ऑपरेशन के दिन क्या अपेक्षा रखें? एक संपूर्ण गाइड
जब कोई मरीज़ सर्जरी के लिए जाता है, तो ऑपरेशन थिएटर के अंदर क्या होगा, यह न जानना सबसे बड़ा डर होता है। इस पूरी प्रक्रिया को चरण-दर-चरण समझकर आप पूरी तरह आश्वस्त और शांत मन से सर्जरी का सामना कर सकते हैं।
यहाँ जयपुर में डॉ. विशाल पुरोहित के क्लिनिकल प्रोटोकॉल के आधार पर पूरी यात्रा का विवरण दिया गया है।
चरण 1: प्री-ऑपरेटिव तैयारी और प्रवेश
- अस्पताल पहुंचने के बाद नर्सिंग टीम आपके वाइटल्स (बीपी, पल्स, शुगर) की जांच करती है।
- सर्जिकल क्षेत्र की जांच की जाती है और एंटीबायोटिक की प्री-ऑप डोज़ दी जाती है।
- एनेस्थेटिस्ट आपसे मिलकर स्वास्थ्य इतिहास की अंतिम पुष्टि करते हैं।
चरण 2: ऑपरेशन थिएटर में पोज़िशनिंग और एनेस्थीसिया
- प्रोन जैकनाइफ पोज़िशन (Prone Jackknife Position): मरीज़ को पेट के बल लिटाया जाता है, और नितंबों के नीचे विशेष पैडिंग लगाई जाती है ताकि सर्जिकल क्षेत्र का स्पष्ट दृश्य मिले।
- एनेस्थीसिया: चुने गए विकल्प के अनुसार स्पाइनल एनेस्थीसिया या सेडेशन के साथ लोकल ब्लॉक दिया जाता है। आपको कोई दर्द महसूस नहीं होता।
चरण 3: रोग की मैपिंग और निष्कासन
- मिथाइलीन ब्लू मैपिंग (Methylene Blue Dye): एक विशेष नीली डाई को साइनस के बाहरी छेदों में इंजेक्ट किया जाता है। यह डाई अंदर की सभी छिपी हुई नलियों और शाखाओं को रंग देती है, जिससे कोई भी रोगग्रस्त हिस्सा छूटने का जोखिम खत्म हो जाता है।
- सटीक एक्सिशन: प्लास्टिक सर्जन केवल नीले रंग वाली रोगग्रस्त नलियों और मृत रेशों को हटाते हैं, स्वस्थ मांसपेशियों और ऊतकों को पूरी तरह सुरक्षित रखा जाता है।
चरण 4: फ्लैप पुनर्निर्माण और टांके
- यदि लिम्बर्ग या कैर्यडाकिस तकनीक का उपयोग किया जा रहा है, तो स्वस्थ त्वचा और वसा के फ्लैप को घुमाकर खाली जगह में पूरी तरह फिट किया जाता है।
- अंदरूनी परतों को अवशोषित होने वाले (Absorbable) टांकों से बंद किया जाता है ताकि कोई मृत स्थान न बचे।
- एक सूक्ष्म सक्शन ड्रेन लगाया जाता है और वाटरप्रूफ ड्रेसिंग की जाती है।
चरण 5: रिकवरी और डिस्चार्ज
- सर्जरी में आमतौर पर 45 से 75 मिनट का समय लगता है।
- इसके बाद 2-3 घंटे रिकवरी रूम में निगरानी में रखा जाता है।
- डे-केयर मामलों में मरीज़ उसी शाम घर जा सकते हैं, जबकि बड़े फ्लैप मामलों में अगले दिन सुबह आरामदायक स्थिति में डिस्चार्ज कर दिया जाता है।
