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इयरलोब रिपेयर (कान की सिलाई)

इयरलोब रिपेयर (कान की सिलाई) | सर्जिकल तकनीक और सिलाई के तरीके

प्रमाणित: डॉ. विशाल पुरोहित (MCh प्लास्टिक सर्जरी) • RMC Reg. 28041/14185 • अक्टूबर 2026

प्रमाणित चिकित्सीय उत्तर
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कान सिलते समय नीचे गड्ढा या नॉच न बने, इसके लिए सर्जन क्या तकनीक अपनाते हैं?

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कान के नीचे गड्ढा (नॉच) बनने से रोकने के लिए सर्जन सीधी सिलाई के बजाय जेड-प्लास्टी (Z-plasty) या फ्लैप तकनीक का उपयोग करते हैं।

क्लिनिकल प्रमाण एवं पैथोलॉजी (Clinical Context)

सीधे टांके सूखने पर नीचे की त्वचा को ऊपर खींच लेते हैं जिससे कान का निचला गोल हिस्सा कट जैसा दिखने लगता है। फ्लैप तकनीक इस खिंचाव को बांट देती है और कान का निचला किनारा बिल्कुल गोल रहता है।

सर्जिकल रिकवरी एवं पोस्ट-ऑप प्रोटोकॉल

बेहद बारीक 6-0 धागों से सिलाई की जाती है जिससे कोई निशान नहीं छूटता।

समीक्षक:Dr. Vishal Purohit, MBBS, MS, MCh (Plastic Surgery)•RMC पंजीकरण 28041/14185•अंतिम समीक्षा: अक्टूबर 2026
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