों हाथ बिल्कुल एक समान पतले और सुडौल बनते हैं और कोई असमानता नहीं रहती। जयपुर में डॉ. पुरोहित यह सर्जरी नियमित रूप से एक साथ करते हैं।
एक ही बार में दोनों बाहें सुडौल हो जाती हैं। 7 से 10 दिनों में सामान्य कामकाज शुरू हो जाता है और 3 से 4 सप्ताह तक स्लीव्स पहननी होती हैं।
सर्जिकल प्रक्रियाक्या दोनों बांहों की आर्म लिफ्ट एक ही समय पर (Both Arms Same Time) होती है?
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क्या दोनों बांहों की आर्म लिफ्ट एक ही समय पर (Both Arms Same Time) होती है?
#हाँ, आर्म लिफ्ट सर्जरी दोनों बांहों पर एक ही ऑपरेशन सेशन में क्रमबद्ध तरीके से की जाती है ताकि दोनों हाथों में एक समान कसाव और संतुलन बना रहे, जैसा। डॉ. विशाल पुरोहित करते हैं।
ऑपरेशन थिएटर में दोनों हाथों को पूरी तरह साफ करके स्टेराइल चादरों से ढंका जाता है ताकि सर्जन दोनों हाथों को आसानी से घुमा और नाप सकें। डॉ. विशाल पुरोहित पहले दोनों बांहों में लिपोसक्शन करते हैं और फिर एक-एक करके दोनों की अतिरिक्त त्वचा को हटाकर टांके लगाते हैं। इससे दोनों बांहों पर खिंचाव का स्तर, टांकों की दूरी और चर्बी की छंटाई बिल्कुल एक समान रहती है। चाहे आपका दायां हाथ हो या बायां, दोनों में कोई अंतर नहीं दिखता। जयपुर में डॉ. विशाल पुरोहित इस समरूपता का पूरा ध्यान रखते हैं।
दोनों बांहों में बेहतरीन संतुलन और समरूपता मिलती है। 7 से 10 दिनों में ऑफिस का काम शुरू हो जाता है।
सर्जिकल प्रक्रियासर्जरी के तुरंत बाद क्या होता (Immediately After Surgery) है?
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सर्जरी के तुरंत बाद क्या होता (Immediately After Surgery) है?
#सर्जरी के तुरंत बाद आपको पोस्ट-एनेस्थीसिया केयर यूनिट (PACU) में ले जाया जाता है जहाँ नर्सें आपके बीपी, पल्स, ड्रेसिंग और उंगलियों के रक्त संचार की लगातार जांच करती हैं, जैसा। डॉ. विशाल पुरोहित सुनिश्चित करते हैं।
रिकवरी रूम में मरीज का बहुत ध्यान रखा जाता है। जैसे ही एनेस्थीसिया का असर कम होता है, विशेष नर्सें आपकी देखभाल करती हैं। वे आपके हाथों की उंगलियों को दबाकर देखती हैं (Capillary Refill) कि खून का दौरा बिल्कुल ठीक है और पट्टी ज्यादा टाइट तो नहीं है। यदि आपको हल्का सा भी दर्द या ठंडक महसूस हो, तो तुरंत ड्रिप में दवा दी जाती है जिससे आप बिल्कुल आरामदायक महसूस करते हैं। 1-2 घंटे में जब आप पूरी तरह होश में आ जाते हैं और पानी पीने लायक हो जाते हैं, तब आपको आपके कमरे में शिफ्ट कर दिया जाता है। जयपुर में डॉ. विशाल पुरोहित खुद आकर मरीज की स्थिति की जांच करते हैं।
तुरंत देखभाल से रिकवरी बहुत सुखद और सुरक्षित रहती है। 7 से 10 दिनों में सामान्य काम शुरू हो जाता है।
सर्जिकल प्रक्रियाक्या सर्जरी के तुरंत बाद हाथ हिलाया जा सकता (Move Arms Immediately) है?
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क्या सर्जरी के तुरंत बाद हाथ हिलाया जा सकता (Move Arms Immediately) है?
#हाँ, सर्जरी के तुरंत बाद आप अपनी उंगलियों, कलाई और कोहनी को हिला सकते हैं, खाना खा सकते हैं और फोन चला सकते हैं; बस हाथों को सिर से ऊपर उठाने या फैलाने से बचना होता है, जैसा। डॉ. विशाल पुरोहित बताते हैं।
हाथों को बिल्कुल पत्थर की तरह स्थिर रखने की जरूरत नहीं होती, बल्कि उंगलियों और कोहनी को हल्का हिलाते रहने से खून का दौरा बना रहता है और सूजन जल्दी उतरती है। आप पहले दिन से ही चम्मच पकड़कर खाना खा सकते हैं, पानी का गिलास उठा सकते हैं और टहल सकते हैं। बस एक मुख्य नियम याद रखना होता है: कोहनी को अपने शरीर के पास रखें और हाथों को बहुत ज्यादा ऊपर या पीछे न फैलाएं। इससे टांकों पर कोई खिंचाव नहीं आता और जोड़ भी अकड़ते नहीं हैं। 2-3 हफ्तों के बाद हाथ धीरे-धीरे पूरी तरह ऊपर उठने लगते हैं। जयपुर में डॉ. विशाल पुरोहित मरीज को सही मुद्रा सिखाते हैं।
हल्की हलचल सुरक्षित और फायदेमंद होती है। 7 से 10 दिनों में ऑफिस का काम शुरू हो जाता है और 3 से 4 सप्ताह तक स्लीव्स पहननी होती हैं।
सर्जिकल प्रक्रियाक्या आर्म लिफ्ट के उसी दिन घर जाया जा सकता (Go Home Same Day) है?
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क्या आर्म लिफ्ट के उसी दिन घर जाया जा सकता (Go Home Same Day) है?
#मिनी आर्म लिफ्ट या छोटे ऑपरेशन में आप उसी दिन शाम को घर जा सकते हैं, लेकिन पूरी आर्म लिफ्ट में एक रात अस्पताल में रुकना ज्यादा आरामदायक और सुरक्षित रहता है, जैसा। डॉ. विशाल पुरोहित बताते हैं।
यदि आपकी सर्जरी बहुत व्यापक नहीं है और आप ऑपरेशन के 4 घंटे बाद आराम से पानी पी पा रहे हैं, चक्कर नहीं आ रहे और कोई ड्रेन नहीं लगा है, तो आप उसी दिन शाम को अपने परिजन के साथ घर लौट सकते हैं। लेकिन यदि कोहनी तक की पूरी सर्जरी हुई है या काफी चर्बी निकाली गई है, तो एक रात अस्पताल में रुकना बहुत फायदेमंद होता है। रात भर ड्रिप से दर्द की दवा मिलती रहती है और अगली सुबह डॉक्टर खुद पट्टी देखकर घर भेजते हैं। जयपुर में डॉ. विशाल पुरोहित मरीज की सुविधा और सर्जरी के प्रकार को देखकर ही उसी दिन छुट्टी या एक रात के ठहराव का फैसला करते हैं।
मरीज की स्थिति के अनुसार सुरक्षित डिस्चार्ज तय होता है। 7 से 10 दिनों में सामान्य काम शुरू हो जाता है।
सर्जिकल प्रक्रियाब्रेकियोप्लास्टी सर्जरी के समय को कौन से कारक तय करते (Factors Determine Duration) हैं?
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ब्रेकियोप्लास्टी सर्जरी के समय को कौन से कारक तय करते (Factors Determine Duration) हैं?
#सर्जरी के समय को लटकी त्वचा की मात्रा, लिपोसक्शन की आवश्यकता, चीरे का छाती तक फैलना और पहली बार की सर्जरी बनाम रिवीजन सर्जरी जैसे कारक तय करते हैं, जैसा। डॉ. विशाल पुरोहित समझाते हैं।
ऑपरेशन के समय में अंतर आने के कई मुख्य कारण होते हैं। सबसे पहला है फैलाव: यदि केवल बगल की त्वचा हटानी है तो 1.5 घंटे लगते हैं, लेकिन यदि कोहनी से लेकर छाती तक की त्वचा हटानी है (एक्सटेंडेड) तो 3 घंटे लग सकते हैं। दूसरा है चर्बी: यदि बांहों के चारों तरफ लिपोसक्शन करनी है तो उसमें 30-40 मिनट का अतिरिक्त समय लगता है। तीसरा, यदि मरीज की पहले कोई सर्जरी हुई हो और अंदर निशान के कड़े ऊतक हों, तो नसों को बचाने में अधिक सावधानी बरतनी पड़ती है। चौथा, दोनों बांहों पर 50-60 सेमी लंबे चीरों को तीन परतों में बहुत बारीकी से सिलने में समय लगता है। जयपुर में डॉ. विशाल पुरोहित गुणवत्ता और सुरक्षा को हमेशा समय से ऊपर रखते हैं।
सटीक समय से दोनों बाहें बिल्कुल एक जैसी और सुरक्षित बनती हैं। 7 से 10 दिनों में सामान्य काम शुरू होता है।
