ब्लेफेरोप्लास्टी (पलकों की सर्जरी) | विशेष सावधानियां, जीवनशैली और दीर्घकालिक देखभाल के प्रश्न
चिकित्सीय रूप से प्रमाणित व समीक्षित: प्रमाणित: डॉ. विशाल पुरोहित (MCh प्लास्टिक सर्जरी) • RMC Reg. 28041/14185 • अक्टूबर 2026
विशेष सावधानियां, जीवनशैली और दीर्घकालिक देखभाल के प्रश्नक्या धूम्रपान करने वाले (Smokers) आईलिड सर्जरी करा सकते हैं?
#
क्या धूम्रपान करने वाले (Smokers) आईलिड सर्जरी करा सकते हैं?
#हाँ, धूम्रपान करने वाले सर्जरी करा सकते हैं, लेकिन उन्हें सर्जरी से कम से कम 4 हफ्ते पहले और 4 हफ्ते बाद तक बीड़ी, सिगरेट और वेपिंग पूरी तरह बंद करनी होगी, जैसा डॉ. विशाल पुरोहित निर्देश देते हैं।
सिगरेट या बीड़ी में मौजूद निकोटीन शरीर की सबसे बारीक रक्त नलिकाओं को सिकोड़ देता है जिससे घाव तक खून और ऑक्सीजन का पहुंचना आधा रह जाता है। पलक की त्वचा इतनी नाजुक और पतली होती है कि यदि खून का दौरा कम हो जाए, तो टांकों के खुलने, घाव पकने और कड़े बदसूरत निशान बनने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। सर्जरी से 4 हफ्ते पहले धूम्रपान बंद करने से फेफड़े साफ हो जाते हैं और नसों में खून का बहाव सामान्य हो जाता है जिससे त्वचा तेजी से और बिना किसी निशान के जुड़ती है। डॉ. विशाल पुरोहित मरीजों की सुरक्षा के लिए इस नियम का सख्ती से पालन कराते हैं। जयपुर में डॉ. पुरोहित सख्त सुरक्षा रखते हैं।
4 हफ्ते धूम्रपान बंद रखने से घाव तेजी से और सुरक्षित भरता है। 5 से 7 दिनों में सामान्य काम शुरू हो जाता है।
विशेष सावधानियां, जीवनशैली और दीर्घकालिक देखभाल के प्रश्नक्या डायबिटीज (शुगर) के मरीज आईलिड सर्जरी करा (Can Diabetic Patients Have Surgery) सकते हैं?
#
क्या डायबिटीज (शुगर) के मरीज आईलिड सर्जरी करा (Can Diabetic Patients Have Surgery) सकते हैं?
#हाँ, डायबिटीज के मरीज बहुत सुरक्षित रूप से सर्जरी करा सकते हैं बशर्ते उनकी तीन महीने की शुगर (HbA1c) 7 से 7.5% के नीचे नियंत्रित हो, जैसा। डॉ. विशाल पुरोहित सुनिश्चित करते हैं।
डायबिटीज के मरीजों के मन में अक्सर यह डर होता है कि क्या उनका घाव ठीक हो पाएगा? इसका वैज्ञानिक उत्तर यह है: यदि शुगर बहुत बढ़ी हुई हो, तो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है और इन्फेक्शन का खतरा रहता है। लेकिन यदि आपकी शुगर दवाओं या इंसुलिन से अच्छी तरह कंट्रोल में है (HbA1c 7.5 से नीचे और खाली पेट शुगर 130 से कम), तो पलकों की हीलिंग बिल्कुल एक सामान्य व्यक्ति की तरह ही तेजी से होती है। डॉ. विशाल पुरोहित सर्जरी से पहले शुगर की पूरी जांच कराते हैं और ऑपरेशन के दौरान खास एंटीबायोटिक कवर देते हैं जिससे घाव 5 से 7 दिनों में बिल्कुल साफ भर जाता है। जयपुर में डॉ. पुरोहित सुरक्षित सर्जरी करते हैं।
नियंत्रित शुगर होने पर सर्जरी 100% सुरक्षित और सफल रहती है। 5 से 7 दिनों में सामान्य दिनचर्या बहाल हो जाती है।
विशेष सावधानियां, जीवनशैली और दीर्घकालिक देखभाल के प्रश्नक्या हाई ब्लड प्रेशर (बीपी) के मरीज सर्जरी करा (High Blood Pressure Patients) सकते हैं?
#
क्या हाई ब्लड प्रेशर (बीपी) के मरीज सर्जरी करा (High Blood Pressure Patients) सकते हैं?
#हाँ, हाई बीपी के मरीज सुरक्षित रूप से सर्जरी करा सकते हैं बशर्ते दवाओं द्वारा उनका बीपी 130/85 के आसपास अच्छी तरह नियंत्रित रखा जाए, जैसा डॉ. विशाल पुरोहित समझाते हैं।
ब्लड प्रेशर का नियंत्रण आंखों की सर्जरी में अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। यदि ऑपरेशन के समय या बाद में बीपी अचानक बहुत बढ़ जाए, तो आंखों की बारीक नसों से खून का रिसाव (हीमैटोमा) होने का खतरा रहता है जिससे अत्यधिक सूजन आ सकती है। इसलिए डॉ. विशाल पुरोहित यह सुनिश्चित करते हैं कि मरीज अपनी बीपी की दवाएं नियमित रूप से ले रहा हो। ऑपरेशन के दिन सुबह भी बीपी की नियमित गोली पानी के एक घूंट के साथ ली जाती है। ऑपरेशन के दौरान मॉनिटर पर हर पल बीपी पर नजर रखी जाती है। जब बीपी सामान्य रहता है, तो सर्जरी में ब्लीडिंग बिल्कुल नहीं होती और हीलिंग बहुत सुगम रहती है। जयपुर में डॉ. पुरोहित पूर्ण सतर्कता रखते हैं।
नियंत्रित बीपी से हीमैटोमा का खतरा खत्म हो जाता है। 5 से 7 दिनों में सामान्य काम शुरू हो जाता है।
विशेष सावधानियां, जीवनशैली और दीर्घकालिक देखभाल के प्रश्नक्या थायराइड या ग्रेव्स डिजीज वाले मरीज आईलिड सर्जरी करा सकते हैं?
#
क्या थायराइड या ग्रेव्स डिजीज वाले मरीज आईलिड सर्जरी करा सकते हैं?
#हाँ, लेकिन केवल तभी जब थायराइड की बीमारी पूरी तरह शांत अवस्था ('कोल्ड फेज') में हो और कम से कम 6 से 12 महीने से आंख की सूजन और टीएसएच स्थिर हो, जैसा डॉ. विशाल पुरोहित बताते हैं।
थायराइड (ग्रेव्स डिजीज) में कई बार आंखों के पीछे की मांसपेशियां और चर्बी सूजकर बाहर उभर आती हैं, जिससे आंखें बड़ी और फूली हुई दिखने लगती हैं। जब तक बीमारी सक्रिय (एक्टिव) होती है, तब तक कोई भी कॉस्मेटिक सर्जरी करना सख्त मना होता है क्योंकि इससे आंख की रोशनी पर खतरा हो सकता है। लेकिन जब एंडोक्रिनोलॉजिस्ट के इलाज से थायराइड के हॉर्मोन पूरी तरह सामान्य हो जाते हैं और आंखों की सूजन 6 से 12 महीने तक बिल्कुल स्थिर रहती है, तब डॉ. विशाल पुरोहित बहुत सुरक्षित रूप से अतिरिक्त चर्बी और लटकी त्वचा को हटाकर आंखों को दोबारा सामान्य और सुंदर बना सकते हैं। जयपुर में डॉ. पुरोहित विशेषज्ञ तालमेल से काम करते हैं।
बीमारी शांत होने पर सुरक्षित पुनर्वास सर्जरी संभव होती है। 7 से 10 दिनों में काम शुरू हो जाता है।
विशेष सावधानियां, जीवनशैली और दीर्घकालिक देखभाल के प्रश्नक्या लैसिक (LASIK) या मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद आईलिड सर्जरी (Blepharoplasty After LASIK) कराई जा सकती है?
#
क्या लैसिक (LASIK) या मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद आईलिड सर्जरी (Blepharoplasty After LASIK) कराई जा सकती है?
#हाँ, बिल्कुल कराई जा सकती है, बस लैसिक या मोतियाबिंद की सर्जरी के बाद कम से कम 3 से 6 महीने का अंतराल देना जरूरी होता है ताकि कॉर्निया पूरी तरह ठीक हो जाए, जैसा डॉ. विशाल पुरोहित समझाते हैं।
अक्सर लोग चश्मा हटाने के लिए लैसिक (LASIK) कराते हैं या उम्र बढ़ने पर मोतियाबिंद का लेंस डलवाते हैं, और उसके बाद आंखों की लटकती त्वचा या बैग्स को ठीक कराना चाहते हैं। यह पूरी तरह संभव और सुरक्षित है। बस नियम यह है कि लैसिक के कॉर्नियल फ्लैप को मजबूती से चिपकने और मोतियाबिंद के घाव को पूरी तरह भरने में 3 से 6 महीने लगते हैं। साथ ही इस दौरान आंखों का सूखापन भी ठीक हो जाता है। इसके बाद जब डॉ. विशाल पुरोहित आपकी कॉर्निया और आंसुओं की जांच करके हरी झंडी देते हैं, तो आईलिड सर्जरी पूरी तरह सुरक्षित रूप से की जा सकती है। इससे नजर पर 0% असर पड़ता है। जयपुर में डॉ. पुरोहित नेत्र-सुरक्षा को प्राथमिकता देते हैं।
3 से 6 महीने के अंतराल के बाद आईलिड सर्जरी 100% सुरक्षित रहती है। 5 से 7 दिनों में काम शुरू हो जाता है।
विशेष सावधानियां, जीवनशैली और दीर्घकालिक देखभाल के प्रश्नक्या आईलिड सर्जरी के बाद लैसिक या मोतियाबिंद का ऑपरेशन कराया जा सकता है?
#
क्या आईलिड सर्जरी के बाद लैसिक या मोतियाबिंद का ऑपरेशन कराया जा सकता है?
#हाँ, आईलिड सर्जरी के 3 से 6 महीने बाद जब पलकों की हीलिंग और सूजन पूरी तरह स्थिर हो जाए, तो आप बहुत आसानी से लैसिक या मोतियाबिंद का ऑपरेशन करा सकते हैं, जैसा डॉ. विशाल पुरोहित बताते हैं।
यदि आपने पहले अपनी लटकती पलकों या आई बैग्स की सर्जरी करा ली है और बाद में मोतियाबिंद का लेंस लगवाना चाहते हैं या चश्मा हटाने का लैसिक कराना चाहते हैं, तो इसमें कोई रुकावट नहीं है। बस 3 से 6 महीने का समय देना होता है। इसका कारण यह है कि आईलिड सर्जरी के बाद शुरुआती कुछ महीनों में कॉर्निया की गोलाई (कर्वेचर) में बहुत सूक्ष्म बदलाव होता है। मोतियाबिंद के लेंस का सही नंबर निकालने और लैसिक की सटीक लेजर मैपिंग के लिए आंख का बिल्कुल स्थिर होना जरूरी है। 3-6 महीने बाद आंख पूरी तरह सामान्य हो जाती है और आई सर्जन सटीक जांच करके आपका ऑपरेशन कर सकते हैं। जयपुर में डॉ. पुरोहित सही समय का मार्गदर्शन देते हैं।
3 से 6 महीने बाद सभी तरह के नेत्र ऑपरेशन सुरक्षित रूप से संभव हैं। 5 से 7 दिनों में काम शुरू हो जाता है।
विशेष सावधानियां, जीवनशैली और दीर्घकालिक देखभाल के प्रश्नसर्जरी के बाद आई-मेकअप (Eye Makeup After Surgery) कब से लगा सकते हैं?
#
सर्जरी के बाद आई-मेकअप (Eye Makeup After Surgery) कब से लगा सकते हैं?
#टांके कटने और चीरा पूरी तरह बंद होने के 10 से 14 दिनों के बाद आप मिनरल आई-मेकअप लगाना बहुत सुरक्षित रूप से शुरू कर सकती हैं, जैसा। डॉ. विशाल पुरोहित बताते हैं।
महिलाओं का यह बहुत पसंदीदा सवाल होता है। सर्जरी के तुरंत बाद काजल, मस्कारा या आईलाइनर लगाने की जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए। इसका कारण यह है कि शुरुआती 7-10 दिनों में चीरे की महीन लकीर ताजी होती है। यदि उसमें मेकअप का कोई रंग या केमिकल चला जाए, तो वह हमेशा के लिए त्वचा के अंदर स्थायी टैटू जैसा दाग छोड़ सकता है या इन्फेक्शन हो सकता है। 10 से 14 दिनों में जब चीरे की चमड़ी पूरी तरह जुड़ जाती है, तब आप नया और साफ मेकअप लगा सकती हैं। चीरे के ठीक ऊपर गहरा आईलाइनर लगाने के लिए 3 हफ्ते रुकना सबसे अच्छा रहता है। मेकअप हटाते समय आंखों को जोर से रगड़ें नहीं, बल्कि हल्के क्लींजर से पोंछें। जयपुर में डॉ. पुरोहित सौंदर्य सलाह देते हैं।
10 से 14 दिनों में साफ मेकअप सुरक्षित होता है। 5 से 7 दिनों में सामान्य काम शुरू हो जाता है।
विशेष सावधानियां, जीवनशैली और दीर्घकालिक देखभाल के प्रश्नसर्जरी के बाद नकली पलकें (False Eyelashes) या लैश एक्सटेंशन कब लगा सकते हैं?
#
सर्जरी के बाद नकली पलकें (False Eyelashes) या लैश एक्सटेंशन कब लगा सकते हैं?
#कम से कम 4 हफ्ते (1 महीने) का इंतजार जरूर करना चाहिए ताकि गोंद के केमिकल और पलकों को खींचने से हीलिंग में कोई रुकावट न आए, जैसा। डॉ. विशाल पुरोहित निर्देश देते हैं।
नकली पलकें (फॉल्स लैशेज) चिपकाने के लिए जिस ग्लू (गोंद) का इस्तेमाल होता है, उसमें कड़े केमिकल होते हैं जो ताजे चीरे पर तेज एलर्जी, जलन या इन्फेक्शन कर सकते हैं। इसके अलावा जब आप रात को नकली पलकों को खींचकर उतारती हैं, तो उस खिंचाव से पलक की नई जुड़ी हुई नाजुक त्वचा पर जोर पड़ता है। 4 हफ्ते का समय वह होता है जब अंदरूनी ऊतक पूरी तरह मजबूत हो चुके होते हैं और त्वचा हर तरह के खिंचाव को झेलने में सक्षम हो जाती है। इसलिए पूरे एक महीने बाद ही नकली पलकें या लैश एक्सटेंशन लगाना 100% सुरक्षित होता है। जयपुर में डॉ. पुरोहित सावधानी बरतने की सलाह देते हैं।
4 हफ्ते बाद लैश एक्सटेंशन सुरक्षित रहते हैं। 5 से 7 दिनों में सामान्य दिनचर्या बहाल हो जाती है।
विशेष सावधानियां, जीवनशैली और दीर्घकालिक देखभाल के प्रश्नक्या सर्जरी के बाद भौंहों या पलकों पर डाई (Dye Eyebrows Eyelashes) लगा सकते हैं?
#
क्या सर्जरी के बाद भौंहों या पलकों पर डाई (Dye Eyebrows Eyelashes) लगा सकते हैं?
#कम से कम 4 से 6 हफ्ते का इंतजार करना चाहिए ताकि डाई के तेज केमिकल और अमोनिया ताजे चीरे पर जलन या घाव न पैदा करें, जैसा। डॉ. विशाल पुरोहित सलाह देते हैं।
भौंहों या पलकों को रंगने वाली डाई में अमोनिया, हाइड्रोजन पेरोक्साइड और पीपीडी जैसे बहुत तेज केमिकल होते हैं। यदि ऑपरेशन के 2-3 हफ्तों के अंदर यह केमिकल जरा सा भी रिसकर चीरे की रेखा पर लग जाए, तो वहां तेज जलन, छाले, सूजन या चीरे का रंग बिगड़ने (केमिकल बर्न) का खतरा रहता है। त्वचा की ऊपरी सुरक्षात्मक परत को इन तेज रसायनों को झेलने जितना मजबूत होने में 4 से 6 हफ्ते लगते हैं। इसलिए डेढ़ महीने बाद ही पलकों या भौंहों को डाई या टिंट कराना सुरक्षित होता है। तब तक सामान्य रूप से भौंहों की पेंसिल का हल्का उपयोग 2 हफ्ते बाद किया जा सकता है। जयपुर में डॉ. पुरोहित सुरक्षा पर जोर देते हैं।
4 से 6 हफ्ते बाद डाई का उपयोग सुरक्षित रहता है। 5 से 7 दिनों में सामान्य काम शुरू हो जाता है।
विशेष सावधानियां, जीवनशैली और दीर्घकालिक देखभाल के प्रश्नसर्जरी के बाद स्विमिंग (तैराकी) या सॉना बाथ कब (Resume Swimming Sauna) शुरू कर सकते हैं?
#
सर्जरी के बाद स्विमिंग (तैराकी) या सॉना बाथ कब (Resume Swimming Sauna) शुरू कर सकते हैं?
#सर्जरी के पूरे 4 हफ्ते (1 महीने) बाद आप स्विमिंग पूल में तैरना और सॉना या स्टीम बाथ लेना शुरू कर सकते हैं, ताकि इन्फेक्शन और सूजन का खतरा न रहे, जैसा डॉ. विशाल पुरोहित बताते हैं।
स्विमिंग और सॉना से बचने के दो बहुत महत्वपूर्ण कारण हैं: पहला, स्विमिंग पूल के पानी में क्लोरीन और कई तरह के बैक्टीरिया होते हैं जो ताजे घाव में जाकर गंभीर इन्फेक्शन पैदा कर सकते हैं। दूसरा, सॉना और स्टीम बाथ की अत्यधिक गर्मी चेहरे की रक्त नलिकाओं को बहुत चौड़ा कर देती है, जिससे आंखों पर दोबारा भारी सूजन आ सकती है या अंदर से ब्लीडिंग हो सकती है। 4 हफ्ते में चीरे की चमड़ी पूरी तरह वाटरप्रूफ (सील) हो जाती है और रक्त नलिकाएं मजबूत हो जाती हैं। इसके बाद आप निश्चिंत होकर पूल में तैर सकते हैं और भाप ले सकते हैं। जयपुर में डॉ. पुरोहित मरीजों को चरणबद्ध दिशा-निर्देश देते हैं।
4 हफ्ते बाद तैराकी और स्टीम बाथ पूरी तरह सुरक्षित है। 5 से 7 दिनों में काम शुरू हो जाता है।
विशेष सावधानियां, जीवनशैली और दीर्घकालिक देखभाल के प्रश्नक्या सर्जरी के बाद हवाई जहाज (Air Travel After Surgery) से यात्रा कर सकते हैं?
#
क्या सर्जरी के बाद हवाई जहाज (Air Travel After Surgery) से यात्रा कर सकते हैं?
#हाँ, सर्जरी के 48 से 72 घंटे बाद आप फ्लाइट से यात्रा कर सकते हैं, हालांकि 5 से 7 दिन बाद टांके कटवाकर जाना सबसे उत्तम रहता है, जैसा डॉ. विशाल पुरोहित बताते हैं।
बाहर के और विदेशी मरीजों के लिए हवाई यात्रा बहुत जरूरी होती है। अच्छी बात यह है कि आईलिड सर्जरी में कोई भारी पट्टी या ड्रेन नहीं होती, इसलिए सर्जरी के 2-3 दिन बाद फ्लाइट लेना बिल्कुल सुरक्षित है। बस दो बातों का ध्यान रखना होता है: हवाई जहाज की केबिन की हवा बहुत ज्यादा सूखी (ड्राई) होती है, इसलिए यात्रा के दौरान अपनी जेब में लुब्रिकेटिंग आई ड्रॉप्स रखें और हर घंटे एक-एक बूंद आंखों में डालते रहें। इसके अलावा रोशनी और धूल से बचने के लिए काला चश्मा पहनकर रखें। यदि संभव हो, तो 6-7 दिन जयपुर में रुककर टांके कटवाने के बाद उड़ना सबसे आरामदायक अनुभव रहता है। जयपुर में डॉ. पुरोहित यात्रा के पूरे दिशानिर्देश देते हैं।
48 से 72 घंटे बाद फ्लाइट सुरक्षित है; आई ड्रॉप्स साथ रखें। 5 से 7 दिनों में टांके हटते हैं।
विशेष सावधानियां, जीवनशैली और दीर्घकालिक देखभाल के प्रश्नसर्जरी के बाद पलकों पर कौन से स्किनकेयर उत्पाद (Skincare After Surgery) लगाने चाहिए?
#
सर्जरी के बाद पलकों पर कौन से स्किनकेयर उत्पाद (Skincare After Surgery) लगाने चाहिए?
#शुरुआती 7 दिनों में प्रिस्क्राइब की गई एंटीबायोटिक मलहम व आई ड्रॉप्स, 10वें दिन से सिलिकॉन स्कार जेल और रोजाना मिनरल 50+ सनस्क्रीन लगाएं, जैसा। डॉ. विशाल पुरोहित निर्देशित करते हैं।
सर्जरी के बाद की देखभाल बहुत आसान और व्यवस्थित होती है: 1) पहले 7 दिन: टांकों की लकीर पर डॉक्टर द्वारा दी गई एंटीबायोटिक मलहम दिन में दो बार लगाएं और आंखों में सूखापन न हो इसके लिए आई ड्रॉप्स डालें। 2) टांके कटने के बाद: चेहरे को बहुत हल्के क्लींजर से धोएं। 3) 10वें दिन से: निशान को तेजी से मिटाने के लिए मेडिकल-ग्रेड 100% सिलिकॉन जेल दिन में दो बार लगाएं। 4) सुबह के समय: धूप से बचाने के लिए मिनरल जिंक ऑक्साइड युक्त 50+ एसपीएफ सनस्क्रीन लगाएं। रेटिनॉल, विटामिन-सी या एसिड वाली कोई भी तेज क्रीम कम से कम 6 हफ्ते तक पलकों पर बिल्कुल न लगाएं। जयपुर में डॉ. पुरोहित पूरी किट समझाते हैं।
चरणबद्ध स्किनकेयर से निशान बिल्कुल गायब हो जाता है। 5 से 7 दिनों में सामान्य काम शुरू हो जाता है।
विशेष सावधानियां, जीवनशैली और दीर्घकालिक देखभाल के प्रश्नक्या सर्जरी के बाद पलकों पर सनस्क्रीन लगाना जरूरी (Need Sunscreen on Eyelids) है?
#
क्या सर्जरी के बाद पलकों पर सनस्क्रीन लगाना जरूरी (Need Sunscreen on Eyelids) है?
#हाँ, सर्जरी के 10 दिन बाद से रोजाना कम से कम 6 महीने तक 50+ एसपीएफ मिनरल सनस्क्रीन लगाना अत्यंत अनिवार्य है ताकि निशान धूप से काला न पड़े, जैसा। डॉ. विशाल पुरोहित बताते हैं।
सूरज की पराबैंगनी (यूवी) किरणें ताजे घाव के निशान की सबसे बड़ी दुश्मन होती हैं। सर्जरी के बाद शुरुआती 6 महीनों तक नई बनी त्वचा बहुत संवेदनशील होती है। यदि उस पर सीधी धूप पड़े, तो त्वचा की कोशिकाएं बहुत ज्यादा काला रंग (मेलेनिन) बना देती हैं जिससे चीरे का निशान हमेशा के लिए गहरा भूरा या काला पड़ सकता है। इसलिए डॉ. विशाल पुरोहित सलाह देते हैं कि टांके कटने के 10 दिन बाद से रोज सुबह आंखों के आसपास जिंक ऑक्साइड वाला 50+ एसपीएफ सनस्क्रीन जरूर लगाएं और धूप में बड़ा चश्मा पहनें। यह एक छोटी सी आदत आपके निशान को 100% अदृश्य रखने की गारंटी देती है। जयपुर में डॉ. पुरोहित सुरक्षा पर जोर देते हैं।
रोजाना सनस्क्रीन लगाने से निशान कभी काला नहीं पड़ता। 5 से 7 दिनों में सामान्य दिनचर्या बहाल हो जाती है।
विशेष सावधानियां, जीवनशैली और दीर्घकालिक देखभाल के प्रश्नक्या सर्जरी के तुरंत बाद धूप का चश्मा (Sunglasses After Surgery) पहन सकते हैं?
#
क्या सर्जरी के तुरंत बाद धूप का चश्मा (Sunglasses After Surgery) पहन सकते हैं?
#हाँ, सर्जरी के तुरंत बाद बड़ा, 100% यूवी-प्रोटेक्टेड धूप का चश्मा पहनना बहुत फायदेमंद और जरूरी होता है, जो तेज रोशनी, धूल और धूप से पूरी सुरक्षा देता है, जैसा डॉ. विशाल पुरोहित बताते हैं।
धूप का चश्मा केवल स्टाइल के लिए नहीं, बल्कि सर्जरी के बाद का एक बहुत महत्वपूर्ण सुरक्षा कवच है। इसके तीन बड़े फायदे हैं: पहला, सर्जरी के बाद शुरुआती कुछ दिन आंखें तेज रोशनी के प्रति थोड़ी संवेदनशील होती हैं, जिसे काला चश्मा तुरंत शांत कर देता है। दूसरा, यह हवा में उड़ने वाली धूल और प्रदूषण को आंखों के टांकों तक नहीं पहुंचने देता। तीसरा, यह शुरुआती सूजन और हल्के नीले निशानों को पूरी तरह छुपा लेता है जिससे आप बिना किसी झिझक के सर्जरी के अगले ही दिन बाहर घूम सकते हैं और किसी को पता भी नहीं चलता। ऐसा हल्का चश्मा चुनें जो नाक पर आराम से टिके और पलकों को न छुए। जयपुर में डॉ. पुरोहित सलाह देते हैं।
काला चश्मा रोशनी से राहत देता है और निशानों को छुपाता है। 5 से 7 दिनों में काम शुरू हो जाता है।
विशेष सावधानियां, जीवनशैली और दीर्घकालिक देखभाल के प्रश्नयदि सर्जरी के नतीजे मनचाहे न लगें तो क्या करना (Unhappy With Result) चाहिए?
#
यदि सर्जरी के नतीजे मनचाहे न लगें तो क्या करना (Unhappy With Result) चाहिए?
#धैर्य रखें और कम से कम 6 से 12 महीने का समय दें क्योंकि शुरुआती असमान सूजन धीरे-धीरे ठीक होती है, और अपने सर्जन से खुलकर बात करें, जैसा डॉ. विशाल पुरोहित समझाते हैं।
सर्जरी के 2 से 6 हफ्तों के दौरान घबराना बिल्कुल स्वाभाविक है लेकिन अनुचित है। इस समय दोनों आंखों में सूजन अलग-अलग गति से उतरती है, जिससे एक आंख दूसरी से थोड़ी अलग दिख सकती है। यह स्थिति पूरी तरह अस्थायी होती है। अंदर के ऊतकों को पूरी तरह मुलायम होने और अंतिम रूप लेने में कम से कम 6 से 9 महीने का समय लगता है। इसलिए जल्दबाजी में कोई राय न बनाएं। अपने डॉक्टर से लगातार संपर्क में रहें। यदि पूरे एक साल बाद भी कोई वास्तविक कमी या असमानता रह जाती है, तो डॉ. विशाल पुरोहित बहुत ही सुरक्षित और सटीक रिवीजन सर्जरी से उस कमी को पूरी तरह सुधार देते हैं। जयपुर में डॉ. पुरोहित पूरा सहयोग देते हैं।
पूर्ण हीलिंग के लिए समय दें; किसी भी कमी का रिवीजन द्वारा पक्का समाधान संभव है। 5 से 7 दिनों में काम शुरू हो जाता है।
विशेष सावधानियां, जीवनशैली और दीर्घकालिक देखभाल के प्रश्नसफल ब्लेफेरोप्लास्टी का सबसे महत्वपूर्ण कारक क्या (Most Important Factor For Success) है?
#
सफल ब्लेफेरोप्लास्टी का सबसे महत्वपूर्ण कारक क्या (Most Important Factor For Success) है?
#सबसे महत्वपूर्ण कारक एक अनुभवी, एम.सीएच. प्लास्टिक सर्जन का चयन करना है जो आपकी विशिष्ट बनावट के अनुसार सुरक्षित और प्राकृतिक तकनीक अपनाए, जैसा। डॉ. विशाल पुरोहित करते हैं।
हालांकि मरीज की सेहत और बाद की देखभाल भी बहुत मायने रखती है, लेकिन 90% सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि सर्जरी किसने की है। एक सिद्धहस्त प्लास्टिक सर्जन आधा-आधा मिलीमीटर नापकर काम करता है, चर्बी को बेवजह फेंकने के बजाय संभालकर रखता है, पलक की मांसपेशियों को कोई नुकसान नहीं पहुंचाता और चीरे को प्राकृतिक सिलवट में ऐसे छिपाता है कि वह कभी दिखे ही नहीं। वे आंख के प्राकृतिक बादामी आकार को बिगाड़े बिना उसे 10-15 साल युवा बना देते हैं। डॉ. विशाल पुरोहित का गहन अनुभव, आधुनिक तकनीक और कलात्मक दृष्टि ही आपके जीवन भर के सुंदर और सुरक्षित नतीजों की सबसे बड़ी गारंटी है। जयपुर में डॉ. पुरोहित उत्कृष्टता के प्रतीक हैं।
अनुभवी एम.सीएच. प्लास्टिक सर्जन का चयन ही प्राकृतिक और सुरक्षित परिणामों की सबसे बड़ी कुंजी है। 5 से 7 दिनों में काम शुरू हो जाता है।
