आर्म लिफ्ट (ब्रेकियोप्लास्टी) | भारी वजन घटाने के बाद आर्म लिफ्ट सर्जरी
चिकित्सीय रूप से प्रमाणित व समीक्षित: प्रमाणित: डॉ. विशाल पुरोहित (MCh प्लास्टिक सर्जरी) • RMC Reg. 28041/14185 • अक्टूबर 2026
भारी वजन घटाने के बाद आर्म लिफ्ट सर्जरीक्या भारी वजन घटने के बाद ब्रेकियोप्लास्टी (Recommended After Weight Loss) करानी चाहिए?
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क्या भारी वजन घटने के बाद ब्रेकियोप्लास्टी (Recommended After Weight Loss) करानी चाहिए?
#हाँ, भारी वजन घटने के बाद ब्रेकियोप्लास्टी अत्यंत लाभकारी होती है क्योंकि ढीली पड़ चुकी त्वचा की इलास्टिसिटी खत्म हो जाती है और वह बिना सर्जरी के खुद नहीं सिकुड़ सकती, जैसा। डॉ. विशाल पुरोहित बताते हैं।
जब बेरिएट्रिक सर्जरी या डाइट से 20 से 50 किलो वजन घटता है, तो अंदर की चर्बी तो गायब हो जाती है लेकिन खींची हुई त्वचा थैली की तरह लटकती रह जाती है। त्वचा के अंदरूनी इलास्टिन फाइबर टूट चुके होते हैं, इसलिए कोई भी कसरत या क्रीम इसे वापस नहीं कस सकती। यह लटकती चमड़ी बगल में रगड़ खाती है, जिससे फंगल इन्फेक्शन, पसीना और बदबू होती है। आर्म लिफ्ट सर्जरी से इस अतिरिक्त त्वचा को पूरी तरह काटकर निकाल दिया जाता है और बांह को एक सुंदर, कसा हुआ और सुडौल आकार दिया जाता है। जयपुर में डॉ. विशाल पुरोहित पोस्ट-बेरिएट्रिक सर्जरी में माहिर हैं।
लटकती त्वचा से हमेशा के लिए मुक्ति मिलती है। 7 से 10 दिनों में सामान्य काम शुरू हो जाता है।
भारी वजन घटाने के बाद आर्म लिफ्ट सर्जरीबेरिएट्रिक सर्जरी के बाद आर्म लिफ्ट कब (When to Undergo Arm Lift) करानी चाहिए?
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बेरिएट्रिक सर्जरी के बाद आर्म लिफ्ट कब (When to Undergo Arm Lift) करानी चाहिए?
#बेरिएट्रिक सर्जरी के 12 से 18 महीने बाद आर्म लिफ्ट करानी चाहिए, जब आपका वजन कम से कम तीन से छह महीने तक पूरी तरह स्थिर हो चुका हो, जैसा। डॉ. विशाल पुरोहित सलाह देते हैं।
मोटापे की सर्जरी के बाद पहले एक साल तक शरीर का वजन बहुत तेजी से घटता है। इस दौरान यदि प्लास्टिक सर्जरी करा ली जाए, तो शरीर में प्रोटीन और विटामिन्स की कमी के कारण घाव भरने में परेशानी हो सकती है, और आगे और वजन घटने पर त्वचा दोबारा ढीली पड़ सकती है। 12 से 18 महीने बाद वजन घटना बंद हो जाता है और शरीर का मेटाबॉलिज्म पूरी तरह स्थिर हो जाता है। जब वजन लगातार तीन से छह महीने तक एक समान बना रहे, तब आर्म लिफ्ट कराना सबसे सुरक्षित होता है और इससे मिलने वाले परिणाम जीवन भर बने रहते हैं। जयपुर में डॉ. पुरोहित पूरी जांच के बाद ही सर्जरी करते हैं।
स्थिर वजन पर सर्जरी से स्थायी परिणाम मिलते हैं। 7 से 10 दिनों में सामान्य काम शुरू हो जाता है।
भारी वजन घटाने के बाद आर्म लिफ्ट सर्जरीवजन घटाने की सर्जरी के कितने समय बाद ब्रेकियोप्लास्टी कराएं (How Long to Wait)?
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वजन घटाने की सर्जरी के कितने समय बाद ब्रेकियोप्लास्टी कराएं (How Long to Wait)?
#वजन घटाने की सर्जरी के कम से कम 12 महीने बाद और वजन के 3 से 6 महीने तक स्थिर रहने पर ही ब्रेकियोप्लास्टी करानी चाहिए, जैसा। डॉ. विशाल पुरोहित निर्देशित करते हैं।
एक साल का यह अंतराल मरीज की सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी होता है। बेरिएट्रिक सर्जरी के बाद शरीर में कई हफ्तों तक कमजोरी रहती है। 12 महीने पूरे होने तक शरीर सामान्य खान-पान को अच्छी तरह पचाने लगता है, खून में प्रोटीन और हीमोग्लोबिन का स्तर सामान्य हो जाता है और रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत हो जाती है। इसके अलावा 12 महीनों में त्वचा जितनी स्वाभाविक रूप से सिकुड़ सकती थी, सिकुड़ चुकी होती है। इसके बाद बची हुई ढीली त्वचा को सर्जरी से हटाना बहुत सुरक्षित और प्रभावी होता है। जयपुर में डॉ. विशाल पुरोहित सुरक्षा मानकों का पूरा पालन करते हैं।
पूरी तैयारी के साथ सर्जरी कराने से हीलिंग बहुत अच्छी होती है। 7 से 10 दिनों में काम शुरू हो जाता है।
भारी वजन घटाने के बाद आर्म लिफ्ट सर्जरीक्या वजन घटाने वाली दवाओं (GLP-1 Injections) के बाद ब्रेकियोप्लास्टी करा सकते हैं?
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क्या वजन घटाने वाली दवाओं (GLP-1 Injections) के बाद ब्रेकियोप्लास्टी करा सकते हैं?
#हाँ, सेमाग्लूटाइड या अन्य दवाओं से वजन घटाने के बाद आप ब्रेकियोप्लास्टी करा सकते हैं, बशर्ते वजन स्थिर हो और सर्जरी से पहले दवा को डॉक्टर के निर्देशानुसार रोका जाए, जैसा। डॉ. विशाल पुरोहित बताते हैं।
आजकल आधुनिक दवाओं और इंजेक्शनों से लोग 15 से 30 किलो वजन आसानी से कम कर रहे हैं। वजन कम होने के बाद बांहों पर लटकने वाली अतिरिक्त त्वचा को ये दवाएं ठीक नहीं कर सकतीं, इसलिए आर्म लिफ्ट ही इसका एकमात्र समाधान है। जब आपका वजन स्थिर हो जाए, तो आप सर्जरी करा सकते हैं। हालांकि ये दवाएं पेट खाली होने की गति को धीमा कर देती हैं, इसलिए एनेस्थीसिया की सुरक्षा के लिए सर्जरी से एक से दो सप्ताह पहले इन दवाओं को बंद करना जरूरी होता है। सर्जरी के बाद जब मरीज सामान्य खाने लगे, तो दवा दोबारा शुरू की जा सकती है। जयपुर में डॉ. पुरोहित पूरी सुरक्षा रखते हैं।
दवाओं के बाद बची चमड़ी को हटाकर आकर्षक बाहें मिलती हैं। 7 से 10 दिनों में काम शुरू हो जाता है।
भारी वजन घटाने के बाद आर्म लिफ्ट सर्जरीक्या गैस्ट्रिक बाईपास सर्जरी के बाद आर्म लिफ्ट से लटकती त्वचा (Excess Skin After Bypass) हटाई जा सकती है?
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क्या गैस्ट्रिक बाईपास सर्जरी के बाद आर्म लिफ्ट से लटकती त्वचा (Excess Skin After Bypass) हटाई जा सकती है?
#हाँ, गैस्ट्रिक बाईपास के बाद लटकने वाली अत्यधिक त्वचा को आर्म लिफ्ट द्वारा पूरी तरह काटकर हटाया जाता है, जिससे बगल से कोहनी तक की बांह पूरी तरह सुडौल हो जाती है, जैसा। डॉ. विशाल पुरोहित करते हैं।
गैस्ट्रिक बाईपास के बाद मरीजों की बांहों से चर्बी तो पूरी तरह पिघल जाती है लेकिन त्वचा 10 से 15 सेंटीमीटर नीचे झूलती रहती है। यह लटकी हुई त्वचा कपड़े पहनने में परेशानी करती है और हाथ उठाने पर भारी लगती है। डॉ. विशाल पुरोहित इस अतिरिक्त त्वचा को लंबाई और चौड़ाई दोनों में मापकर पूरी तरह निकाल देते हैं। साथ ही अंदरूनी फेशियल परत को कस दिया जाता है ताकि बांह को मजबूत सहारा मिले। सर्जरी के बाद बांह बिल्कुल सीधी, कसी हुई और सामान्य दिखने लगती है, जिससे वजन घटाने की मेहनत पूरी तरह सफल हो जाती है। जयपुर में डॉ. पुरोहित विशेषज्ञ हैं।
लटकती चमड़ी हटने से आत्मविश्वास लौट आता है। 7 से 10 दिनों में सामान्य काम शुरू हो जाता है।
भारी वजन घटाने के बाद आर्म लिफ्ट सर्जरीक्या वजन घटने के बाद गंभीर बैट-विंग्स (Severe Bat-Wing Deformity) को आर्म लिफ्ट ठीक कर सकती है?
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क्या वजन घटने के बाद गंभीर बैट-विंग्स (Severe Bat-Wing Deformity) को आर्म लिफ्ट ठीक कर सकती है?
#हाँ, गंभीर बैट-विंग्स को ठीक करने के लिए आर्म लिफ्ट दुनिया का सबसे प्रभावी और स्थायी तरीका है, जिससे लटकती हुई त्वचा को पूरी तरह काटकर बांह को नया आकार दिया जाता है, जैसा। डॉ. विशाल पुरोहित करते हैं।
जब बांह के नीचे बहुत बड़ी मात्रा में त्वचा झूलती है, जिसे आम बोलचाल में 'बैट विंग्स' (चमगादड़ के पंख) कहा जाता है, तो कोई भी लेजर या नॉन-सर्जिकल मशीन काम नहीं करती। इसके लिए केवल सर्जिकल ब्रेकियोप्लास्टी ही असरदार होती है। डॉ. विशाल पुरोहित 10 से 15 सेंटीमीटर तक चौड़ी लटकती त्वचा को सुरक्षित रूप से काटकर अलग कर देते हैं। अंदरूनी मांसपेशियों के ऊपर मौजूद फेशिया को मजबूती से बांध दिया जाता है। इससे हाथ हिलाने पर होने वाला त्वचा का झूलना हमेशा के लिए खत्म हो जाता है और हाथ बिल्कुल सीधे और फिट हो जाते हैं। जयपुर में डॉ. पुरोहित उत्कृष्ट परिणाम देते हैं।
बैट-विंग्स हमेशा के लिए खत्म हो जाते हैं। 7 से 10 दिनों में सामान्य दिनचर्या बहाल हो जाती है।
भारी वजन घटाने के बाद आर्म लिफ्ट सर्जरीक्या 30 किलो से ज्यादा वजन घटाने वाले मरीज (Lost Over 30 kg) ब्रेकियोप्लास्टी करा सकते हैं?
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क्या 30 किलो से ज्यादा वजन घटाने वाले मरीज (Lost Over 30 kg) ब्रेकियोप्लास्टी करा सकते हैं?
#हाँ, 30 किलो से अधिक वजन घटाने वाले मरीज आर्म लिफ्ट के सबसे उपयुक्त उम्मीदवार होते हैं और उन्हें एक्सटेंडेड ब्रेकियोप्लास्टी से बांह और सीने के बगल की ढीली त्वचा से मुक्ति मिलती है, जैसा। डॉ. विशाल पुरोहित बताते हैं।
जब कोई व्यक्ति 30, 40 या 50 किलो वजन कम करता है, तो त्वचा केवल बांहों में ही नहीं बल्कि बगल से होते हुए सीने और पसलियों के किनारों पर भी लटक जाती है। यदि केवल बांह की सर्जरी की जाए तो बगल के पास एक मुड़ी हुई सिलवट रह सकती है। इसलिए डॉ. विशाल पुरोहित 'एक्सटेंडेड ब्रेकियोप्लास्टी' करते हैं, जिसमें चीरे को बगल से थोड़ा नीचे सीने की तरफ ले जाकर दोनों जगहों की ढीली त्वचा को एक साथ हटा दिया जाता है। इससे बांह और ऊपरी धड़ दोनों एक साथ पूरी तरह सपाट और टोंड हो जाते हैं। यह बदलाव मरीज के पूरे जीवन को बदल देता है। जयपुर में डॉ. पुरोहित विशेषज्ञ हैं।
30 किलो से ज्यादा वजन घटाने वालों के लिए यह वरदान है। 7 से 10 दिनों में काम शुरू हो जाता है।
भारी वजन घटाने के बाद आर्म लिफ्ट सर्जरीक्या आर्म लिफ्ट से बगल से कोहनी तक (Armpit to Elbow) लटकती त्वचा हट सकती है?
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क्या आर्म लिफ्ट से बगल से कोहनी तक (Armpit to Elbow) लटकती त्वचा हट सकती है?
#हाँ, फुल ब्रेकियोप्लास्टी विशेष रूप से बगल से लेकर कोहनी तक फैली पूरी ढीली त्वचा को एक साथ हटाने के लिए ही की जाती है, जैसा। डॉ. विशाल पुरोहित सुनिश्चित करते हैं।
जब ढीली त्वचा पूरी बांह पर फैली होती है, तो छोटा चीरा काम नहीं करता। इसके लिए फुल आर्म लिफ्ट की जाती है जिसमें चीरा बगल से शुरू होकर कोहनी के ठीक ऊपर तक अंदरूनी रेखा में लगाया जाता है। डॉ. विशाल पुरोहित पूरी लंबाई में अतिरिक्त त्वचा और चर्बी को हटाते हैं। इससे कंधे से शुरू होकर कोहनी तक एक समान कसाव आता है और कोहनी के जोड़ पर कोई अतिरिक्त सिलवट या उभार नहीं बचता। पूरी बांह एक पतली और सुंदर ट्यूब की तरह सुडौल बन जाती है। जयपुर में डॉ. विशाल पुरोहित हर मरीज के हाथ की लंबाई के अनुसार सर्जरी करते हैं।
पूरी बांह में एक समान कसाव और सुंदरता आती है। 7 से 10 दिनों में सामान्य काम शुरू हो जाता है।
भारी वजन घटाने के बाद आर्म लिफ्ट सर्जरीक्या बांह की अतिरिक्त त्वचा सीने के बगल (Side of the Chest) तक फैल सकती है?
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क्या बांह की अतिरिक्त त्वचा सीने के बगल (Side of the Chest) तक फैल सकती है?
#हाँ, भारी वजन घटने के बाद बांह की ढीली त्वचा अक्सर बगल से होते हुए सीने और पसलियों के किनारे तक फैल जाती है।
वजन ज्यादा कम होने पर त्वचा के ऊतक आपस में जुड़े होते हैं। बांह के नीचे लटकने वाला हिस्सा सीधे बगल से होते हुए सीने की साइड (ब्रा-लाइन वाले हिस्से) की सिलवटों से मिल जाता है। यदि केवल बांह को ठीक किया जाए तो बगल के पास एक मुड़ा हुआ मांस का टुकड़ा रह सकता है जो कपड़ों में अजीब दिखता है। डॉ. विशाल पुरोहित चीरे को बगल के पार सीने की साइड तक ले जाते हैं। बगल के जोड़ पर विशेष ज़िग-ज़ैग कट लगाया जाता है ताकि हाथ उठाने में खिंचाव न आए। इससे बांह और सीने की साइड दोनों एक साथ सपाट हो जाती हैं। जयपुर में डॉ. पुरोहित विशेषज्ञ तकनीक अपनाते हैं।
बांह और सीने का एक साथ कायाकल्प हो जाता है। 7 से 10 दिनों में सामान्य काम शुरू हो जाता है।
भारी वजन घटाने के बाद आर्म लिफ्ट सर्जरीएक्सटेंडेड ब्रेकियोप्लास्टी (What is Extended Brachioplasty) क्या होती है?
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एक्सटेंडेड ब्रेकियोप्लास्टी (What is Extended Brachioplasty) क्या होती है?
#एक्सटेंडेड ब्रेकियोप्लास्टी एक उन्नत तकनीक है जिसमें चीरा बांह से आगे बढ़कर बगल के रास्ते सीने की साइड तक जाता है ताकि बांह और सीने की ढीली त्वचा दोनों को एक साथ हटाया जा सके, जैसा। डॉ. विशाल पुरोहित करते हैं।
जब मरीज का वजन 30 किलो से ज्यादा कम होता है, तो साधारण आर्म लिफ्ट पूरी तरह काफी नहीं होती। एक्सटेंडेड ब्रेकियोप्लास्टी में चीरा कोहनी के ऊपर से शुरू होकर बगल को पार करता हुआ पसलियों के किनारे तक जाता है। डॉ. विशाल पुरोहित इस पूरे हिस्से की अतिरिक्त त्वचा और चर्बी को हटाकर अंदरूनी परतों को मजबूती से सिलते हैं। बगल के जोड़ पर त्वचा को मुड़ने से रोकने के लिए विशेष प्लास्टिक सर्जरी तकनीक अपनाई जाती है। इस एक ही ऑपरेशन से मरीज की बांहें और ब्रा-लाइन के नीचे की लटकती त्वचा दोनों पूरी तरह खत्म हो जाती हैं। जयपुर में डॉ. पुरोहित इस जटिल सर्जरी के विशेषज्ञ हैं।
एक ही सर्जरी में बांह और सीने दोनों का कायाकल्प होता है। 7 से 10 दिनों में काम शुरू हो जाता है।
भारी वजन घटाने के बाद आर्म लिफ्ट सर्जरीक्या वजन घटने के बाद आर्म लिफ्ट को अन्य सर्जरी (Combined Procedures) के साथ जोड़ सकते हैं?
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क्या वजन घटने के बाद आर्म लिफ्ट को अन्य सर्जरी (Combined Procedures) के साथ जोड़ सकते हैं?
#हाँ, आर्म लिफ्ट को टमी टक, ब्रेस्ट लिफ्ट या थाई लिफ्ट के साथ सुरक्षित रूप से एक ही सत्र में जोड़ा जा सकता है ताकि एक ही बार में रिकवरी पूरी हो सके, जैसा। डॉ. विशाल पुरोहित करते हैं।
वजन ज्यादा घटने के बाद पेट, छाती और जांघों पर भी ढीली त्वचा होती है। हर हिस्से के लिए बार-बार अलग सर्जरी कराने के बजाय दो प्रक्रियाओं को एक साथ जोड़ना बहुत सुविधाजनक होता है। सबसे लोकप्रिय संयोजन आर्म लिफ्ट के साथ टमी टक (पेट की सर्जरी) या आर्म लिफ्ट के साथ ब्रेस्ट लिफ्ट है। इससे मरीज को केवल एक बार एनेस्थीसिया लेना पड़ता है, एक बार अस्पताल में भर्ती होना पड़ता है और दोनों हिस्सों की रिकवरी एक ही छुट्टी में पूरी हो जाती है। डॉ. विशाल पुरोहित कुल सर्जरी का समय 5-6 घंटे के भीतर सीमित रखते हैं ताकि पूर्ण सुरक्षा बनी रहे। जयपुर में डॉ. पुरोहित विशेषज्ञ योजना बनाते हैं।
एक साथ सर्जरी से समय और खर्च दोनों की बचत होती है। 10 से 14 दिनों में काम शुरू हो जाता है।
भारी वजन घटाने के बाद आर्म लिफ्ट सर्जरीक्या बेरिएट्रिक सर्जरी के बाद पोषण की कमी ठीक करना (Correct Nutritional Deficiencies) जरूरी है?
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क्या बेरिएट्रिक सर्जरी के बाद पोषण की कमी ठीक करना (Correct Nutritional Deficiencies) जरूरी है?
#हाँ, सर्जरी से पहले प्रोटीन, हीमोग्लोबिन, आयरन, जिंक और विटामिन डी के स्तर को सामान्य करना अनिवार्य होता है ताकि घाव तेजी से और सुरक्षित भरें, जैसा। डॉ. विशाल पुरोहित निर्देशित करते हैं।
मोटापे की सर्जरी के बाद आंतों में पोषक तत्वों का अवशोषण थोड़ा कम हो जाता है, जिससे कई मरीजों में खून या प्रोटीन की कमी हो सकती है। यदि शरीर में एल्ब्यूमिन (प्रोटीन) या हीमोग्लोबिन कम हो, तो सर्जरी के बाद घाव सूखने में बहुत समय लग सकता है और टांके कमजोर रह सकते हैं। इसलिए डॉ. विशाल पुरोहित सर्जरी से पहले पूरा ब्लड टेस्ट कराते हैं। यदि किसी विटामिन या आयरन की कमी पाई जाती है, तो पहले गोलियां या सप्लीमेंट्स देकर उस कमी को पूरा किया जाता है। जब शरीर पूरी तरह स्वस्थ और मजबूत हो जाता है, तभी सर्जरी की जाती है। जयपुर में डॉ. पुरोहित सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हैं।
पोषक तत्वों के संतुलन से घाव बिना किसी परेशानी के भरते हैं। 7 से 10 दिनों में काम शुरू हो जाता है।
भारी वजन घटाने के बाद आर्म लिफ्ट सर्जरीक्या बहुत ज्यादा वजन घटने से आर्म लिफ्ट में जटिलताओं का जोखिम (Risk of Complications) बढ़ता है?
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क्या बहुत ज्यादा वजन घटने से आर्म लिफ्ट में जटिलताओं का जोखिम (Risk of Complications) बढ़ता है?
#हाँ, अत्यधिक वजन घटने के बाद त्वचा में खिंचाव के कारण घाव भरने में थोड़ा अतिरिक्त समय या सीरोमा का मामूली जोखिम बढ़ सकता है, लेकिन। डॉ. विशाल पुरोहित की तकनीक से गंभीर जोखिम नगण्य रहते हैं।
जब किसी व्यक्ति का 30-40 किलो वजन कम होता है, तो त्वचा की अंदरूनी संरचना सामान्य त्वचा से थोड़ी अलग होती है। त्वचा की रक्त नलिकाएं पतली होती हैं और त्वचा में खिंचाव ज्यादा होता है। इसलिए ऐसे मरीजों में टांकों के किनारे पर हल्का खिंचाव या त्वचा के नीचे थोड़ा पानी भरने का जोखिम सामान्य मरीजों से 2-3% अधिक हो सकता है। लेकिन डॉ. विशाल पुरोहित विशेष अंदरूनी टांकों (क्विल्टिंग सूचर्स) और सटीक तकनीक का उपयोग करते हैं जिससे यह जोखिम पूरी तरह नियंत्रित रहता है। मरीज को अस्पताल में पूरी सुरक्षा और पोस्ट-ऑप देखभाल दी जाती है। जयपुर में डॉ. पुरोहित सुरक्षित परिणाम देते हैं।
विशेषज्ञ तकनीक से सभी जोखिम पूरी तरह नियंत्रित रहते हैं। 7 से 10 दिनों में काम शुरू हो जाता है।
भारी वजन घटाने के बाद आर्म लिफ्ट सर्जरीक्या वजन घटते रहने के दौरान आर्म लिफ्ट करा सकते (Arm Lift While Losing Weight) हैं?
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क्या वजन घटते रहने के दौरान आर्म लिफ्ट करा सकते (Arm Lift While Losing Weight) हैं?
#नहीं, जब तक वजन लगातार घट रहा हो तब तक आर्म लिफ्ट नहीं करानी चाहिए; पहले अपने अंतिम लक्ष्य वजन तक पहुंचें और उसे 3 से 6 महीने स्थिर रखें, जैसा। डॉ. विशाल पुरोहित हिदायत देते हैं।
सक्रिय रूप से वजन कम होने के दौरान सर्जरी कराना सही फैसला नहीं होता। पहला कारण यह है कि वजन घटते समय शरीर कैटाबोलिक अवस्था में होता है जिससे घाव जल्दी नहीं भरते। दूसरा और सबसे बड़ा कारण यह है कि यदि सर्जरी के बाद आपका 5-10 किलो वजन और घट गया, तो अंदर की चर्बी और कम हो जाएगी जिससे कसी हुई त्वचा दोबारा झूलने लगेगी। इसलिए थोड़ा धैर्य रखें। अपने अंतिम वजन तक पहुंच जाएं और जब वजन लगातार तीन महीने तक एक जैसा बना रहे, तब सर्जरी कराएं। इससे एक ही बार में सटीक और जीवन भर टिकने वाले परिणाम मिलते हैं। जयपुर में डॉ. पुरोहित सही सलाह देते हैं।
वजन स्थिर होने पर ही सबसे सुंदर परिणाम मिलते हैं। 7 से 10 दिनों में सामान्य काम शुरू हो जाता है।
भारी वजन घटाने के बाद आर्म लिफ्ट सर्जरीभारी वजन घटने के बाद आर्म लिफ्ट के परिणाम हमेशा कैसे बनाए रखें (Maintain Results)?
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भारी वजन घटने के बाद आर्म लिफ्ट के परिणाम हमेशा कैसे बनाए रखें (Maintain Results)?
#परिणामों को हमेशा बनाए रखने के लिए वजन को 2-3 किलो के दायरे में स्थिर रखें, छह सप्ताह बाद से नियमित आर्म्स की एक्सरसाइज करें और धूप से बचें, जैसा। डॉ. विशाल पुरोहित समझाते हैं।
सर्जरी के बेहतरीन परिणामों को जीवन भर बनाए रखना पूरी तरह आपके हाथ में है। सबसे जरूरी नियम है कि अपने वजन में बड़ा उतार-चढ़ाव न आने दें। छह सप्ताह की रिकवरी पूरी होने के बाद जिम में बाइसेप्स, ट्राइसेप्स और कंधों की हल्की स्ट्रेंथ ट्रेनिंग शुरू करें। मांसपेशियों के मजबूत होने से बांह अंदर से भर जाती है और त्वचा हमेशा कसी हुई रहती है। अपनी त्वचा पर रोज मॉइस्चराइजर लगाएं और धूप में जाते समय निशान पर सनस्क्रीन लगाएं ताकि वह काला न पड़े। स्वस्थ खान-पान और कसरत से आपकी बाहें हमेशा वैसी ही फिट और आकर्षक रहेंगी। जयपुर में डॉ. पुरोहित दीर्घकालिक फॉलो-अप देते हैं।
नियमित व्यायाम से बाहें जीवन भर सुडौल बनी रहती हैं। 7 से 10 दिनों में काम शुरू हो जाता है।
