ब्लेफेरोप्लास्टी (पलकों की सर्जरी) | ब्लेफेरोप्लास्टी (आईलिड सर्जरी) के बुनियादी प्रश्न
चिकित्सीय रूप से प्रमाणित व समीक्षित: प्रमाणित: डॉ. विशाल पुरोहित (MCh प्लास्टिक सर्जरी) • RMC Reg. 28041/14185 • अक्टूबर 2026
ब्लेफेरोप्लास्टी (आईलिड सर्जरी) के बुनियादी प्रश्नकॉस्मेटिक ब्रेकियोप्लास्टी क्या है (What is Cosmetic Blepharoplasty)?
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कॉस्मेटिक ब्रेकियोप्लास्टी क्या है (What is Cosmetic Blepharoplasty)?
#कॉस्मेटिक ब्लेफेरोप्लास्टी एक विशेष सौंदर्य पलक सर्जरी है जिसके द्वारा अतिरिक्त ढीली त्वचा को हटाया जाता है, उभरी हुई चर्बी को सुधारा जाता है और थकी हुई आंखों को युवा रूप दिया जाता है, जैसा। डॉ. विशाल पुरोहित करते हैं।
उम्र बढ़ने के साथ आंखों के चारों ओर की त्वचा पतली हो जाती है और अंदरूनी झिल्ली (ऑर्बिटल सेप्टम) कमजोर पड़ने लगती है, जिससे आंखों के पीछे की प्राकृतिक चर्बी बाहर की तरफ उभरकर बैग जैसी दिखने लगती है। कॉस्मेटिक ब्लेफेरोप्लास्टी में इस अतिरिक्त लटकती त्वचा और उभरी हुई चर्बी को बहुत सूक्ष्म तकनीक से ठीक किया जाता है। ऊपरी पलकों पर सिलवटें ठीक की जाती हैं और निचली पलकों के नीचे के गड्ढों व थैलियों को सपाट किया जाता है। जयपुर में डॉ. विशाल पुरोहित प्राकृतिक बनावट को सुरक्षित रखते हुए आंखों को एक ताज़ा और आकर्षक रूप प्रदान करते हैं।
आंखों का भारीपन और थकावट हमेशा के लिए समाप्त हो जाती है। 5 से 7 दिनों में टांके हटाए जाते हैं और मरीज सामान्य काम पर लौट सकते हैं।
ब्लेफेरोप्लास्टी (आईलिड सर्जरी) के बुनियादी प्रश्नआईलिड सर्जरी (Eyelid Surgery) क्या होती है?
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आईलिड सर्जरी (Eyelid Surgery) क्या होती है?
#आईलिड सर्जरी, जिसे चिकित्सकीय भाषा में ब्लेफेरोप्लास्टी कहा जाता है, ऊपरी या निचली पलकों की ढीली त्वचा और उभरी हुई चर्बी को हटाकर आंखों को सुंदर बनाने की सर्जरी है, जो। डॉ. विशाल पुरोहित द्वारा की जाती है।
आंखों की पलकों की त्वचा शरीर में सबसे पतली और नाजुक होती है। धूप, तनाव या आनुवंशिक कारणों से यह त्वचा जल्दी ढीली होकर पलकों पर लटकने लगती है, जिससे आंखें छोटी और थकी हुई लगती हैं। निचली पलकों के नीचे चर्बी फूलने से स्थायी सूजन (आई बैग्स) बन जाती है। आईलिड सर्जरी में इन दोनों समस्याओं का जड़ से समाधान किया जाता है। डॉ. विशाल पुरोहित माइक्रो-सर्जिकल तकनीकों से अतिरिक्त त्वचा और फैट को इस तरह संतुलित करते हैं कि आंखों की प्राकृतिक सुंदरता निखर कर सामने आती है। जयपुर में डॉ. पुरोहित विशेषज्ञ हैं।
पलकों का ढीलापन और सूजन पूरी तरह ठीक हो जाती है। 5 से 7 दिनों में टांके हटते हैं और एक हफ्ते में काम शुरू हो जाता है।
ब्लेफेरोप्लास्टी (आईलिड सर्जरी) के बुनियादी प्रश्नआई बैग सर्जरी (Eye Bag Surgery) क्या होती है?
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आई बैग सर्जरी (Eye Bag Surgery) क्या होती है?
#आई बैग सर्जरी निचली पलकों की एक विशेष सर्जरी है जिसमें आंखों के नीचे उभरे हुए चर्बी के गुच्छों को हटाकर या पुनर्व्यवस्थित करके गड्ढों को भरा जाता है, जैसा। डॉ. विशाल पुरोहित करते हैं।
आंखों के नीचे बनने वाले बैग कोई साधारण सूजन नहीं होते बल्कि यह आंख के सॉकेट से आगे खिसकी हुई प्राकृतिक चर्बी होती है। जब आंख की अंदरूनी सहायक झिल्ली कमजोर हो जाती है, तो तीन अलग-अलग फैट पैड आगे की ओर उभर आते हैं, जिससे आंखों के नीचे स्थायी थैलियां और काले साये बन जाते हैं। आई बैग सर्जरी में पलक के अंदरूनी हिस्से से (बिना किसी बाहरी निशान के) इस चर्बी को निकाला जाता है या नीचे के गड्ढे (टीयर ट्रफ) में फैलाकर समतल कर दिया जाता है। जयपुर में डॉ. विशाल पुरोहित इसे सुरक्षित रूप से अंजाम देते हैं।
आंखों के नीचे की थैलियां हमेशा के लिए समाप्त हो जाती हैं। 5 से 7 दिनों में सामान्य काम शुरू हो जाता है और 10 से 14 दिनों में पूरी चमक लौट आती है।
ब्लेफेरोप्लास्टी (आईलिड सर्जरी) के बुनियादी प्रश्नक्या ब्लेफेरोप्लास्टी और आईलिड लिफ्ट सर्जरी (Same as Eyelid Lift) एक ही हैं?
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क्या ब्लेफेरोप्लास्टी और आईलिड लिफ्ट सर्जरी (Same as Eyelid Lift) एक ही हैं?
#हाँ, ब्लेफेरोप्लास्टी वैज्ञानिक और चिकित्सीय नाम है जिसे आम बोलचाल में 'आईलिड लिफ्ट सर्जरी' कहा जाता है।
हालांकि इसे 'आईलिड लिफ्ट' कहा जाता है, लेकिन सर्जरी में पलक को केवल ऊपर खींचा नहीं जाता। असल में यह पलक की अतिरिक्त ढीली त्वचा को नापकर हटाने और अंदरूनी उभरी हुई चर्बी को सही जगह बिठाने की एक बहुत ही सूक्ष्म और कलात्मक प्रक्रिया है। यदि केवल त्वचा को खींच दिया जाए तो आंखें खिंची हुई और अप्राकृतिक लग सकती हैं। डॉ. विशाल पुरोहित गहराई में जाकर मांसपेशियों और फेशिया को सहारा देते हैं जिससे आंखें बिना किसी खिंचाव के पूरी तरह स्वाभाविक और खुली हुई दिखती हैं। जयपुर में डॉ. पुरोहित इस कला में माहिर हैं।
स्वाभाविक और सुंदर परिणाम सुरक्षित रूप से मिलते हैं। 5 से 7 दिनों में टांके हट जाते हैं और 1 सप्ताह में सामान्य काम शुरू हो जाता है।
ब्लेफेरोप्लास्टी (आईलिड सर्जरी) के बुनियादी प्रश्नब्लेफेरोप्लास्टी और आईलिड लिफ्ट में क्या अंतर (Difference Between Them) है?
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ब्लेफेरोप्लास्टी और आईलिड लिफ्ट में क्या अंतर (Difference Between Them) है?
#चिकित्सीय रूप से दोनों में कोई अंतर नहीं है; दोनों शब्द एक ही सर्जरी के लिए इस्तेमाल होते हैं, हालांकि ब्लेफेरोप्लास्टी में चर्बी और मांसपेशियों का गहरा सुधार शामिल होता है, जैसा। डॉ. विशाल पुरोहित समझाते हैं।
आम बोलचाल में लोग इसे 'आईलिड लिफ्ट' कहते हैं जिससे कभी-कभी मरीजों को लगता है कि इसमें भौंहों को ऊपर उठाया जाएगा या किसी कमजोर नस को ठीक किया जाएगा। लेकिन ब्लेफेरोप्लास्टी एक व्यापक मेडिकल शब्द है जिसका अर्थ है ऊपरी या निचली पलक की अतिरिक्त त्वचा को तराशना, फेशिया को मजबूत करना और चर्बी को सही अनुपात में लाना। यदि पलक की मांसपेशी कमजोर होने से आंख आधी बंद रहती है, तो उसे टोसिस (Ptosis) सर्जरी कहते हैं। डॉ. विशाल पुरोहित परामर्श के दौरान मरीज की सही समस्या की पहचान करके सटीक इलाज चुनते हैं।
सटीक जांच से सबसे उपयुक्त परिणाम मिलते हैं। 5 से 7 दिनों में टांके निकाले जाते हैं।
ब्लेफेरोप्लास्टी (आईलिड सर्जरी) के बुनियादी प्रश्नकॉस्मेटिक और फंक्शनल ब्लेफेरोप्लास्टी में क्या अंतर (Cosmetic vs Functional) है?
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कॉस्मेटिक और फंक्शनल ब्लेफेरोप्लास्टी में क्या अंतर (Cosmetic vs Functional) है?
#कॉस्मेटिक ब्लेफेरोप्लास्टी सुंदरता बढ़ाने और थकी हुई आंखों को ताज़ा करने के लिए की जाती है, जबकि फंक्शनल ब्लेफेरोप्लास्टी नजर में रुकावट डालने वाली भारी लटकती त्वचा को हटाने के लिए की जाती है, जैसा। डॉ. विशाल पुरोहित बताते हैं।
जब ऊपरी पलक की त्वचा बहुत ज्यादा ढीली होकर पलकों के बालों के ऊपर लटक जाती है, तो मरीज को ऊपर और अगल-बगल देखने में परेशानी होने लगती है। इसे 'फंक्शनल' या चिकित्सकीय रूप से आवश्यक ब्लेफेरोप्लास्टी कहा जाता है क्योंकि इससे देखने का दायरा (विजुअल फील्ड) 20 से 30% तक बढ़ जाता है और आंखों का भारीपन दूर होता है। दूसरी ओर, जब कोई व्यक्ति अपनी सुंदरता सुधारने, आई बैग्स हटाने या युवा दिखने के लिए सर्जरी कराता है, तो उसे 'कॉस्मेटिक' कहते हैं। डॉ. विशाल पुरोहित दोनों ही स्थितियों में दृष्टि और सुंदरता दोनों का पूरा ध्यान रखते हैं।
नजर की रुकावट दूर होती है और आंखें आकर्षक बनती हैं। 5 से 7 दिनों में सामान्य दिनचर्या शुरू हो जाती है।
ब्लेफेरोप्लास्टी (आईलिड सर्जरी) के बुनियादी प्रश्नआईलिड सर्जरी के विभिन्न प्रकार (Different Types of Eyelid Surgery) कौन से हैं?
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आईलिड सर्जरी के विभिन्न प्रकार (Different Types of Eyelid Surgery) कौन से हैं?
#मुख्य प्रकारों में अपर ब्लेफेरोप्लास्टी (ऊपरी पलक), लोअर ब्लेफेरोप्लास्टी (निचली पलक), ट्रांसकंजंक्टाइवल (बिना बाहरी निशान वाली), डबल आईलिड और फोर-लिड सर्जरी शामिल हैं, जो। डॉ. विशाल पुरोहित द्वारा की जाती हैं।
आईलिड सर्जरी को आंखों की अलग-अलग समस्याओं के आधार पर बांटा जाता है। 'अपर ब्लेफेरोप्लास्टी' में ऊपरी पलक की लटकती त्वचा हटाई जाती है। 'लोअर ब्लेफेरोप्लास्टी' में आंखों के नीचे के बैग्स और झुर्रियां हटाई जाती हैं। यदि त्वचा ढीली न हो और केवल चर्बी फूली हो, तो पलक के अंदर से 'ट्रांसकंजंक्टाइवल' सर्जरी की जाती है जिसमें बाहर कोई निशान नहीं आता। यदि चारों पलकों (दोनों ऊपर और दोनों नीचे) में समस्या हो, तो 'फोर-लिड' सर्जरी की जाती है। एशियाई मरीजों में क्रीज बनाने के लिए 'डबल आईलिड' सर्जरी होती है। जयपुर में डॉ. पुरोहित विशेषज्ञ हैं।
व्यक्तिगत योजना से सटीक और संतुलित परिणाम मिलते हैं। 5 से 7 दिनों में टांके हटते हैं।
ब्लेफेरोप्लास्टी (आईलिड सर्जरी) के बुनियादी प्रश्नअपर आईलिड ब्लेफेरोप्लास्टी (Upper Eyelid Blepharoplasty) क्या है?
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अपर आईलिड ब्लेफेरोप्लास्टी (Upper Eyelid Blepharoplasty) क्या है?
#अपर आईलिड ब्लेफेरोप्लास्टी ऊपरी पलक की सर्जरी है जिसमें पलक पर लटकती अतिरिक्त त्वचा और भीतरी चर्बी को हटाकर प्राकृतिक क्रीज को साफ और सुंदर बनाया जाता है, जैसा। डॉ. विशाल पुरोहित करते हैं।
जब ऊपरी पलक की त्वचा ढीली होकर पलकों पर लटकने लगती है, तो आंखें हुडेड (ढकी हुई) और उम्रदराज दिखने लगती हैं। महिलाओं में मेकअप लगाना मुश्किल हो जाता है और आंखें भारी महसूस होती हैं। इस सर्जरी में डॉ. विशाल पुरोहित पलक की स्वाभाविक सिलवट (क्रीज) के अंदर एक बहुत बारीक चीरा लगाते हैं। वहाँ से लटकती हुई त्वचा और नाक के पास उभरी अतिरिक्त चर्बी को मापकर निकाल दिया जाता है। चूंकि कट प्राकृतिक क्रीज के अंदर होता है, इसलिए आंख खोलने पर निशान बिल्कुल दिखाई नहीं देता और आंखें खुली और चमकदार दिखने लगती हैं। जयपुर में डॉ. पुरोहित विशेषज्ञ हैं।
ऊपरी पलकों का भारीपन हमेशा के लिए दूर हो जाता है। 5 से 7 दिनों में टांके हट जाते हैं और 1 हफ्ते में काम शुरू हो जाता है।
ब्लेफेरोप्लास्टी (आईलिड सर्जरी) के बुनियादी प्रश्नलोअर आईलिड ब्लेफेरोप्लास्टी (Lower Eyelid Blepharoplasty) क्या है?
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लोअर आईलिड ब्लेफेरोप्लास्टी (Lower Eyelid Blepharoplasty) क्या है?
#लोअर आईलिड ब्लेफेरोप्लास्टी निचली पलक की सर्जरी है जिसमें आंखों के नीचे उभरे हुए बैग्स को ठीक किया जाता है, काले गड्ढों को भरा जाता है और झुर्रीदार त्वचा को कसा जाता है, जैसा। डॉ. विशाल पुरोहित करते हैं।
निचली पलक में तीन अलग-अलग चर्बी के डिब्बे (फैट कम्पार्टमेंट) होते हैं जो उम्र के साथ या आनुवंशिक कारणों से आगे फूल जाते हैं, जिससे आंखों के नीचे थैलियां बन जाती हैं। लोअर ब्लेफेरोप्लास्टी में यदि त्वचा टाइट हो तो पलक के अंदर से चीरा लगाकर चर्बी हटा दी जाती है जिससे बाहर कोई कट नहीं आता। यदि त्वचा भी लटकी हुई हो, तो पलकों के बालों के ठीक नीचे (सबसिलियरी) एक बारीक चीरा लगाकर अतिरिक्त त्वचा को हटा दिया जाता है और चर्बी को नीचे के गड्ढे में फैला दिया जाता है। इससे आंख और गाल के बीच एक चिकना और सुडौल तालमेल बन जाता है। जयपुर में डॉ. पुरोहित सिद्धहस्त हैं।
आंखों के नीचे की थैलियां और झुर्रियां पूरी तरह गायब हो जाती हैं। 5 से 7 दिनों में सामान्य काम शुरू हो जाता है।
ब्लेफेरोप्लास्टी (आईलिड सर्जरी) के बुनियादी प्रश्नडबल ब्लेफेरोप्लास्टी (Double Blepharoplasty) क्या होती है?
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डबल ब्लेफेरोप्लास्टी (Double Blepharoplasty) क्या होती है?
#डबल ब्लेफेरोप्लास्टी का अर्थ या तो मोनो-लिड (बिना सिलवट वाली पलक) में नई क्रीज बनाना होता है या दोनों आंखों की पलकों की एक साथ सर्जरी करना होता है।
इस शब्द के दो अर्थ होते हैं। एशियाई देशों में कई लोगों की ऊपरी पलक पर स्वाभाविक सिलवट (क्रीज) नहीं होती जिसे 'मोनोलिड' कहते हैं। वहां जब सर्जरी द्वारा एक सुंदर और साफ क्रीज बनाई जाती है, तो उसे 'डबल आईलिड' या 'डबल ब्लेफेरोप्लास्टी' कहा जाता है। दूसरी ओर, सामान्य कॉस्मेटिक सर्जरी में जब कोई मरीज दोनों आंखों (बाईं और दाईं) की एक साथ सर्जरी कराता है, तो उसे भी आम बोलचाल में डबल ब्लेफेरोप्लास्टी कह दिया जाता है। डॉ. विशाल पुरोहित मरीज की जरूरत और चेहरे की बनावट के अनुसार सबसे प्राकृतिक और संतुलित तकनीक का चयन करते हैं। जयपुर में डॉ. पुरोहित अनुभवी हैं।
आंखों में एक सुंदर और प्राकृतिक क्रीज बन जाती है। 5 से 7 दिनों में टांके हटते हैं और एक हफ्ते में काम शुरू हो जाता है।
ब्लेफेरोप्लास्टी (आईलिड सर्जरी) के बुनियादी प्रश्नफोर-आईलिड ब्लेफेरोप्लास्टी (Four-Eyelid Blepharoplasty) क्या होती है?
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फोर-आईलिड ब्लेफेरोप्लास्टी (Four-Eyelid Blepharoplasty) क्या होती है?
#फोर-आईलिड ब्लेफेरोप्लास्टी (क्वाड्री-ब्लेफेरोप्लास्टी) एक संपूर्ण सर्जरी है जिसमें दोनों आंखों की ऊपरी और निचली—चारों पलकों का एक साथ कायाकल्प किया जाता है, जैसा। डॉ. विशाल पुरोहित करते हैं।
अक्सर उम्र बढ़ने पर केवल ऊपर या नीचे की पलक प्रभावित नहीं होती, बल्कि ऊपर की पलकें लटक जाती हैं और नीचे की पलकों पर बैग्स व काले साये बन जाते हैं। यदि केवल एक का ऑपरेशन किया जाए, तो चेहरे पर असंतुलन दिख सकता है। फोर-आईलिड सर्जरी में एक ही बार में चारों पलकों को ठीक किया जाता है। ऊपर की अतिरिक्त त्वचा हटा दी जाती है और नीचे के आई बैग्स व गड्ढों को सपाट कर दिया जाता है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होता है कि मरीज को एक ही बार एनेस्थीसिया लेना पड़ता है और दोनों का रिकवरी समय भी एक साथ पूरा हो जाता है। जयपुर में डॉ. पुरोहित विशेषज्ञ हैं।
पूरे चेहरे की आंखों का क्षेत्र एक साथ जवान और आकर्षक बन जाता है। 5 से 7 दिनों में टांके निकाले जाते हैं।
ब्लेफेरोप्लास्टी (आईलिड सर्जरी) के बुनियादी प्रश्नक्या ऊपरी और निचली पलक की सर्जरी एक साथ (Both Upper and Lower Same Time) हो सकती है?
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क्या ऊपरी और निचली पलक की सर्जरी एक साथ (Both Upper and Lower Same Time) हो सकती है?
#हाँ, ऊपरी और निचली पलकों की सर्जरी नियमित रूप से एक ही समय में एक साथ की जाती है जिससे संपूर्ण सौंदर्य संतुलन मिलता है और समय की बचत होती है, जैसा। डॉ. विशाल पुरोहित करते हैं।
दोनों सर्जरी एक साथ कराना सबसे सुरक्षित, लोकप्रिय और सुविधाजनक तरीका है। मरीज को बार-बार छुट्टी नहीं लेनी पड़ती और न ही दोबारा ऑपरेशन थिएटर जाना पड़ता है। एक ही दिन में पहले ऊपरी पलक की लटकती त्वचा को तराशा जाता है और उसके तुरंत बाद निचली पलक के बैग्स और गड्ढों को ठीक कर दिया जाता है। रिकवरी का समय भी दोनों के लिए समान रहता है। एक सप्ताह के अंदर चारों पलकों के टांके एक साथ हट जाते हैं और मरीज का चेहरा पूरी तरह तरोताजा और संतुलित दिखने लगता है। जयपुर में डॉ. विशाल पुरोहित इस संयुक्त सर्जरी में विशेष रूप से निपुण हैं।
एक ही रिकवरी में संपूर्ण संतुलन और सुंदर परिणाम मिल जाते हैं। 5 से 7 दिनों में सामान्य काम शुरू हो जाता है।
ब्लेफेरोप्लास्टी (आईलिड सर्जरी) के बुनियादी प्रश्नकॉस्मेटिक आईलिड सर्जरी किन समस्याओं को ठीक (What Problems Corrected) कर सकती है?
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कॉस्मेटिक आईलिड सर्जरी किन समस्याओं को ठीक (What Problems Corrected) कर सकती है?
#यह सर्जरी ऊपरी पलकों की लटकती त्वचा, आंखों का भारीपन, निचली पलकों के उभरे हुए बैग्स, आंखों के नीचे के गहरे गड्ढे और चेहरे की थकी हुई बनावट को पूरी तरह ठीक करती है, जैसा। डॉ. विशाल पुरोहित बताते हैं।
आईलिड सर्जरी आंखों की कई समस्याओं का पक्का इलाज करती है: ऊपरी पलक पर त्वचा इतनी लटकना कि आईलाइनर लगाना मुश्किल हो जाए या नजर दबने लगे; नाक के पास चर्बी का उभार; आंखों के नीचे स्थायी थैलियां (आई बैग्स) जो नींद पूरी होने पर भी नहीं जातीं; आंखों के नीचे काले गड्ढे (टीयर ट्रफ) और निचली पलक की झुर्रियां। सर्जरी से ये सभी संरचनात्मक कमियां ठीक हो जाती हैं। चेहरा अचानक 10 साल छोटा और पूरी तरह फ्रेश लगने लगता है। लोग यह तो पहचानते हैं कि आप बहुत सुंदर और फ्रेश लग रहे हैं, लेकिन कोई यह नहीं कह सकता कि सर्जरी हुई है। जयपुर में डॉ. पुरोहित विशेषज्ञ हैं।
थकान और बुढ़ापे के सभी लक्षण हमेशा के लिए मिट जाते हैं। 5 से 7 दिनों में टांके हटते हैं।
ब्लेफेरोप्लास्टी (आईलिड सर्जरी) के बुनियादी प्रश्नक्या ब्लेफेरोप्लास्टी में त्वचा, चर्बी या मांसपेशी हटाई (Remove Skin, Fat, or Muscle) जाती है?
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क्या ब्लेफेरोप्लास्टी में त्वचा, चर्बी या मांसपेशी हटाई (Remove Skin, Fat, or Muscle) जाती है?
#ब्लेफेरोप्लास्टी में मरीज की जरूरत के अनुसार अतिरिक्त त्वचा, थोड़ी सी मांसपेशी और चर्बी को हटाया या पुनर्व्यवस्थित किया जाता है, चर्बी को सुरक्षित रखने पर जोर दिया जाता है, जैसा। डॉ. विशाल पुरोहित करते हैं।
पुराने समय में डॉक्टर आंख के चारों ओर की चर्बी और मांसपेशियों को बहुत ज्यादा काट देते थे, जिससे कुछ सालों बाद आंखें अंदर धंस जाती थीं और खोखली लगने लगती थीं। आधुनिक प्लास्टिक सर्जरी में ऐसा बिल्कुल नहीं किया जाता। डॉ. विशाल पुरोहित ऊपरी पलक की केवल अतिरिक्त लटकती त्वचा और नाक के पास की फूली हुई चर्बी को नापकर हटाते हैं, जबकि बीच की चर्बी को बचाकर रखते हैं। निचली पलक में चर्बी को फेंकने के बजाय उसे नीचे के गड्ढे में फैला दिया जाता है ताकि चेहरा भरा-भरा और प्राकृतिक दिखे। इसे 'वॉल्यूम प्रिजर्विंग ब्लेफेरोप्लास्टी' कहते हैं। जयपुर में डॉ. पुरोहित इस तकनीक में अग्रणी हैं।
प्राकृतिक भराव सुरक्षित रहता है और खोखलापन नहीं आता। 5 से 7 दिनों में टांके हट जाते हैं।
ब्लेफेरोप्लास्टी (आईलिड सर्जरी) के बुनियादी प्रश्नक्या आईलिड सर्जरी से आंखों का प्राकृतिक आकार (Change Shape of Eyes) बदल जाता है?
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क्या आईलिड सर्जरी से आंखों का प्राकृतिक आकार (Change Shape of Eyes) बदल जाता है?
#नहीं, सही तकनीक से की गई सर्जरी से आंखों का प्राकृतिक आकार बिल्कुल नहीं बदलता; यह केवल अतिरिक्त त्वचा और चर्बी को हटाकर आपकी असली आंखों को निखारती है, जैसा। डॉ. विशाल पुरोहित सुनिश्चित करते हैं।
कई मरीजों को यह डर रहता है कि सर्जरी के बाद उनकी आंखें गोल, खिंची हुई या चौंकी हुई जैसी दिखने लगेंगी। यह समस्या केवल तभी आती है जब कोई अनुभवहीन डॉक्टर बहुत ज्यादा त्वचा काट दे या पलक के कोने (कैंथस) को सहारा न दे। डॉ. विशाल पुरोहित सर्जरी से पहले कैलीपर से बहुत सटीक नाप लेते हैं और पलक की सहायक मांसपेशियों को मजबूत सहारा देते हैं। इससे आपकी आंखों का जो स्वाभाविक आकार (बादामी, गोल या स्वाभाविक ढलान) है, वह 100% वैसा ही रहता है। बस थकावट और लटकन हट जाती है और आंखें ताज़ा दिखने लगती हैं। जयपुर में डॉ. पुरोहित प्राकृतिक रूप के विशेषज्ञ हैं।
आंखों का स्वाभाविक रूप पूरी तरह सुरक्षित रहता है। 5 से 7 दिनों में सामान्य काम शुरू हो जाता है।
ब्लेफेरोप्लास्टी (आईलिड सर्जरी) के बुनियादी प्रश्नक्या ब्लेफेरोप्लास्टी से आंखें बड़ी दिखने (Make Eyes Look Bigger) लगती हैं?
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क्या ब्लेफेरोप्लास्टी से आंखें बड़ी दिखने (Make Eyes Look Bigger) लगती हैं?
#हाँ, पलकों पर लटकती हुई त्वचा का पर्दा हटने से आंखों की पुतली पूरी तरह दिखाई देने लगती है जिससे आंखें प्राकृतिक रूप से बड़ी और चमकदार दिखने लगती हैं, जैसा। डॉ. विशाल पुरोहित समझाते हैं।
जब ऊपरी पलक की त्वचा ढीली होकर पलकों के बालों पर झुक जाती है, तो वह आंख के ऊपरी हिस्से को ढक लेती है। इससे आंखें आधी बंद और छोटी नजर आती हैं। सर्जरी में जब इस अतिरिक्त त्वचा को हटा दिया जाता है, तो आंख की पुतली (आईरिस) पर पड़ने वाली छाया खत्म हो जाती है और उस पर रोशनी पूरी तरह पड़ती है। यद्यपि आंख का वास्तविक आकार नहीं बदला जाता, लेकिन ऑप्टिकल रूप से आंखें बहुत खुली, बड़ी, सचेत और चमकदार दिखाई देने लगती हैं। चेहरे की पूरी चमक लौट आती है। जयपुर में डॉ. विशाल पुरोहित आंखों को एक सुंदर और चमकदार लुक देते हैं।
आंखें स्वाभाविक रूप से बड़ी और खुली दिखती हैं। 5 से 7 दिनों में टांके हटते हैं।
ब्लेफेरोप्लास्टी (आईलिड सर्जरी) के बुनियादी प्रश्नक्या आईलिड सर्जरी से पूरा चेहरा जवान दिखने (Face Look Younger) लगता है?
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क्या आईलिड सर्जरी से पूरा चेहरा जवान दिखने (Face Look Younger) लगता है?
#हाँ, आईलिड सर्जरी से पूरा चेहरा 5 से 10 साल छोटा और युवा दिखने लगता है, क्योंकि जब कोई आपसे बात करता है तो उसका सबसे पहला ध्यान आपकी आंखों पर ही जाता है, जैसा। डॉ. विशाल पुरोहित बताते हैं।
चेहरे के आकर्षण में आंखों का 70% से ज्यादा योगदान होता है। जब आंखों पर ढीली त्वचा लटकती है या नीचे काले बैग्स बने रहते हैं, तो बाकी चेहरा कितना भी अच्छा हो, व्यक्ति उम्रदराज और थका हुआ ही नजर आता है। ब्लेफेरोप्लास्टी सर्जरी से जब आंखों के चारों ओर की लटकन और गड्ढे ठीक हो जाते हैं, तो पूरे चेहरे का लुक एक साथ बदल जाता है। आंखें तरोताजा दिखने लगती हैं और चेहरे की स्वाभाविक चमक वापस आ जाती है। यह प्लास्टिक सर्जरी की सबसे संतोषजनक और प्रभावी प्रक्रियाओं में से एक है। जयपुर में डॉ. विशाल पुरोहित से इलाज कराने वाले मरीज बहुत खुश रहते हैं।
पूरा चेहरा कई साल छोटा और जीवंत लगने लगता है। 5 से 7 दिनों में सामान्य दिनचर्या बहाल हो जाती है।
ब्लेफेरोप्लास्टी (आईलिड सर्जरी) के बुनियादी प्रश्नक्या ब्लेफेरोप्लास्टी से चेहरे की थकावट (Make Face Look Less Tired) दूर होती है?
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क्या ब्लेफेरोप्लास्टी से चेहरे की थकावट (Make Face Look Less Tired) दूर होती है?
#हाँ, ब्लेफेरोप्लास्टी उन लोगों के लिए सबसे अचूक इलाज है जिनका चेहरा हमेशा थका हुआ दिखता है; यह उन लटकती सिलवटों और बैग्स को हटाती है जो चेहरे पर थकान की छाया डालते हैं, जैसा। डॉ. विशाल पुरोहित करते हैं।
कई मरीज क्लिनिक आकर बताते हैं कि वे रात में 8 घंटे की पूरी नींद लेते हैं, फिर भी सुबह उठते ही लोग उनसे पूछते हैं कि 'क्या आप थके हुए हैं या बीमार हैं?' इसका कारण कोई नींद की कमी नहीं होती बल्कि आंखों के नीचे फूली हुई चर्बी और ऊपर लटकती चमड़ी होती है जो हर समय आंखों के नीचे अंधेरा और छाया बनाए रखती है। कोई भी क्रीम या फेस वॉश इस शारीरिक उभार को ठीक नहीं कर सकता। ब्लेफेरोप्लास्टी से जब यह चर्बी और लटकन हट जाती है, तो छाया खत्म हो जाती है और चेहरा हमेशा ऊर्जावान, ताजा और खुशमिजाज नजर आता है। जयपुर में डॉ. पुरोहित विशेषज्ञ हैं।
चेहरे की स्थायी थकावट हमेशा के लिए गायब हो जाती है। 5 से 7 दिनों में सामान्य काम शुरू हो जाता है।
ब्लेफेरोप्लास्टी (आईलिड सर्जरी) के बुनियादी प्रश्नक्या आईलिड सर्जरी से चेहरे के भाव (Change Facial Expressions) बदल जाते हैं?
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क्या आईलिड सर्जरी से चेहरे के भाव (Change Facial Expressions) बदल जाते हैं?
#नहीं, आईलिड सर्जरी से चेहरे के हाव-भाव पर कोई असर नहीं पड़ता; आपकी मुस्कान, आंखों का मटकना और सभी भावनाएं पहले की तरह पूरी तरह स्वाभाविक रहती हैं, जैसा। डॉ. विशाल पुरोहित स्पष्ट करते हैं।
चेहरे पर हंसने, मुस्कुराने या बात करने के भाव चेहरे की विशेष नसों (फेशियल नर्व) और मांसपेशियों से आते हैं। आईलिड सर्जरी बहुत ही सतही परत पर होती है और चेहरे की मुख्य नसों को बिल्कुल नहीं छूती। डॉ. विशाल पुरोहित पलक की मांसपेशियों को पूरी तरह सुरक्षित रखते हैं। सर्जरी के बाद जब आप हंसेंगे, मुस्कुराएंगे या कोई भाव देंगे, तो वह बिल्कुल पहले जैसा ही स्वाभाविक दिखेगा। केवल इतना फर्क आएगा कि अब हंसते समय आंखों के नीचे भद्दे बैग्स या ऊपर लटकती झुर्रियां नहीं दिखेंगी। आपका स्वाभाविक व्यक्तित्व 100% बरकरार रहता है। जयपुर में डॉ. पुरोहित सुरक्षित तकनीक अपनाते हैं।
मुस्कान और सभी भाव पूरी तरह स्वाभाविक रहते हैं। 5 से 7 दिनों में सामान्य काम शुरू हो जाता है।
ब्लेफेरोप्लास्टी (आईलिड सर्जरी) के बुनियादी प्रश्नब्लेफेरोप्लास्टी और टोसिस सर्जरी में क्या अंतर (Blepharoplasty vs Ptosis Surgery) है?
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ब्लेफेरोप्लास्टी और टोसिस सर्जरी में क्या अंतर (Blepharoplasty vs Ptosis Surgery) है?
#ब्लेफेरोप्लास्टी में अतिरिक्त त्वचा और चर्बी हटाई जाती है, जबकि टोसिस सर्जरी में पलक उठाने वाली कमजोर मांसपेशी (लिवेटर मसल) को कसकर पलक को ऊपर उठाया जाता है, जैसा। डॉ. विशाल पुरोहित समझाते हैं।
यह अंतर समझना बहुत जरूरी है। जब केवल त्वचा ढीली होकर लटकती है लेकिन पलक की कोर अपनी सामान्य जगह पर होती है, तो उसे 'डर्मेटोकैलासिस' कहते हैं और इसका इलाज ब्लेफेरोप्लास्टी है। लेकिन यदि पलक उठाने वाली अंदरूनी मांसपेशी ढीली पड़ जाए और पलक की पूरी किनारी ही पुतली के ऊपर झुक जाए जिससे आंख आधी बंद दिखे, तो उसे 'टोसिस' कहते हैं। टोसिस में अंदरूनी मांसपेशी (लिवेटर एपोन्यूरोसिस) को छोटा करके टांका लगाया जाता है। कई मरीजों में दोनों समस्याएं एक साथ होती हैं, जिसे डॉ. विशाल पुरोहित एक ही ऑपरेशन में पूरी तरह ठीक कर देते हैं। जयपुर में डॉ. पुरोहित दोनों के विशेषज्ञ हैं।
सही निदान से सही इलाज सुनिश्चित होता है। 5 से 7 दिनों में टांके निकाले जाते हैं।
