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आर्म लिफ्ट (ब्रेकियोप्लास्टी)

आर्म लिफ्ट (ब्रेकियोप्लास्टी) | आपातकालीन लक्षण और रिकवरी की चिंताएं

प्रमाणित: डॉ. विशाल पुरोहित (MCh प्लास्टिक सर्जरी) • RMC Reg. 28041/14185 • अक्टूबर 2026

प्रमाणित चिकित्सीय उत्तर
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आर्म लिफ्ट के बाद किन चेतावनी लक्षणों पर ध्यान (Symptoms to Watch Out For) देना चाहिए?

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किसी एक बांह में अचानक भारी सूजन, असहनीय तेज दर्द, चीरे के आसपास फैलती लाली, 101 डिग्री से तेज बुखार और सांस फूलने जैसे लक्षणों पर तुरंत ध्यान देना चाहिए, जैसा। डॉ. विशाल पुरोहित बताते हैं।

क्लिनिकल प्रमाण एवं पैथोलॉजी (Clinical Context)

सर्जरी के बाद हल्की सूजन और हल्का खिंचाव दोनों हाथों में होना बिल्कुल सामान्य है। लेकिन यदि कोई असामान्य लक्षण दिखे तो तुरंत सतर्क हो जाना चाहिए। यदि एक हाथ अचानक दूसरे से दोगुना मोटा हो जाए, तो अंदर खून जमा होने (हेमाटोमा) का संकेत हो सकता है। यदि टांकों के आसपास की त्वचा लाल, गर्म और छूने पर बहुत दर्दनाक हो जाए, तो यह इन्फेक्शन का लक्षण है। यदि मवाद निकले, तेज बुखार आए, या सीने में दर्द और सांस लेने में कठिनाई हो, तो बिना एक मिनट गंवाए तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। जयपुर में डॉ. पुरोहित 24 घंटे आपातकालीन सेवा देते हैं।

सर्जिकल रिकवरी एवं पोस्ट-ऑप प्रोटोकॉल

सजग रहने से कोई भी समस्या तुरंत नियंत्रित हो जाती है। 7 से 10 दिनों में सामान्य काम शुरू हो जाता है।

समीक्षक:Dr. Vishal Purohit, MBBS, MS, MCh (Plastic Surgery)•RMC पंजीकरण 28041/14185•अंतिम समीक्षा: अक्टूबर 2026
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यदि बांह में अचानक सूजन या तेज दर्द (Suddenly Swollen or Painful) हो जाए तो क्या करें?

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यदि किसी एक बांह में अचानक भारी सूजन या तेज दर्द हो, तो तुरंत कंप्रेशन गारमेंट को ढीला करें, हाथ को तकियों पर ऊंचा उठाएं और तुरंत डॉ. विशाल पुरोहित की हेल्पलाइन पर फोन करें।

क्लिनिकल प्रमाण एवं पैथोलॉजी (Clinical Context)

शुरुआती दो-तीन दिनों में यदि एक हाथ अचानक तेजी से फूलने लगे और कड़ा हो जाए, तो यह अंदर किसी नस से खून रिसने (हेमाटोमा) का लक्षण हो सकता है। ऐसे समय में कभी भी बांह की मालिश न करें और न ही उसे जोर से दबाएं। सबसे पहले कंप्रेशन स्लीव की चेन या हुक को खोल दें ताकि बांह की नसों पर दबाव न पड़े। इसके बाद दो-तीन मुलायम तकिए लगाकर हाथ को सीने से ऊंचा उठा लें ताकि अतिरिक्त पानी नीचे उतर सके। इसके तुरंत बाद हमारे क्लिनिक के आपातकालीन नंबर पर कॉल करें। हमारी टीम तुरंत जांच करके स्थिति संभाल लेगी। जयपुर में डॉ. पुरोहित त्वरित सेवा देते हैं।

सर्जिकल रिकवरी एवं पोस्ट-ऑप प्रोटोकॉल

तुरंत हाथ ऊंचा करने और संपर्क करने से स्थिति संभल जाती है। 7 से 10 दिनों में काम शुरू हो जाता है।

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क्या एक तरफ की बांह में अचानक सूजन एक आपात स्थिति (Unilateral Swelling Emergency) है?

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हाँ, केवल एक बांह में अचानक सूजन आना एक मेडिकल इमरजेंसी है जो अंदर खून के थक्के या हेमाटोमा का संकेत हो सकती है और तुरंत डॉक्टर को दिखाना जरूरी होता है, जैसा। डॉ. विशाल पुरोहित समझाते हैं।

क्लिनिकल प्रमाण एवं पैथोलॉजी (Clinical Context)

सर्जरी के बाद यदि दोनों हाथों में हल्की सूजन हो, तो यह सामान्य बात है। लेकिन यदि एक हाथ बिल्कुल ठीक हो और दूसरा हाथ अचानक भारी, कड़ा और बहुत सूज जाए, तो इसे कभी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। यह इस बात का संकेत हो सकता है कि अंदर किसी रक्त वाहिका से खून निकलकर जमा हो रहा है। यदि इसे समय पर न निकाला जाए, तो बांह में दबाव बढ़ सकता है जिससे हथेली और उंगलियों में खून का दौरा प्रभावित हो सकता है। इसलिए बिना देर किए तुरंत अस्पताल या क्लिनिक पहुंचना चाहिए। डॉ. विशाल पुरोहित तुरंत जांच करके जमा खून को निकाल देते हैं जिससे हाथ सुरक्षित हो जाता है। जयपुर में पूर्ण सुरक्षा मिलती है।

सर्जिकल रिकवरी एवं पोस्ट-ऑप प्रोटोकॉल

तुरंत डॉक्टर को दिखाने से हाथ पूरी तरह सुरक्षित रहता है। 7 से 10 दिनों में सामान्य दिनचर्या बहाल हो जाती है।

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यदि आर्म लिफ्ट के बाद टांके थोड़े खुल जाएं (Incision Opens Up) तो क्या करें?

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यदि टांकों के किनारे से एक-दो सेंटीमीटर त्वचा अलग हो जाए, तो घबराएं नहीं; उस जगह को साफ और सूखा रखें, एंटीबायोटिक मलहम लगाकर पट्टी करें और डॉ. विशाल पुरोहित को दिखाएं।

क्लिनिकल प्रमाण एवं पैथोलॉजी (Clinical Context)

कोहनी के जोड़ या बगल के पास जहाँ खिंचाव ज्यादा होता है, कभी-कभी अचानक हाथ खींचने से एक छोटा सा हिस्सा (1-2 सेमी) ऊपर से खुल सकता है। इसे मेडिकल भाषा में 'घाव का हल्का ढीला पड़ना' कहते हैं। इसमें बिल्कुल घबराने की जरूरत नहीं होती। उस हिस्से पर खुद से कोई फेविक्विक या टेप न चिपकाएं। साफ पानी या सेलाइन से उसे पोंछें, डॉक्टर द्वारा दिया गया एंटीबायोटिक मलहम लगाएं और ऊपर से एक साफ सूखी जाली रखकर पट्टी कर दें। फिर क्लिनिक आएं। डॉक्टर उस हिस्से की नियमित ड्रेसिंग करते हैं और कुछ ही दिनों में नई त्वचा आकर घाव अपने आप पूरी तरह भर जाता है। जयपुर में डॉ. पुरोहित विशेषज्ञ देखरेख करते हैं।

सर्जिकल रिकवरी एवं पोस्ट-ऑप प्रोटोकॉल

सावधानीपूर्वक ड्रेसिंग से घाव बहुत जल्दी भर जाता है। 7 से 10 दिनों में काम शुरू हो जाता है।

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यदि आर्म लिफ्ट की पट्टी खून से भीग जाए (Dressing Soaked With Blood) तो क्या करें?

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यदि पट्टी पर ताजा लाल खून तेजी से फैल रहा हो, तो एक साफ तौलिए से उस जगह को 15 मिनट तक लगातार दबाकर रखें और तुरंत डॉ. विशाल पुरोहित से संपर्क करें।

क्लिनिकल प्रमाण एवं पैथोलॉजी (Clinical Context)

हल्का गुलाबी पानी या थोड़े से लाल धब्बे पट्टी के कोनों पर दिखना सामान्य बात होती है। लेकिन यदि पट्टी में से ताजा लाल खून टपक रहा हो या धब्बा तेजी से बड़ा हो रहा हो, तो तुरंत शांत होकर बैठ जाएं। एक साफ सूती कपड़ा या तौलिया लें और खून बहने वाली जगह पर 15 मिनट तक बिना हटाए लगातार मजबूत दबाव बनाए रखें। बार-बार कपड़ा उठाकर न देखें। हाथ को थोड़ा ऊंचा रखें और तुरंत हमारे क्लिनिक के नंबर पर फोन करें। दबाव लगाने से 95% मामलों में खून का रिसाव तुरंत बंद हो जाता है और डॉक्टर क्लिनिक में पट्टी बदलकर स्थिति सुरक्षित कर देते हैं। जयपुर में डॉ. पुरोहित त्वरित मदद देते हैं।

सर्जिकल रिकवरी एवं पोस्ट-ऑप प्रोटोकॉल

मजबूत दबाव से खून तुरंत रुक जाता है। 7 से 10 दिनों में सामान्य काम शुरू हो जाता है।

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यदि ब्रेकियोप्लास्टी के बाद बुखार (Develop a Fever) आ जाए तो क्या करें?

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यदि बुखार 100.4 डिग्री फारेनहाइट से अधिक हो जाए, तो पैरासिटामोल लें, खूब पानी पिएं, बांह पर लाली की जांच करें और तुरंत डॉ. विशाल पुरोहित को सूचित करें।

क्लिनिकल प्रमाण एवं पैथोलॉजी (Clinical Context)

सर्जरी के पहले एक-दो दिन हल्का बुखार (99 से 100 डिग्री) आना सामान्य होता है, जो शरीर की प्राकृतिक सूजन प्रतिक्रिया और फेफड़ों के सुस्त होने के कारण होता है। इसके लिए गहरी सांस लेने की कसरत और पानी पीना काफी होता है। लेकिन यदि तीसरे दिन के बाद तेज बुखार (101 डिग्री या अधिक) आए और साथ में कंपकंपी छूटे, या बांह में तेज दर्द व लाली हो, तो यह अंदरूनी इन्फेक्शन का संकेत हो सकता है। ऐसे में डॉक्टर को तुरंत फोन करें। डॉ. विशाल पुरोहित घाव की जांच करके सही एंटीबायोटिक दवा शुरू करते हैं जिससे बुखार तुरंत उतर जाता है। जयपुर में डॉ. पुरोहित त्वरित निदान करते हैं।

सर्जिकल रिकवरी एवं पोस्ट-ऑप प्रोटोकॉल

सही दवा से बुखार तुरंत ठीक हो जाता है। 7 से 10 दिनों में सामान्य दिनचर्या शुरू हो जाती है।

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रिकवरी के दौरान डॉक्टर से तुरंत संपर्क कब (Contact Surgeon Immediately) करना चाहिए?

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एक बांह में अचानक भारी सूजन, तेजी से खून बहने, 101 डिग्री बुखार, फैलती लाली, पैर की पिंडली में दर्द या सांस लेने में तकलीफ होने पर तुरंत डॉक्टर को फोन करें, जैसा। डॉ. विशाल पुरोहित निर्देशित करते हैं।

क्लिनिकल प्रमाण एवं पैथोलॉजी (Clinical Context)

मरीज को कभी भी आपात स्थिति में संकोच नहीं करना चाहिए। यदि इनमें से कोई भी लक्षण दिखे तो तुरंत डॉक्टर को फोन करें: एक बांह का अचानक बहुत बड़ा हो जाना, पट्टी से खून बहना, तेज कंपकंपी के साथ बुखार, टांकों के चारों ओर लाल घेरा फैलना, पैर की पिंडली में तेज सूजन या दर्द, या सीने में भारीपन और सांस फूलना। ये लक्षण बहुत दुर्लभ होते हैं लेकिन तुरंत इलाज की मांग करते हैं। डॉ. विशाल पुरोहित अपने हर मरीज को 24 घंटे चालू रहने वाला इमरजेंसी नंबर देते हैं ताकि किसी भी समय तुरंत मेडिकल सहायता मिल सके। जयपुर में सुरक्षा सर्वोपरि है।

सर्जिकल रिकवरी एवं पोस्ट-ऑप प्रोटोकॉल

त्वरित संपर्क से हर आपात स्थिति तुरंत हल होती है। 7 से 10 दिनों में सामान्य काम शुरू हो जाता है।

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आर्म लिफ्ट के बाद हेमाटोमा (Signs of a Hematoma) के लक्षण क्या हैं?

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हेमाटोमा के मुख्य लक्षण हैं: एक बांह का अचानक बहुत फूल जाना, लकड़ी जैसा कड़ापन, असहनीय धड़कता हुआ दर्द, त्वचा का गहरा बैंगनी होना और ड्रेन में बहुत ज्यादा खून आना, जैसा। डॉ. विशाल पुरोहित बताते हैं।

क्लिनिकल प्रमाण एवं पैथोलॉजी (Clinical Context)

हेमाटोमा का मतलब है त्वचा के नीचे किसी बारीक नस से खून रिसकर जमा हो जाना। यह आमतौर पर सर्जरी के पहले 24 से 48 घंटों में ही होता है। यदि ऐसा हो, तो प्रभावित बांह दूसरी बांह से बहुत भारी और मोटी दिखने लगती है, छूने पर बहुत कड़क महसूस होती है और दर्द की गोलियां लेने के बाद भी तेज दर्द बना रहता है। त्वचा का रंग गहरा नीला या बैंगनी पड़ सकता है। यदि ड्रेन लगी हो, तो उसमें अचानक 100 मिली से ज्यादा ताजा लाल खून भर सकता है। ऐसे में डॉ. विशाल पुरोहित तुरंत क्लिनिक में उस जमे हुए खून को निकाल देते हैं जिससे दर्द और सूजन तुरंत गायब हो जाती है। जयपुर में डॉ. पुरोहित विशेषज्ञ हैं।

सर्जिकल रिकवरी एवं पोस्ट-ऑप प्रोटोकॉल

तुरंत उपचार से त्वचा पूरी तरह सुरक्षित रहती है। 7 से 10 दिनों में सामान्य दिनचर्या बहाल हो जाती है।

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ब्रेकियोप्लास्टी के बाद इन्फेक्शन (Signs of an Infection) के लक्षण क्या हैं?

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इन्फेक्शन के लक्षण हैं: टांकों के आसपास लाल घेरा फैलना, त्वचा का बहुत गर्म होना, बढ़ता हुआ दर्द, पीब या बदबूदार मवाद का रिसाव और 100.4 डिग्री से अधिक बुखार, जैसा। डॉ. विशाल पुरोहित समझाते हैं।

क्लिनिकल प्रमाण एवं पैथोलॉजी (Clinical Context)

इन्फेक्शन आमतौर पर सर्जरी के 5 से 10 दिन बाद दिखाई देता है। सामान्य हीलिंग में दर्द हर दिन घटता है, लेकिन यदि पांचवें दिन के बाद अचानक दर्द बढ़ने लगे तो यह इन्फेक्शन का संकेत हो सकता है। टांकों के आसपास की त्वचा लाल, सूजी हुई और छूने पर गर्म महसूस होती है। यदि घाव के किसी कोने से पीला या मटमैला पानी (मवाद) निकलने लगे और शरीर में कंपकंपी के साथ बुखार आए, तो तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए। डॉ. विशाल पुरोहित घाव से सैंपल लेकर सही एंटीबायोटिक दवा शुरू करते हैं और विशेष ड्रेसिंग करते हैं जिससे इन्फेक्शन दो-तीन दिन में पूरी तरह खत्म हो जाता है। जयपुर में डॉ. पुरोहित तत्पर रहते हैं।

सर्जिकल रिकवरी एवं पोस्ट-ऑप प्रोटोकॉल

समय पर एंटीबायोटिक से इन्फेक्शन पूरी तरह खत्म हो जाता है। 7 से 10 दिनों में काम शुरू हो जाता है।

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सर्जरी के बाद पैर में खून का थक्का जमने (Signs of DVT) के लक्षण क्या हैं?

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DVT के मुख्य लक्षण हैं: किसी एक पैर की पिंडली में तेज दर्द, ऐंठन, पिंडली में भारी सूजन, त्वचा का गर्म होना और पैर मोड़ने पर तेज दर्द होना, जैसा। डॉ. विशाल पुरोहित आगाह करते हैं।

क्लिनिकल प्रमाण एवं पैथोलॉजी (Clinical Context)

डीप वेन थ्रोम्बोसिस (DVT) तब होता है जब सर्जरी के बाद बहुत देर तक लेटे रहने से पैर की नसों में खून का थक्का जम जाता है। हालांकि तुरंत टहलने और अस्पताल में पैरों के पंप चलने से यह जोखिम नगण्य रहता है, फिर भी लक्षण जानना जरूरी है। यदि घर पर एक पैर की पिंडली में अचानक तेज दर्द होने लगे जो खिंचाव या ऐंठन जैसा लगे, पैर में सूजन आ जाए और पिंडली की त्वचा गर्म महसूस हो, तो यह DVT हो सकता है। ऐसे में मरीज को पैर की मालिश बिल्कुल नहीं करनी चाहिए और तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। अल्ट्रासाउंड करके तुरंत खून पतला करने वाली दवा दी जाती है जिससे थक्का घुल जाता है। जयपुर में डॉ. पुरोहित पूर्ण सतर्कता रखते हैं।

सर्जिकल रिकवरी एवं पोस्ट-ऑप प्रोटोकॉल

तुरंत टहलने से DVT का जोखिम बिल्कुल टल जाता है। 7 से 10 दिनों में सामान्य काम शुरू हो जाता है।

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यदि सर्जरी के बाद सीने में दर्द या सांस फूले (Chest Pain or Shortness of Breath) तो क्या करें?

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सीने में अचानक दर्द, सांस फूलना या खून वाली खांसी आना एक गंभीर मेडिकल इमरजेंसी (पल्मोनरी एम्बोलिज्म) है; तुरंत एम्बुलेंस बुलाएं और निकटतम आपातकालीन अस्पताल पहुंचें, जैसा। डॉ. विशाल पुरोहित चेतावनी देते हैं।

क्लिनिकल प्रमाण एवं पैथोलॉजी (Clinical Context)

यदि सर्जरी के बाद किसी भी दिन अचानक सांस लेने में भारी तकलीफ हो, गहरी सांस लेने पर सीने में तेज चुभन वाला दर्द हो, दिल की धड़कन बहुत तेज हो जाए या चक्कर आने लगें, तो यह इस बात का संकेत हो सकता है कि पैर से खून का कोई थक्का फेफड़ों तक पहुंच गया है। इसे 'पल्मोनरी एम्बोलिज्म' कहते हैं और यह जानलेवा हो सकता है। ऐसे समय में क्लिनिक की ओपीडी का इंतजार न करें और खुद गाड़ी चलाने की कोशिश न करें। तुरंत आपातकालीन एम्बुलेंस (108/112) बुलाएं और सबसे नजदीकी बड़े अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में जाएं। वहाँ तुरंत ऑक्सीजन और थक्के को घोलने वाली दवा दी जाती है जिससे जान बच जाती है। जयपुर में डॉ. पुरोहित सर्वोच्च सुरक्षा नियम बताते हैं।

सर्जिकल रिकवरी एवं पोस्ट-ऑप प्रोटोकॉल

आपातकालीन अस्पताल जाने से तुरंत जान की रक्षा होती है। 7 से 10 दिनों में सामान्य दिनचर्या बहाल हो जाती है।

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आर्म लिफ्ट के बाद इमरजेंसी में किसे फोन (Who to Call in Emergency) करें?

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सर्जरी से जुड़ी इमरजेंसी के लिए डॉ. विशाल पुरोहित की 24/7 मरीज हेल्पलाइन पर फोन करें; सीने के दर्द या सांस की गंभीर तकलीफ के लिए 108/112 पर एम्बुलेंस बुलाएं।

क्लिनिकल प्रमाण एवं पैथोलॉजी (Clinical Context)

अस्पताल से डिस्चार्ज होते समय हर मरीज को एक इमरजेंसी कार्ड दिया जाता है जिसमें डॉक्टर और क्लिनिक के आपातकालीन नंबर साफ-साफ लिखे होते हैं। यदि बांह में कोई समस्या हो—जैसे अचानक सूजन, टांकों से खून बहना या तेज दर्द—तो तुरंत हमारे क्लिनिक के 24 घंटे चालू रहने वाले नंबर पर कॉल करें। हमारे डॉक्टर और नर्सिंग टीम तुरंत फोन उठाते हैं और आवश्यक कदम उठाते हैं। लेकिन यदि अचानक सांस फूलने या बेहोशी जैसी कोई गंभीर समस्या हो, तो बिना समय गंवाए तुरंत 108 या 112 पर फोन करके एम्बुलेंस बुलाएं और नजदीकी अस्पताल पहुंचे। जयपुर में डॉ. पुरोहित मरीजों को चौबीसों घंटे सुरक्षा देते हैं।

सर्जिकल रिकवरी एवं पोस्ट-ऑप प्रोटोकॉल

समर्पित हेल्पलाइन से मरीज को हर समय सुरक्षा का भरोसा रहता है। 7 से 10 दिनों में काम शुरू हो जाता है।

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क्या क्लिनिक छुट्टी के समय के लिए इमरजेंसी नंबर (Emergency Contact Number) देता है?

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हाँ,। डॉ. विशाल पुरोहित हर मरीज को डिस्चार्ज के समय 24 घंटे और सातों दिन चालू रहने वाला सीधा इमरजेंसी फोन नंबर प्रदान करते हैं।

क्लिनिकल प्रमाण एवं पैथोलॉजी (Clinical Context)

मरीज की सुरक्षा और मानसिक शांति हमारी सबसे पहली प्राथमिकता है। अस्पताल से छुट्टी के समय आपको एक विशेष इमरजेंसी संपर्क कार्ड दिया जाता है। इस पर डॉ. विशाल पुरोहित और ऑन-ड्यूटी सर्जिकल डॉक्टर का सीधा मोबाइल नंबर होता है। चाहे रात के 2 बजे हों, रविवार हो या कोई त्योहार, यदि आपको अपनी दवाओं, दर्द या ड्रेसिंग को लेकर कोई भी चिंता हो, तो आप तुरंत फोन कर सकते हैं। हमारी मेडिकल टीम तुरंत आपकी बात सुनती है और सही सलाह देती है। आपको कभी भी अकेला या बेसहारा महसूस नहीं होगा। जयपुर में डॉ. पुरोहित चौबीसों घंटे मरीज के साथ रहते हैं।

सर्जिकल रिकवरी एवं पोस्ट-ऑप प्रोटोकॉल

24/7 हेल्पलाइन से मरीज और परिवार पूरी तरह निश्चिंत रहते हैं। 7 से 10 दिनों में सामान्य काम शुरू हो जाता है।

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यदि रिकवरी के दौरान गलती से बांह पर झटका या चोट (Accidentally Hit or Bump Arm) लग जाए तो क्या करें?

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यदि गलती से बांह दरवाजे या किसी चीज से टकरा जाए, तो तुरंत बैठ जाएं, ब्लीडिंग या सूजन की जांच करें, कपड़े में लपेटकर बर्फ लगाएं और डॉ. विशाल पुरोहित से संपर्क करें।

क्लिनिकल प्रमाण एवं पैथोलॉजी (Clinical Context)

रिकवरी के दौरान कभी-कभी दरवाजा खोलते या चलते समय बांह किसी चीज से हल्की टकरा सकती है। ऐसा होने पर सबसे पहले शांत होकर बैठ जाएं। पट्टी या कपड़े को देखें—क्या वहाँ से ताजा खून रिस रहा है? क्या बांह में कोई अचानक सख्त गांठ या उभार बन गया है? यदि कोई ब्लीडिंग नहीं है और दोनों बांहें एक जैसी दिख रही हैं, तो एक साफ कपड़े में बर्फ लपेटकर 15 मिनट के लिए उस जगह पर हल्की सिकाई करें ताकि नील न पड़े। इसके बाद हमारे क्लिनिक के नंबर पर व्हाट्सएप पर फोटो भेजें ताकि डॉक्टर देखकर पुष्टि कर सकें कि टांके पूरी तरह सुरक्षित हैं। जयपुर में डॉ. पुरोहित तुरंत मार्गदर्शन देते हैं।

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तुरंत बर्फ लगाने और जांच से टांके सुरक्षित रहते हैं। 7 से 10 दिनों में सामान्य काम शुरू हो जाता है।

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यदि कंप्रेशन गारमेंट से त्वचा पर छाले या कट (Garment Causes Blisters) बन जाएं तो क्या करें?

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यदि गारमेंट से त्वचा पर छाले, लाल निशान या असहनीय दबाव बने, तो तुरंत गारमेंट उतारें, उस जगह पर मुलायम जाली रखें और री-साइजिंग के लिए डॉ. विशाल पुरोहित से मिलें।

क्लिनिकल प्रमाण एवं पैथोलॉजी (Clinical Context)

कंप्रेशन गारमेंट का काम बांह को एक समान दबाव देना होता है, दर्द या घाव पैदा करना नहीं। यदि गारमेंट कोहनी या बगल के पास मुड़ जाए, सिलवट बन जाए या बहुत ज्यादा तंग हो, तो त्वचा पर रगड़ से पानी का छाला (ब्लिस्टर) बन सकता है या त्वचा छिल सकती है। यदि आपको कहीं बहुत तेज चुभन महसूस हो, तो तुरंत गारमेंट को उतार दें। उस जगह को हल्के गुनगुने पानी से साफ करें और एक मुलायम सूखी पट्टी रख दें। इसके बाद क्लिनिक आएं। डॉ. विशाल पुरोहित गारमेंट का नाप दोबारा चेक करके उसे सही कराएंगे या दूसरी आरामदायक स्लीव देंगे। जयपुर में डॉ. पुरोहित पूरी देखभाल करते हैं।

सर्जिकल रिकवरी एवं पोस्ट-ऑप प्रोटोकॉल

गारमेंट का सही नाप होने से त्वचा सुरक्षित रहती है। 7 से 10 दिनों में सामान्य काम शुरू हो जाता है।

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