आर्म लिफ्ट (ब्रेकियोप्लास्टी) | दर्द, असुविधा और एनेस्थीसिया
चिकित्सीय रूप से प्रमाणित व समीक्षित: प्रमाणित: डॉ. विशाल पुरोहित (MCh प्लास्टिक सर्जरी) • RMC Reg. 28041/14185 • अक्टूबर 2026
दर्द, असुविधा और एनेस्थीसियाक्या आर्म लिफ्ट सर्जरी में बहुत दर्द (Is Surgery Painful) होता है?
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क्या आर्म लिफ्ट सर्जरी में बहुत दर्द (Is Surgery Painful) होता है?
#आर्म लिफ्ट सर्जरी में बहुत तेज दर्द नहीं होता, बल्कि मांसपेशियों में हल्का खिंचाव और भारीपन महसूस होता है, जिसे दर्द निवारक दवाओं और लोकल एनेस्थीसिया से पूरी तरह नियंत्रित रखा जाता है, जैसा। डॉ. विशाल पुरोहित बताते हैं।
चूंकि यह ऑपरेशन केवल त्वचा और चर्बी की परत पर होता है और मांसपेशियों या हड्डियों को नहीं काटा जाता, इसलिए इसमें पेट या सीने के बड़े ऑपरेशनों जैसा तेज दर्द कभी नहीं होता। मरीज बताते हैं कि यह दर्द बिल्कुल वैसा ही महसूस होता है जैसा जिम में बाइसेप्स या ट्राइसेप्स की बहुत भारी कसरत करने के अगले दिन मांसपेशियों में खिंचाव या भारीपन होता है। ऑपरेशन के दौरान डॉ. विशाल पुरोहित टांकों के आसपास लंबे समय तक सुन्न रखने वाली दवा (Ropivacaine) लगा देते हैं जिससे जागने के बाद कई घंटों तक कोई दर्द नहीं होता। बाद में सादी खाने की गोलियों से दर्द बिल्कुल शांत रहता है। जयपुर में डॉ. पुरोहित मरीज के आराम का पूरा ध्यान रखते हैं।
दर्द नियंत्रण बहुत आसान होता है। 7 से 10 दिनों में ऑफिस का काम शुरू हो जाता है और 3 से 4 सप्ताह तक स्लीव्स पहननी होती हैं।
दर्द, असुविधा और एनेस्थीसियासर्जरी के बाद मुझे कितने दर्द (How Much Pain to Expect) की उम्मीद करनी चाहिए?
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सर्जरी के बाद मुझे कितने दर्द (How Much Pain to Expect) की उम्मीद करनी चाहिए?
#सर्जरी के बाद पहले 48 घंटों में हल्का-फुल्का दर्द और खिंचाव (10 में से 2 से 4 स्तर का) महसूस हो सकता है, जो तीसरे दिन से बहुत तेजी से कम होने लगता है, जैसा। डॉ. विशाल पुरोहित समझाते हैं।
शुरुआती दो दिनों में जब सूजन आती है, तो बांह में थोड़ा भारीपन और खिंचाव लगता है। यह ऐसा दर्द नहीं होता कि आप परेशान हो जाएं; समय पर दवा लेने से आप बहुत आराम से सो सकते हैं और कमरे में टहल सकते हैं। तीसरे या चौथे दिन तक सूजन कम होने लगती है और दर्द इतना घट जाता है कि अधिकांश मरीजों को किसी तेज दवा की जरूरत नहीं पड़ती और वे केवल सादी पैरासिटामोल से ही ठीक रहते हैं। डॉ. विशाल पुरोहित पहले से ही सूजन और दर्द कम करने वाली दवाओं का सटीक शेड्यूल बनाकर देते हैं। जयपुर में डॉ. पुरोहित के मरीज बहुत सहजता से ठीक होते हैं।
हल्का दर्द कुछ ही दिनों में गायब हो जाता है। 7 से 10 दिनों में सामान्य काम शुरू हो जाता है और 3 से 4 सप्ताह तक स्लीव्स पहननी होती हैं।
दर्द, असुविधा और एनेस्थीसियाक्या सर्जरी के दौरान मुझे कोई दर्द (Feel Pain During Surgery) होगा?
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क्या सर्जरी के दौरान मुझे कोई दर्द (Feel Pain During Surgery) होगा?
#बिल्कुल नहीं, सर्जरी के दौरान आपको रत्ती भर भी दर्द महसूस नहीं होगा क्योंकि आप जनरल एनेस्थीसिया के प्रभाव में पूरी तरह गहरी नींद में होंगे, जैसा। डॉ. विशाल पुरोहित सुनिश्चित करते हैं।
ऑपरेशन थिएटर में एनेस्थीसिया की दवाएं आपके दिमाग तक दर्द का कोई भी सिग्नल नहीं पहुंचने देतीं। इसके अलावा, सर्जरी शुरू करने से पहले ही बांहों में सुन्न करने वाली विशेष दवा का घोल डाल दिया जाता है जिससे नसों की सभी संवेदनाएं बंद हो जाती हैं। आपको न तो कोई सुई चुभने का अहसास होगा, न चीरे का और न ही टांके लगाने का। आप पूरी तरह बेखबर होकर सो रहे होंगे और जब आपकी आंख खुलेगी तो पूरा ऑपरेशन हो चुका होगा और बांहों पर पट्टी बंधी होगी। जयपुर में डॉ. विशाल पुरोहित एनेस्थीसिया सुरक्षा के उच्चतम अंतरराष्ट्रीय मानकों का पालन करते हैं।
ऑपरेशन के दौरान दर्द का अहसास शून्य रहता है। 7 से 10 दिनों में ऑफिस का काम शुरू हो जाता है।
दर्द, असुविधा और एनेस्थीसियाब्रेकियोप्लास्टी के बाद दर्द को कैसे नियंत्रित (How Pain Controlled) किया जाता है?
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ब्रेकियोप्लास्टी के बाद दर्द को कैसे नियंत्रित (How Pain Controlled) किया जाता है?
#दर्द को मल्टीमॉडल तकनीक से नियंत्रित किया जाता है जिसमें लंबे समय तक सुन्न रखने वाले इंजेक्शन, सूजनरोधी दवाएं, पैरासिटामोल और हाथों को तकियों पर ऊंचा रखना शामिल है, जैसा। डॉ. विशाल पुरोहित करते हैं।
आधुनिक मेडिकल साइंस में केवल भारी नशीली दवाओं पर निर्भर रहने के बजाय कई सुरक्षित तरीकों को एक साथ मिलाकर दर्द रोका जाता है। ऑपरेशन के दौरान ही टांकों के आसपास विशेष सुन्न करने वाली दवा (Ropivacaine) लगाई जाती है जिसका असर 12 घंटे तक रहता है। इसके साथ ही समय पर सूजन कम करने वाली और दर्द निवारक गोलियां दी जाती हैं ताकि दर्द शुरू ही न हो सके। जब आप बिस्तर पर हाथों को तकियों पर थोड़ा ऊंचा रखते हैं, तो खून और पानी नीचे नहीं ठहरता जिससे सूजन का खिंचाव नहीं होता। इस तकनीक से मरीज बिना किसी उल्टी या चक्कर के बिल्कुल सहज रहता है। जयपुर में डॉ. पुरोहित यह आधुनिक प्रोटोकॉल अपनाते हैं।
मल्टीमॉडल तकनीक से दर्द पूरी तरह काबू में रहता है। 7 से 10 दिनों में सामान्य काम शुरू हो जाता है।
दर्द, असुविधा और एनेस्थीसियाआर्म लिफ्ट के बाद दर्द कितने दिन (How Many Days Pain Lasts) रहता है?
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आर्म लिफ्ट के बाद दर्द कितने दिन (How Many Days Pain Lasts) रहता है?
#ऑपरेशन के बाद का मुख्य दर्द केवल 2 से 4 दिन ही रहता है; इसके बाद केवल हल्की अकड़न और खिंचाव महसूस होता है जो 1 से 2 सप्ताह में पूरी तरह खत्म हो जाता है, जैसा। डॉ. विशाल पुरोहित बताते हैं।
दर्द का घटना घाव भरने के चरणों के अनुसार होता है। पहले 2-3 दिनों में जब ताजी सूजन होती है, तभी मुख्य रूप से दवा की जरूरत पड़ती है। चौथे दिन से सूजन घटने लगती है और दर्द इतना कम हो जाता है कि 90% मरीज चौथे या पांचवें दिन दर्द की मुख्य दवाएं बंद कर देते हैं और केवल सादी पैरासिटामोल लेते हैं। दूसरे हफ्ते के अंत तक बैठे रहने या सामान्य काम करने पर कोई दर्द नहीं होता; केवल अचानक हाथ बहुत तेज फैलाने पर ही हल्का खिंचाव लग सकता है। 3-4 सप्ताह बाद हाथ बिल्कुल सामान्य महसूस होने लगते हैं। जयपुर में डॉ. विशाल पुरोहित हर फॉलो-अप में इसकी जांच करते हैं।
दर्द बहुत कम समय में शांत हो जाता है। 7 से 10 दिनों में ऑफिस का काम शुरू हो जाता है और 3 से 4 सप्ताह तक स्लीव्स पहननी होती हैं।
दर्द, असुविधा और एनेस्थीसियाक्या मिनी आर्म लिफ्ट का दर्द फुल आर्म लिफ्ट से कम (Pain After Mini vs Full) होता है?
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क्या मिनी आर्म लिफ्ट का दर्द फुल आर्म लिफ्ट से कम (Pain After Mini vs Full) होता है?
#हाँ, मिनी आर्म लिफ्ट में फुल आर्म लिफ्ट की तुलना में काफी कम दर्द होता है क्योंकि इसमें चीरा बहुत छोटा और केवल बगल तक सीमित होता है, जैसा। डॉ. विशाल पुरोहित बताते हैं।
दर्द इस बात पर निर्भर करता है कि चीरा कितना बड़ा है और कितनी त्वचा को अलग किया गया है। मिनी आर्म लिफ्ट में चीरा केवल 5 से 7 सेंटीमीटर का होता है जो केवल बगल के गड्ढे में रहता है, इसलिए बांह पर कोई सूजन नहीं आती और दर्द केवल 1 या 2 दिन ही बहुत हल्का सा रहता है। मरीज सादी पैरासिटामोल लेकर ही बिल्कुल ठीक रहते हैं। वहीं फुल आर्म लिफ्ट में चीरा कोहनी तक 25-30 सेमी लंबा होता है जिससे अंदरूनी खिंचाव थोड़ा ज्यादा होता है। इसलिए मिनी लिफ्ट की रिकवरी बहुत तेज और लगभग दर्द-मुक्त होती है। जयपुर में डॉ. विशाल पुरोहित दोनों के अंतर को स्पष्ट समझाते हैं।
मिनी लिफ्ट में दर्द न के बराबर होता है। 5 से 7 दिनों में सामान्य काम शुरू हो जाता है और 3 सप्ताह तक स्लीव्स पहननी होती हैं।
दर्द, असुविधा और एनेस्थीसियाक्या आर्म लिफ्ट के बाद बांहों में खिंचाव (Cause Tightness) महसूस होता है?
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क्या आर्म लिफ्ट के बाद बांहों में खिंचाव (Cause Tightness) महसूस होता है?
#हाँ, सर्जरी के बाद शुरुआती 2 से 4 सप्ताह तक बांह के अंदरूनी हिस्से में खिंचाव और कसाव महसूस होना बिल्कुल स्वाभाविक है क्योंकि लटकी त्वचा को हटाकर अंदरूनी परतों को कस दिया जाता है, जैसा। डॉ. विशाल पुरोहित बताते हैं।
यह खिंचाव इस बात का सबूत है कि सर्जरी पूरी तरह सफल रही है और ढीलापन खत्म हो चुका है। जब अंदरूनी फेशिया को मांसपेशियों के साथ मजबूती से सिला जाता है, तो बांह एक कसे हुए नए आकार में आ जाती है। शुरुआती दिनों में जब हल्की सूजन भी होती है, तो यह कसाव थोड़ा ज्यादा महसूस हो सकता है। जैसे-जैसे सूजन उतरती है और त्वचा अंदरूनी ऊतकों के साथ तालमेल बिठाती है, यह खिंचाव 3 से 4 हफ्तों में अपने आप बिल्कुल सामान्य हो जाता है और हाथ पूरी तरह मुलायम और प्राकृतिक महसूस होने लगते हैं। जयपुर में डॉ. विशाल पुरोहित मरीजों को इस स्वाभाविक प्रक्रिया के बारे में पहले ही आश्वस्त कर देते हैं।
कसाव कुछ ही हफ्तों में सामान्य हो जाता है। 7 से 10 दिनों में ऑफिस का काम शुरू हो जाता है और 3 से 4 सप्ताह तक स्लीव्स पहननी होती हैं।
दर्द, असुविधा और एनेस्थीसियाक्या ब्रेकियोप्लास्टी के बाद हाथ अकड़े हुए (Feel Stiff) लगेंगे?
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क्या ब्रेकियोप्लास्टी के बाद हाथ अकड़े हुए (Feel Stiff) लगेंगे?
#हाँ, शुरुआती 1 से 2 सप्ताह में सूजन और टांकों के खिंचाव के कारण कोहनी और बांहों में थोड़ी अकड़न महसूस हो सकती है, जो हल्के व्यायाम से धीरे-धीरे पूरी तरह ठीक हो जाती है, जैसा। डॉ. विशाल पुरोहित बताते हैं।
जब कोहनी के पास टांके होते हैं और हाथ पर सूजन होती है, तो कोहनी को बिल्कुल सीधा करने पर थोड़ा खिंचाव महसूस हो सकता है। यह कोई स्थायी समस्या नहीं है। डॉ. विशाल पुरोहित चीरे को कोहनी के जोड़ से थोड़ा ऊपर ही रोकते हैं ताकि जोड़ पर कोई सिकुड़न न आए। दूसरे दिन से ही मरीज को धीरे-धीरे कोहनी मोड़ने और सीधा करने की हल्की कसरत करने को कहा जाता है। जैसे-जैसे सूजन कम होती है, जोड़ों की अकड़न खत्म हो जाती है और दूसरे हफ्ते के अंत तक हाथ पहले की तरह पूरी तरह सीधे होने लगते हैं। जयपुर में डॉ. पुरोहित सही कसरत की पूरी जानकारी देते हैं।
अकड़न कुछ ही दिनों में दूर हो जाती है। 7 से 10 दिनों में सामान्य काम शुरू हो जाता है और 3 से 4 सप्ताह तक कम्प्रेशन गारमेंट पहनना होता है।
दर्द, असुविधा और एनेस्थीसियाक्या सर्जरी के बाद हाथ हिलाने में दर्द (Painful to Move Arms) होता है?
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क्या सर्जरी के बाद हाथ हिलाने में दर्द (Painful to Move Arms) होता है?
#कमर के स्तर पर सामान्य काम करने में दर्द नहीं होता; केवल हाथों को सिर से ऊपर उठाने या बहुत ज्यादा पीछे ले जाने पर ही टांकों पर खिंचाव महसूस होता है, जिससे 2-3 सप्ताह बचना चाहिए, जैसा। डॉ. विशाल पुरोहित समझाते हैं।
जब आप खाना खाते हैं, मोबाइल चलाते हैं, लैपटॉप पर टाइपिंग करते हैं या टहलते हैं, तो टांकों पर कोई जोर नहीं पड़ता और यह सब पहले-दूसरे दिन से ही बिना दर्द के किया जा सकता है। लेकिन यदि आप हाथ को अचानक 90 डिग्री से ऊपर उठाएंगे या ऊंची अलमारी से सामान पकड़ने की कोशिश करेंगे, तो बांह के अंदरूनी टांकों पर तेज खिंचाव महसूस होगा। इसलिए डॉ. विशाल पुरोहित शुरुआती 2 हफ्तों तक कोहनी को शरीर के पास रखकर काम करने की सलाह देते हैं। ऐसा करने से मरीज को बिल्कुल दर्द नहीं होता और घाव पूरी तरह सुरक्षित रहता है। जयपुर में डॉ. पुरोहित मरीजों को यह आसान तरीका सिखाते हैं।
सही तरीके से हाथ हिलाने पर कोई दर्द नहीं होता। 7 से 10 दिनों में ऑफिस का काम शुरू हो जाता है।
दर्द, असुविधा और एनेस्थीसियाक्या आर्म लिफ्ट के बाद जलन या झनझनाहट (Burning or Tingling) महसूस होगी?
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क्या आर्म लिफ्ट के बाद जलन या झनझनाहट (Burning or Tingling) महसूस होगी?
#हाँ, बांह के अंदरूनी हिस्से में कभी-कभी हल्की जलन, झनझनाहट या चींटी काटने जैसा अहसास होना बहुत सामान्य है; यह नसों के दोबारा ठीक होने का एक सकारात्मक संकेत है, जैसा। डॉ. विशाल पुरोहित बताते हैं।
यह एक बहुत ही सामान्य और वैज्ञानिक प्रक्रिया है। सर्जरी के दौरान त्वचा की सबसे ऊपरी बारीक संवेदी नसें थोड़ी खिंच जाती हैं। जब सर्जरी के 2-3 सप्ताह बाद ये नसें दोबारा सक्रिय होती हैं और ठीक होने लगती हैं (Nerve Regeneration), तो वे हल्के बिजली के झटके या झनझनाहट के सिग्नल भेजती हैं। इसे मेडिकल भाषा में पैरेस्थीसिया कहते हैं। इसका मतलब यह होता है कि आपकी नसें बिल्कुल जीवित हैं और तेजी से ठीक हो रही हैं। 2 से 3 महीनों में ये झनझनाहट पूरी तरह बंद हो जाती है और त्वचा की सामान्य संवेदना वापस आ जाती है। जयपुर में डॉ. विशाल पुरोहित मरीजों को इस बारे में पूरी तरह आश्वस्त करते हैं।
झनझनाहट नसों के ठीक होने का संकेत है। 7 से 10 दिनों में सामान्य काम शुरू हो जाता है और 3 से 4 सप्ताह तक स्लीव्स पहननी होती हैं।
दर्द, असुविधा और एनेस्थीसियाक्या ब्रेकियोप्लास्टी से बांह में सुन्नपन (Numbness in Arms) आ सकता है?
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क्या ब्रेकियोप्लास्टी से बांह में सुन्नपन (Numbness in Arms) आ सकता है?
#हाँ, बांह के अंदरूनी हिस्से और टांकों के आसपास की त्वचा में कुछ समय के लिए सुन्नपन आना बहुत सामान्य है, जो नसें ठीक होने के साथ 3 से 6 महीने में अपने आप दूर हो जाता है, जैसा। डॉ. विशाल पुरोहित बताते हैं।
त्वचा की सतह पर संवेदना पहुंचाने वाली बहुत बारीक नसें होती हैं जो त्वचा काटते समय थोड़ी प्रभावित होती हैं। मुख्य नसें, जो हाथ और उंगलियों को चलाती हैं, वे गहराई में सुरक्षित रहती हैं। केवल टांकों के ठीक आसपास की ऊपरी चमड़ी में छूने पर सुन्न या लकड़ी जैसा अहसास हो सकता है। जैसे-जैसे शरीर के अंदर नई नसों का जाल बनता है, यह सुन्नपन धीरे-धीरे कम होने लगता है और 3 से 6 महीनों में लगभग पूरी संवेदना वापस लौट आती है। इसका हाथ की ताकत या काम करने की क्षमता पर कोई असर नहीं पड़ता। जयपुर में डॉ. विशाल पुरोहित सर्जरी के दौरान मुख्य नसों को विशेष सुरक्षा देते हैं।
सुन्नपन पूरी तरह अस्थायी होता है। 7 से 10 दिनों में ऑफिस का काम शुरू हो जाता है और 3 से 4 सप्ताह तक स्लीव्स पहननी होती हैं।
दर्द, असुविधा और एनेस्थीसियाक्या सर्जरी के बाद ऊपरी बाहों की संवेदना (Lose Sensation) हमेशा के लिए खत्म हो जाएगी?
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क्या सर्जरी के बाद ऊपरी बाहों की संवेदना (Lose Sensation) हमेशा के लिए खत्म हो जाएगी?
#नहीं, बांहों की संवेदना हमेशा के लिए कभी खत्म नहीं होती; केवल टांकों की लाइन के पास की त्वचा कुछ महीनों के लिए सुन्न रहती है जो 3 से 12 महीनों में धीरे-धीरे वापस आ जाती है, जैसा। डॉ. विशाल पुरोहित स्पष्ट करते हैं।
मरीजों को यह डर रहता है कि कहीं हाथ हमेशा के लिए सुन्न न हो जाए, लेकिन ऐसा नहीं होता। सर्जरी के दौरान बांह की मुख्य नसों को बिल्कुल नहीं छुआ जाता। केवल जहां चीरा लगा होता है, उस रेखा के 1-2 सेमी आसपास ही संवेदना थोड़ी कम होती है। समय बीतने के साथ नसों के सिरे दोबारा जुड़ते हैं और छूने का अहसास पहले जैसा सामान्य हो जाता है। हाथ में ठंड, गर्मी या दर्द महसूस करने की प्राकृतिक क्षमता पूरी तरह बरकरार रहती है। जयपुर में डॉ. विशाल पुरोहित की सूक्ष्म सर्जिकल तकनीक नसों को किसी भी स्थायी नुकसान से बचाती है।
संवेदना समय के साथ पूरी तरह बहाल हो जाती है। 7 से 10 दिनों में सामान्य काम शुरू हो जाता है।
दर्द, असुविधा और एनेस्थीसियाक्या आर्म लिफ्ट से हाथों या उंगलियों की संवेदना (Sensation in Hands or Fingers) प्रभावित हो सकती है?
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क्या आर्म लिफ्ट से हाथों या उंगलियों की संवेदना (Sensation in Hands or Fingers) प्रभावित हो सकती है?
#नहीं, आर्म लिफ्ट से हाथों या उंगलियों की संवेदना पर कोई असर नहीं पड़ता क्योंकि हाथ और उंगलियों को चलाने वाली मुख्य नसें मांसपेशियों की गहरी परतों में सुरक्षित रहती हैं, जैसा। डॉ. विशाल पुरोहित सुनिश्चित करते हैं।
उंगलियों और हथेलियों की नसें (मीडियन, अलनार और रेडियल नर्व्स) बांह की गहरी मांसपेशियों और हड्डियों के पास चलती हैं। आर्म लिफ्ट सर्जरी केवल ऊपर की त्वचा और चर्बी में की जाती है; इसमें मांसपेशियों के खोल (डीप फेशिया) को बिल्कुल नहीं काटा जाता। इसलिए उंगलियों की ताकत, पकड़ और छूने की शक्ति 100% सुरक्षित रहती है। यदि ऑपरेशन के तुरंत बाद उंगलियों में हल्की सूजन या भारीपन लगे, तो वह केवल कम्प्रेशन स्लीव्स के दबाव के कारण होता है, जिसे स्लीव्स को थोड़ा ढीला करके तुरंत ठीक कर दिया जाता है। जयपुर में डॉ. विशाल पुरोहित नसों की पूरी सुरक्षा की गारंटी देते हैं।
हाथों और उंगलियों का काम पूरी तरह सामान्य रहता है। 7 से 10 दिनों में ऑफिस का काम शुरू हो जाता है।
दर्द, असुविधा और एनेस्थीसियाक्या ब्रेकियोप्लास्टी से नसों को कोई नुकसान (Cause Nerve Damage) हो सकता है?
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क्या ब्रेकियोप्लास्टी से नसों को कोई नुकसान (Cause Nerve Damage) हो सकता है?
#एक अनुभवी प्लास्टिक सर्जन द्वारा किए जाने पर नसों को स्थायी नुकसान होने का जोखिम न के बराबर होता है; केवल अंदरूनी हिस्से में कुछ समय के लिए हल्का सुन्नपन आ सकता है, जैसा। डॉ. विशाल पुरोहित स्पष्ट करते हैं।
हाथ की मुख्य नसें बहुत गहराई में सुरक्षित होती हैं। प्लास्टिक सर्जन शरीर की बनावट (एनाटॉमी) के विशेषज्ञ होते हैं और वे जानते हैं कि कौन सी नस कहाँ से गुजरती है। सर्जरी के दौरान बांह के अंदरूनी हिस्से से गुजरने वाली संवेदी नस (MACN) और मुख्य नस को आंखों से देखकर सुरक्षित कर लिया जाता है। किसी भी मुख्य मोटर नर्व (जो हाथ हिलाती है) को छूने का सवाल ही नहीं उठता। इसलिए हाथ में कमजोरी या लकवा होने का कोई डर नहीं होता। केवल त्वचा की सबसे बारीक सतह वाली नसों में कुछ समय के लिए सुन्नपन रहता है जो अपने आप भर जाता है। जयपुर में डॉ. विशाल पुरोहित मरीज की पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं।
नसों की सुरक्षा का स्तर सर्वोच्च रहता है। 7 से 10 दिनों में सामान्य काम शुरू हो जाता है और 3 से 4 सप्ताह तक स्लीव्स पहननी होती हैं।
दर्द, असुविधा और एनेस्थीसियाआर्म लिफ्ट के बाद सुन्नपन कितने समय (How Long Numbness Lasts) तक रहता है?
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आर्म लिफ्ट के बाद सुन्नपन कितने समय (How Long Numbness Lasts) तक रहता है?
#आर्म लिफ्ट के बाद का सुन्नपन आमतौर पर 3 से 6 महीने तक रहता है, और 1 साल के अंदर त्वचा की लगभग पूरी सामान्य संवेदना वापस आ जाती है, जैसा। डॉ. विशाल पुरोहित बताते हैं।
शरीर में कटी हुई बारीक नसों के दोबारा जुड़ने की एक प्राकृतिक गति होती है (लगभग 1 मिलीमीटर प्रतिदिन)। पहले 1-2 महीनों में टांकों के आसपास छूने पर लकड़ी जैसा महसूस हो सकता है। तीसरे महीने से नसों का नया जाल बनने लगता है और छूने, ठंड या गर्मी का अहसास लौटने लगता है। 6 महीने पूरे होते-होते अधिकांश सुन्नपन खत्म हो जाता है। 1 साल के बाद केवल टांकों की बहुत बारीक लाइन के ऊपर ही हल्का सा अंतर रह सकता है जो मरीज को बिल्कुल भी परेशान नहीं करता। जयपुर में डॉ. विशाल पुरोहित हर फॉलो-अप में नसों की संवेदना की जांच करते हैं।
सुन्नपन धीरे-धीरे पूरी तरह समाप्त हो जाता है। 7 से 10 दिनों में ऑफिस का काम शुरू हो जाता है।
दर्द, असुविधा और एनेस्थीसियाक्या ब्रेकियोप्लास्टी के बाद लंबे समय तक दर्द (Persistent Pain) बना रह सकता है?
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क्या ब्रेकियोप्लास्टी के बाद लंबे समय तक दर्द (Persistent Pain) बना रह सकता है?
#नहीं, ब्रेकियोप्लास्टी के बाद लंबे समय तक बना रहने वाला पुराना दर्द अत्यंत दुर्लभ (1% से भी कम) है; नसों की पूरी सुरक्षा और बिना खिंचाव के टांके लगाने से यह पूरी तरह टल जाता है, जैसा। डॉ. विशाल पुरोहित सुनिश्चित करते हैं।
लगातार बने रहने वाले दर्द का मुख्य कारण किसी नस का कटना या उस पर निशान का दबाव पड़ना होता है। डॉ. विशाल पुरोहित सर्जरी के दौरान नसों को बहुत कोमलता से संभालते हैं और टांकों का खिंचाव अंदरूनी परतों पर डालते हैं ताकि त्वचा की नसों पर कोई दबाव न आए। नसों के पास कभी भी तेज हीट वाली कॉटरी मशीन का उपयोग नहीं किया जाता। इन सभी सावधानियों के कारण सर्जरी के बाद 2-3 हफ्तों में दर्द पूरी तरह खत्म हो जाता है और भविष्य में किसी पुराने दर्द की कोई संभावना नहीं रहती। जयपुर में डॉ. पुरोहित मरीजों को दर्द-मुक्त जीवन की गारंटी देते हैं।
लंबे समय के दर्द का जोखिम न के बराबर है। 7 से 10 दिनों में सामान्य काम शुरू हो जाता है और 3 से 4 सप्ताह तक स्लीव्स पहननी होती हैं।
दर्द, असुविधा और एनेस्थीसियाक्या आर्म लिफ्ट के बाद डॉक्टर द्वारा लिखी दर्द की दवाओं (Prescription Painkillers) की जरूरत होगी?
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क्या आर्म लिफ्ट के बाद डॉक्टर द्वारा लिखी दर्द की दवाओं (Prescription Painkillers) की जरूरत होगी?
#हाँ, सर्जरी के बाद पहले 3 से 5 दिनों के लिए डॉक्टर द्वारा लिखी विशेष दर्द निवारक दवाएं दी जाती हैं, जिसके बाद मरीज सादी पैरासिटामोल पर आ जाता है, जैसा। डॉ. विशाल पुरोहित निर्देश देते हैं।
ऑपरेशन के तुरंत बाद के दिनों में मरीज को दर्द का अहसास न हो और वह अच्छी नींद ले सके, इसके लिए 3-5 दिन का एक विशेष दवा का कोर्स दिया जाता है। इसमें दर्द और सूजन कम करने वाली गोलियां और पेट की गैस से बचाने वाली दवा शामिल होती है। चौथे या पांचवें दिन तक शरीर की अंदरूनी हीलिंग इतनी आगे बढ़ जाती है कि इन तेज दवाओं की जरूरत नहीं रहती और मरीज इन्हें बंद करके केवल जरूरत पड़ने पर सादी दवाएं ले सकता है। किसी भी दवा की आदत पड़ने का कोई खतरा नहीं होता। जयपुर में डॉ. विशाल पुरोहित दवा का पूरा चार्ट समझाकर देते हैं।
दवाओं का छोटा कोर्स रिकवरी को बहुत आरामदायक बना देता है। 7 से 10 दिनों में ऑफिस का काम शुरू हो जाता है।
दर्द, असुविधा और एनेस्थीसियाक्या सर्जरी के बाद का दर्द केवल खाने वाली दवाओं (Oral Medications) से संभल सकता है?
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क्या सर्जरी के बाद का दर्द केवल खाने वाली दवाओं (Oral Medications) से संभल सकता है?
#हाँ, अस्पताल से छुट्टी के बाद का सारा दर्द केवल मुंह से खाने वाली गोलियों से पूरी तरह और आसानी से नियंत्रित हो जाता है; किसी इंजेक्शन या ड्रिप की जरूरत नहीं होती, जैसा। डॉ. विशाल पुरोहित बताते हैं।
घर जाने के बाद मरीज को किसी नर्स या इंजेक्शन लगवाने के झंझट में नहीं पड़ना पड़ता। डॉ. विशाल पुरोहित ऐसी आधुनिक गोलियां लिखते हैं जो पेट में जाकर धीरे-धीरे असर करती हैं और पूरे दिन दर्द को दबाए रखती हैं। सुबह और शाम खाने के बाद एक-एक गोली लेने से मरीज पूरी तरह दर्द-मुक्त रहता है। इसके साथ ही सादी पैरासिटामोल का उपयोग किया जा सकता है। गोलियों से दर्द इतना अच्छा नियंत्रित रहता है कि मरीज अपने घर के माहौल में बिना किसी सहारे के आराम से रह सकता है। जयपुर में डॉ. पुरोहित मरीज की सुविधा को सबसे ऊपर रखते हैं।
केवल गोलियों से दर्द पूरी तरह काबू में रहता है। 7 से 10 दिनों में सामान्य काम शुरू हो जाता है और 3 से 4 सप्ताह तक स्लीव्स पहननी होती हैं।
दर्द, असुविधा और एनेस्थीसियाक्या आर्म लिफ्ट से बगल (Pain in the Armpit) में दर्द होता है?
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क्या आर्म लिफ्ट से बगल (Pain in the Armpit) में दर्द होता है?
#हाँ, सर्जरी के बाद पहले सप्ताह में बगल के गड्ढे में हल्का दर्द और खिंचाव महसूस हो सकता है क्योंकि चीरे का ऊपरी हिस्सा बगल के अंदर मुड़ता है, जैसा। डॉ. विशाल पुरोहित बताते हैं।
बगल एक ऐसा हिस्सा है जो हाथ हिलाने पर लगातार हिलता है और वहां पसीना भी ज्यादा आता है। सर्जरी के दौरान बगल की अतिरिक्त चमड़ी को हटाया जाता है, इसलिए पहले कुछ दिनों में हाथ को शरीर से सटाने या हिलाने पर बगल में हल्की टीस या रगड़ जैसी जलन महसूस हो सकती है। डॉ. विशाल पुरोहित बगल में कभी भी सीधा टांका नहीं लगाते, बल्कि घुमावदार (Z-Plasty) टांके लगाते हैं ताकि खिंचाव न पड़े। बगल को सूखा और साफ रखने के निर्देश दिए जाते हैं। 7 से 10 दिनों में यह दर्द पूरी तरह ठीक हो जाता है। जयपुर में डॉ. पुरोहित मरीज की हर तकलीफ का ख्याल रखते हैं।
बगल का दर्द एक सप्ताह में पूरी तरह ठीक हो जाता है। 7 से 10 दिनों में ऑफिस का काम शुरू हो जाता है।
दर्द, असुविधा और एनेस्थीसियाक्या ब्रेकियोप्लास्टी के बाद सोते समय दर्द (Pain Worse When Sleeping) ज्यादा होता है?
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क्या ब्रेकियोप्लास्टी के बाद सोते समय दर्द (Pain Worse When Sleeping) ज्यादा होता है?
#सोते समय दर्द केवल तभी बढ़ सकता है यदि आप करवट लेकर बांह के बल सोने की कोशिश करें; पीठ के बल तकियों पर हाथ रखकर सोने से बिल्कुल दर्द नहीं होता, जैसा। डॉ. विशाल पुरोहित समझाते हैं।
रात में दर्द बढ़ने का मुख्य कारण गलत मुद्रा में सोना होता है। यदि आप करवट लेंगे, तो शरीर का पूरा वजन ताजे टांकों पर पड़ेगा जिससे दर्द और सूजन बढ़ सकती है। इसके अलावा, यदि हाथ पूरी रात बिल्कुल सीधे और नीचे रहें, तो खून और पानी जमा होने से सुबह हाथों में भारीपन और टीस लग सकती है। इसका बहुत आसान उपाय यह है कि आप पीठ के बल सोएं और दोनों हाथों के नीचे एक-एक मुलायम तकिया रख लें ताकि हाथ सीने से थोड़े ऊंचे रहें। ऐसा करने से हाथों की सूजन रात भर उतरती रहती है और मरीज बिना किसी दर्द के बहुत चैन की नींद सोता है। जयपुर में डॉ. विशाल पुरोहित यह सोने का तरीका सिखाते हैं।
पीठ के बल तकिया लगाकर सोने से रात बहुत सुकून से कटती है। 7 से 10 दिनों में सामान्य काम शुरू हो जाता है।
